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रविवार, फ़रवरी 05, 2012

अब...मेरी माँ को कौन दिलासा देगा ?

अब हमें भी पता नहीं कितने दिन जेल की सलाखों को पकड़कर खड़ा रहना होगा, क्योंकि हमारे देश में कानून पूंजीपतियों, राजनीतिज्ञों और महिलाओं की बाप की जागीर बन गया है.
लो दोस्तों, हमारा आपका बस थोड़े से ही दिनों का साथ था. मैं अक्सर कहता था कि देशप्रेम में पागल और सिरफिरे लोगों का स्वागत फ़िलहाल "जेल" में किया जाता है. अब हम तो जेल में जा रहे हैं. हम अपनी पत्नी के द्वारा धारा 498A और 406 के तहत दर्ज करवाए झूठे केसों (एफ.आई.आर नं. 138/2010 थाना-मोतीनगर,दिल्ली) में आठ फरवरी को तीस हजारी के कमरे नं. 138 में आत्मसमपर्ण कर रहे हैं. पुलिस के पास सबूत नहीं थें. इसलिए आज तक मुझे गिरफ्तार नहीं किया था. अब केस दर्ज हुए लगभग दो साल हो चुके है. अब कोर्ट का वारंट पुलिस लेकर आई थीं. कल संयोगवश घर पर नहीं था. तब वारंट देकर चली गई. कोर्ट का सम्मान करना मेरा फर्ज है. पिछले नौ महीने से बिलकुल बेरोजगार बैठा हूँ और सारा काम भी लगभग चार साल से बंद था. बिना वकील के ही जज को अपनी गिरफ्तारी दे रहा हूँ. जेल जाने की तारीख निश्चित है मगर भष्ट और अव्यवस्था के कारण वापिस का कोई पता नहीं है. 
मेरी गिरफ्तारी का वारण्ट 
अपनी हिम्मत तो रखे हुए हूँ लेकिन विधवा माँ को हिम्मत रखने वाले शब्द नहीं बोल पा रहा हूँ. उसके लिए कहाँ से वो शब्द लेकर आऊ जो उसको दिलासा दें ? माँ तो कसूरवार बेटे का सदमा सहन नहीं कर पाती है फिर वेकसुर बेटे के लिए जेल जाने का सदमा कैसे सहन करें, कल से मम्मी से ठीक से खाना भी नहीं खाया जा रहा है. क्या करूँ कुछ समझ नहीं आ रहा है ? कल (चार फरवरी) ही मेरे पिताजी की चौथी पुण्यतिथि थीं. जब पुलिस आई थीं, तब काफी परेशान हो गई थीं. हर रोज थोड़ी देर बैठकर माँ-बेटा अपना दुःख दर्द कह लेते थें.एक-दूसरे को दिलासा दे लेते थें और हिम्मत बढ़ा दिया करते थें. अब......मेरी माँ को कौन दिलासा देगा और हिम्मत बढ़ेगा?

आज कुछ लड़कियाँ और उसके परिजन धारा 498A और 406 को लेकर इसका दुरूपयोग कर रही है. हमारे देश के अन्धिकाश भोगविलास की वस्तुओं के लालच में और डरपोक पुलिस अधिकारी व जज इनका कुछ नहीं बिगाड पाते हैं क्योंकि यह हमारे देश के सफेदपोश नेताओं के गुलाम बनकर रह गए हैं. इनका जमीर मर चुका है. यह अपने कार्य के नैतिक फर्ज भूलकर सिर्फ सैलरी लेने वाले जोकर बनकर रह गए हैं. असली पीड़ित लड़कियाँ तो न्याय प्राप्त करने के लिए दर-दर ठोकर खा रही हैं.  
मेरे खिलाफ झूठ और बिना सबूतों के दर्ज एफ.आई.आर. जिसमें मेरे नाम के साथ ही मेरे बड़े भाइयों के साथ ही मेरी भाभी का नाम भी दर्ज किया गया है. हमारे देश के कानूनों में एक औरत को अपने सुसराल वालों का झूठा नाम लिखवाने की अनुमति मिली हुई है.मगर एक पत्रकार को किसी महिला की पहचान उजागर करने की मनाही है. इसलिए मैंने अपनी पत्नी का नाम इस पेज से हटा दिया है.
 मेरी जमानत तीन बार ख़ारिज हो चुकी है और अश्लील वीडियो फिल्म बनाने का और दहेज का सामान (स्त्रीधन) न लोटने के झूठे आरोपों के कारण जमानत नहीं मिल रही हैं. उत्तमनगर थाने, थाना बिंदापुर और मोतीनगर आदि से लेकर थाना कीर्ति नगर, दिल्ली के वोमंस सैल, सरकारी वकील, जांच अधिकारी, जज को रिश्वत न दे पाने के कारण झूठे सबूतों के आधार पर केस भी दर्ज हो गए और दर्ज केस में मुझे जमानत नहीं मिली. आँखों के अंधे-बहरे जज और पुलिस अधिकारी बिना सबूत मामला दर्ज करते है और जमानत नहीं देते हैं.  
दोस्तों ! बस दुआ करना कि मेरी विधवा माँ का स्वास्थ्य ठीक रहे.जब तक मुझे जेल में रहना पड़े. 72 साल की है, घर के कार्य के सिवाय कुछ नहीं करती है. मेरे बाद में मेरे बड़े भाई के पास रहेगी. लेकिन बड़ा भाई अपने काम पर सवेरे छह बजे चला जाता है और रात को दस बजे आता हैं. खर्च की चिंता नहीं है मगर मानसिक रूप से दिलासा देने की जरूरत है. मेरी मम्मी अनपढ़ है. ज्यादा जानकारी नहीं है. इसलिए ज्यादा डरी हुई है. आप मिलने आने का कष्ट मत उठाये फोन करें, तब बता देना कि आपके बेटे के दोस्त बोल रहे हैं.मेरी मम्मी हिंदी ही समझती है. आपके सहयोग और प्यार के लिए धन्यवाद
दोस्तों ! अगर आपके पास समय हो तो कभी-कभी मेरी माँ के पास मेरा ही एक अन्य फोन नं. 9868566374 पर बात कर लेना और दिलासा देने के साथ ही हिम्मत भी दे देना. आप ज्यादा जानकारी के लिए मेरे ब्लोगों की सभी पोस्टें और मेरी फेसबुक की "वाल" पढ़ें/देखें- www.sach-ka-saamana.blogspot.com (आत्मकथा)

गुरुवार, फ़रवरी 02, 2012

तुम्हारा जन्म लेना सार्थक हो जाएगा

भारत माता की घरती पर तुम्हारा जन्म लेना सार्थक हो जाएगा (सभी जरुर पढ़ें)

मेरे प्रिय दोस्तों,
आप बेशक मेरी दोस्ती के प्रस्ताव को ठुकरा देना. लेकिन एक बार इस "भेजा है निमंत्रण दोस्ती का स्वीकार करों या इंकार करों" विषय को जरा जरूर पढ़ लेना. आज अनाड़ी हूँ फेसबुक, ऑरकुट और ब्लॉग का, मगर मिला तुम दोस्तों का साथ, तब खिलाडी बन जाऊँगा. दे देना थोड़ा सा कुछ साथ मेरा, तब फेसबुक, ऑरकुट और ब्लॉग के द्वारा देश में कुछ नया करके दिखाऊंगा. हो सकता है तुम पत्रकारिता के क्षेत्र में अनाड़ी हो, अगर तुम पत्रकारिता के क्षेत्र में खिलाडी बनाने के इच्छुक हों तब मैं अपने 17 साल के अनुभव से आपको खिलाडी बनाकर दिखा दूँगा. बेशक तुम इतना धन न जोड़ पाओ या भोगविलास की वस्तुओं को न जोड़ सको. लेकिन देश को विकास के क्षेत्र में आगे लेकर जाने में तुम्हारा बहुत बड़ा योगदान होगा. जिससे तुम्हारा मन को शांति मिलेगी और भारत माता की घरती पर तुम्हारा जन्म लेना सार्थक हो जाएगा. भारत माँ और जन्म देने वाली माँ तुम पर फख्र करेंगी. तुम्हारे सहयोग और प्यार की उम्मीद में .......पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ सिरफिरा

शुक्रवार, जनवरी 27, 2012

अनमोल वचन-आठ

1. हर इंसान में कुछ ख़ूबियां होती हैं – बस कुछ लोग अपने अंदर नहीं झांकते 2. कभी भी बहाने न बनाएं. आपके मित्रों को उनकी आवश्‍यकता नहीं है और आपके शत्रु उन पर विश्वास नहीं करेंगे.3.उत्साह खोए बिना एक विफलता से दूसरी की ओर जाने की क्षमता ही सफलता है 4. जो आपके करीब है उन्हें खुश रखें, और जो आपसे दूर हैं वो एक दिन ज़रूर आपके क़रीब आएंगे 5. अच्‍छी पुस्‍तकें, अच्‍छे मित्रों के समान हैं, ये बहुत कम और चुनी हुईं होती हैं; जितना अधिक चयन, उतनी ही अधिक मज़ेदार 6.व्यक्ति को जीवित रहने के लिए साफ छवि की आवश्यकता होती है 7. अच्छा श्रोता केवल लोकप्रिय ही नहीं होता, बल्कि वह कुछ समय बाद कुछ जानने भी लगता है 8. जब लोग बातें करते हैं तो उन्हें ध्यान से सुनें. बहुत से लोग कभी नहीं सुनते.9. आवश्‍यकता आविष्‍कार की जननी है. 10. अधिक उम्र में शिक्षा सबसे अच्छा प्रावधान है. 11.अच्छा श्रोता केवल लोकप्रिय ही नहीं होता, बल्कि वह कुछ समय बाद कुछ जानने भी लगता है 12. दूसरो की गलतियों को उसी रूप में देखें जैसे आप अपनी गलतियों को देखते हैं 13.पूर्वाग्रह विश्लेषण के बिना जन्मा एक विचार मात्र होता है 14. अपने स्रोत को किस तरह छुपाएं ये जानना ही रचनात्मकता का राज़ है. 15. समझदारी दो तरफा मार्ग है 16. केवल अकुशल व्यक्ति ही गलत तरीके अपनाते हैं. 17. प्रयास करने वाले पर ही विश्वास करें. 18. नए मित्र बनाने के लिए सही समय है 17.यदि आप दूसरों को खुश देखना चाहते हैं, तो दयालु बनें. यदि आप खुश रहना चाहते हैं, तो दयालु बनें 18. आज किसी के लिए कोई अच्छा कार्य करके देखें 19. सफलता का मतलब अंत नहीं होता है, विफलता भी घातक नहीं होती: हमेशा आगे बढ़ते रहने का साहस ही महत्व रखता है. 20. कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है. 21 भलाई का कोई भी काम बेकार नहीं जाता, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो 22.महान कार्य करने के लिए आत्म-विश्वास सबसे पहली आवश्यकता है 23. हम जैसा सोचते हैं, हम वैसे हो जाते हैं (पर कृपया खुद को सुपरहीरो न समझें और उड़ने का प्रयास न करें) 24. यदि आप कभी भी डरते नहीं, या असहज नहीं होते, या चोट नहीं खाते, तो इसका अर्थ है कि आप कभी भी प्रयास ही नहीं करते 25. कल के जीवन में बहुत समय है. आज में जीएं 26. शायद मैं वहां नहीं गया, जहां मैं जाना चाहता था, लेकिन मुझे लगता है कि मैने वहां समाप्त किया है जहां मुझे करना चाहिए था. 27. प्रयास करने वाले पर ही विश्वास करें 28. पुराने कामों को पूरा करने का अच्छा समय है 29. ख़ून के बदले ख़ून की प्रवृति सारे विश्व का विनाश कर देती है 30.प्रयास करें और विफल हों, परंतु प्रयास करने में कभी विफल न हों 31. भविष्य उन लोगों का होता है जो अपने सपनों की खूबसूरती में विश्वास करते हैं 32. नृत्य आत्मा की छुपी हुई भाषा है 33.पढ़ें ऐसे जैसे आप हमेशा जीवित रहना चाहते हैं. जिएं ऐसे जैसे आप कल ही मरने वाले है. 34.जैसा अन्न, वैसा मन. 35. आज ख़ुशी बांटने का एक बेहतरीन दिन है 36. अंहकार ही पतन का कारण है 37.मित्र वही होता है जो आपको बेहतर तरीके से जानता है और आपसे उतना ही प्यार करता है 38. यदि बर्बाद नहीं करेंगे, तो आपके पास कमी भी नहीं होगी. 39. जीवन का सबसे अधिक आनंद उस कार्य को करने में है जिसे लोग कहते हैं कि आप नहीं कर सकते हैं 40. कल्पना के बेहतर दिशा में कार्य करने से ही अच्छे कार्यों का जन्म होता है 41. खुद के प्रति ईमानदार रहें 42. महसूस करने वालों के लिए ये दुनिया एक त्रासदी है, लेकिन सोचने वालों के लिए एक आनंद 43. कमज़ोर व्यक्ति कभी क्षमा नहीं करता. क्षमा करना महान व्यक्ति की विशेषता होती है 44.ज़िंदगी दुश्‍मनी निभाने या कमियां ढूंढने के लिए बहुत छोटी है. 45. पुस्तक ज्ञान का भंडार होती है 46. आप जीवन को अनदेखा कर शांति नहीं पा सकते. 46.यदि आप चाहते हैं कि दूसरे आपका राज़ छुपाए रखें, तो पहले आपको खुद उसे छुपाए रखना होगा 47. धीरे-धीरे आगे बढ़ने में न डरें, वहीं के वहीं खड़े रहने से डरें 48. महान कार्य करने के लिए हमें सपने देखने के साथ-साथ कार्य भी करना होता है 49. जो पसंद हो वह करो और जो करो उसे पसंद करो.50. यदि बाकी सब कुछ विफल हो जाता है, तो स्वाभाविक को आजमाएं. लड़ाई के लिए भी दो लोगों का होना जरूरी है. 51. यदि आप किसी को नहीं बताना चाहते हैं, तो इसे न करें 52. मैं अकेले दुनिया नहीं बदल सकती, लेकिन मैं पानी में पत्‍थर फेंककर उसमें कई लहरें बना सकती हूं. 53. आप जीवन को अनदेखा कर शांति नहीं पा सकते. 54. जो प्रश्न पूछता है, वह केवल पांच मिनटों के लिए मूर्ख साबित होता है, लेकिन जो नहीं पूछता, वह हमेशा मूर्ख ही बना रहता है 55. जीत के लिए प्रतिभा आवश्यक है, और उसे दोहराने के लिए चरित्र. 56.देश के युवा की शिक्षा प्रत्येक देश की आधारशिला होती है 56. सनकी वह है, जो अपने विचार बदल नहीं सकता और विषय को बदलेगा नहीं. 57.प्यार सभी को जीत लेता है 58. यदि आप प्यार पाना चाहते है, तो प्यार करने योग्य बनें. कल्पना के बेहतर दिशा में कार्य करने से ही अच्छे कार्यों का जन्म होता है 60. निराशावाद से कभी कोई युद्ध नहीं जीत सकता 61. एक हाथ से ताली नहीं बजती. 62. पूर्वाग्रह विश्लेषण के बिना जन्मा एक विचार मात्र होता है 63. अपने काम में ख़ुशी तलाशने का प्रयत्न करें अन्यथा आप कभी नहीं जान पाएंगे कि ख़ुशी क्या होती है. 64. कार्य स्वयं आपको बताता है कि इसे कैसे किया जाए 65. आज आप किसी ऐसे व्यक्ति को स्क्रैप क्यों नहीं करते, जिससे आपने वर्षों से बात नहीं की है? 66. उत्साह खोए बिना एक विफलता से दूसरी की ओर जाने की क्षमता ही सफलता है. 67. धैर्य आशा करने की ही एक कला है 68. आपको वही कार्य करना चाहिए जो आपको अपने लिए असंभव लगता है. 69. अशिक्षित व्यक्ति को इस दुनिया में जानवर के समान समझा जाता है 70. दृश्य धोखा देता है, जबकि शब्‍द बयान कर देते हैं.71. एक हाथ से ताली नहीं बजती. 72. देखें आप क्या कहते हैं – जो कुछ भी नहीं कहते, उनमें से कुछ ख़ामोश हैं 73. बिना गुण की सुंदरता बिना सुगंध के गुलाब की तरह है 74. मूर्ख और पागल हमेशा अपने बारे में सुनिश्चित होते हैं, जबकि समझदार संशयग्रस्‍त होते हैं 75. ज्ञान ऐसा ख़ज़ाना होता है जो अपने स्वामी के साथ हमेशा रहता है 76. कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति को हतोत्साहित न करें जो लगातार प्रगति कर रहा हो, भले ही उसकी गति कितनी ही धीमी क्यों न हो. 77. उम्मीद हर स्थिति में आवश्यक है 78. विरोध के बदले शांति अनुभव करना चुनें 79. आपको वही कार्य करना चाहिए जो आपको अपने लिए असंभव लगता है. 80. कलम तलवार से अधिक ताकतवर होती है. 81. ज्ञान ऐसा ख़ज़ाना होता है जो अपने स्वामी के साथ हमेशा रहता है 82. स्वयं को किसी प्रतिभा या अन्य तरीके से विलक्षण बनाएं 83. हमेशा सही काम करें और किसी से न डरें 84. जब-जब भी आप किसी को देखकर मुस्‍कुराते हैं, तो वह प्रेम की क्रिया है, वह उस व्‍यक्ति के लिए उपहार है, एक सुंदर वस्‍तु है. 85. भविष्य का पूर्वानुमान करने का सबसे अच्छा तरीका उसे बनाना है 86. साधारण होना ही महान होना है 87. आज पुराने मित्र को संदेश भेजें 88. हठ वास्‍तविकता बन जाता है. 89. जो आपके करीब है उन्हें खुश रखें, और जो आपसे दूर हैं वो एक दिन ज़रूर आपके क़रीब आएंगे 90.अच्छा श्रोता केवल लोकप्रिय ही नहीं होता, बल्कि वह कुछ समय बाद कुछ जानने भी लगता है 91. जब लोहा गरम हो, तो चोट करो. 92. केवल कम स्मृति वाले व्‍यक्ति ही अपनी मौलिकता पर ज़ोर देते हैं 93. क्षमा करो और भूल जाओ. 94. काव्‍य एक प्रतिध्‍वनि है, जो साये को भी नाचने के लिए प्रेरित करता है 95. साधारण होना ही महान होना है  96. एक समझदार मौन किसी वक्तव्य से अधिक अर्थपूर्ण होता है 97. जो पक्षी पहले आता है वह कीट को पकड़ लेता है. लेकिन दूसरे चूहे को ही मक्खन मिलता है. 98.अचानक आया तुफ़ान, जल्द ही थम जाता है.99. मजाक में भी कई सच्‍ची बातें निकल आती है. 100. भलाई का कोई भी काम बेकार नहीं जाता, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो 101. सादगी ही सर्वश्रेष्ठ दुनियादारी है 102.स्वयं को किसी की ज़रूरत बनाएं 103. गुणवत्ता से समझौता न करें. 104. जो पक्षी पहले आता है वह कीट को पकड़ लेता है. लेकिन दूसरे चूहे को ही मक्खन मिलता है.105. देखें आप क्या कहते हैं – जो कुछ भी नहीं कहते, उनमें से कुछ ख़ामोश हैं 106. अपने आप को जोखिम में न डालें. वह सब कुछ, जो आपके पास है, वह आप स्वयं हैं 107.हंसी मज़ाक सभी बातों को सहनीय बना देता है 108. मौका मिले तो चूको मत. 109. जब आप मज़ा कर रहे होते हैं तो समय तेजी से गुज़रता है. 110. जब लोग बातें करते हैं तो उन्हें ध्यान से सुनें. बहुत से लोग कभी नहीं सुनते 111. कार्य करने से परिणाम मिलता है, सिर्फ बोलने से कुछ हासिल नहीं होता 112. आप अतीत को ध्यान में रखकर अपने भविष्य की योजना नहीं बना सकते 113. जैसा अन्न, वैसा मन 114.  सफलता का मतलब अंत नहीं होता है, विफलता भी घातक नहीं होती: हमेशा आगे बढ़ते रहने का साहस ही महत्व रखता है 115. यदि बाकी सब कुछ विफल हो जाता है, तो स्वाभाविक को आजमाएं. लड़ाई के लिए भी दो लोगों का होना जरूरी है. 116. कार्य उद्यम से सिद्ध होते है, मनोरथ से नहीं. 117. महान कार्य करने के लिए आत्म-विश्वास सबसे पहली आवश्यकता है 118. यदि आपका जीवन आपको खुशी नहीं देता, तो अपने नए जीवन की रचना करें. 119. हर पीढ़ी स्वयं की कल्पना अपने से पिछली पीढ़ी से अधिक बुद्धिमान और अपनी अगली पीढ़ी से अधिक समझदार के रूप में करती है 120. पढ़ें ऐसे जैसे आप हमेशा जीवित रहना चाहते हैं. जिएं ऐसे जैसे आप कल ही मरने वाले है 121. मूर्ख और पागल हमेशा अपने बारे में सुनिश्चित होते हैं, जबकि समझदार संशयग्रस्त होते हैं 122. जिंदगी एक किताब की तरह है: महत्‍व इस बात का है कि वह कितनी अच्‍छी है, इसका नहीं कि वह कितनी लंबी है 123. खुद को खोजने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप खुद को दूसरों की सेवा में समर्पित कर दें 124.महान कार्य करने के लिए आत्म-विश्वास सबसे पहली आवश्यकता है 125.ज्ञान ही एकमात्र अच्छाई है, और अज्ञानता एकमात्र बुराई 126.धैर्य एक सदाचार है. 127. देश के युवा की शिक्षा प्रत्येक देश की आधारशिला होती है 128.निराशावाद से कभी कोई युद्ध नहीं जीत सकता129. समय पर पहल करने से ही सफलता मिलती है. 130.सबसे साहसिक कार्य अब भी स्वयं के बारे में विचार करना ही है. गंभीरतापूर्वक. 131.हमारी कमज़ोरियां ही हमारी क्षमता बढ़ाती है. 132.थोड़ी सी चूक से बड़ी हानि होती है 133.  परिवर्तन जीवन का नियम है 134. एक समझदार मौन किसी वक्तव्य से अधिक अर्थपूर्ण होता है. 134. महान आत्‍माओं को हमेशा ही मध्यम स्तर की सोच वालों से हिंसक विरोध का सामना करना पड़ा है. 135. आप भला तो जग भला 136. आज किसी के लिए कोई अच्छा कार्य करके देखें 137. आज से कोई किताब पढ़ना आरंभ करें 138. महान कार्य करने के लिए हमें सपने देखने के साथ-साथ कार्य भी करना होता है 139. उम्मीद हर स्थिति में आवश्यक है  140. कमजोर कभी माफ नहीं कर सकता. माफी तो ताकतवर का गुण है 140. आज कुछ नया सीखने का प्रयत्न करें 141. कलम तलवार से अधिक ताकतवर होती है. 142. भविष्य उन लोगों का होता है जो अपने सपनों की खूबसूरती में विश्वास करते हैं. 143. पुराने कामों को पूरा करने का अच्छा समय है 144. उत्साह खोए बिना एक विफलता से दूसरी की ओर जाने की क्षमता ही सफलता है 145. कमजोर कभी माफ नहीं कर सकता. माफी तो ताकतवर का गुण है 146. उम्मीद हर स्थिति में आवश्यक है 147. जीवन का उद्देश्य जीने में निहित है, और जिज्ञासा को जीवित रखा जाना चाहिए. व्‍यक्ति को कभी भी, किसी भी कारण से, जीवन से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए. 148. कार्य करने से परिणाम मिलता है, सिर्फ बोलने से कुछ हासिल नहीं होता 149. भविष्य उन लोगों का होता है जो अपने सपनों की खूबसूरती में विश्वास करते हैं. 150.मुफ्त में कुछ नहीं मिलता 151.  सहयोग से कार्य आसान हो जाता है. 152. आप अतीत को ध्यान में रखकर अपने भविष्य की योजना नहीं बना सकते

रविवार, जनवरी 15, 2012

दोस्ती को स्वीकार करों या इंकार करों

भेजा है निमंत्रण दोस्ती का स्वीकार करों या इंकार करों

प्रिय दोस्तों, सदा खुश रहो!
 जय जिनेन्द्र दोस्तों, भेजा है निमंत्रण दोस्ती का स्वीकार करों या इंकार करों क्या यह तुम्हारे काबिल भी है. मेरा यह खाता कहूँ या प्रोफाइल फेसबुक की भीड़ में कहीं खो गई थी. असल में हुआ यह मुझे अंग्रेजी का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है.  एक दिन अखबार पढते हुए इन्टरनेट पर किसी फेसबुक सोशल वेबसाइट का जिक्र किया हुआ.  उस समाचार को पढकर पता चला. यहाँ पर लोगों बिछड़े हुए यार भी मिल जाते हैं और किसी को प्यार मिलता है.  कोई प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को इसकी आड़ लेकर तार-तार भी कर देता है.  मैंने फेसबुक पर अपनी प्रोफाइल बनाने का खूबसूरत-सा पंगा ले तो लिया.  मगर सात-आठ घंटे खूब माथा-खपची करके कुछ नहीं कर पाया. क्योंकि हम अनाड़ी और आप खिलाडी. हम इसकी कुछ भी सेटिंग करते, हो कुछ जाता था.  आखिर थक-हारकर हम फेसबुक पर बिछड़े हुए यारों और रिश्तेदारों को तलाशने की कार्यवाही को "मेरे सपनों की रानी" कब आएगी?  जैसी एक दुल्हन समझकर, एक बुरा ख्याब की तरह भूल गए.
       इन्टरनेट की दुनिया से यह अनजान आपका दोस्त, भाई, चाचा, मामा अपनी ही पत्रकारिता की दुनिया में कागज पर कलम को घिसते-घिसते कब बाहर की दुनिया से कट गया खबर ही नहीं हुई.  अप्रैल 2011में एक हमारा दोस्त फेसबुक पर कुछ करने में लगा हुआ था.  हम इस फेसबुक के पीड़ित ने अपनी पीड़ा को उसके सामने ऐसा रखा. अगर तुम हमें ई ससुरी, फेसबुकवा के बारे में नहीं बतओंगे तो हमारा सारा सपना चूर-चूर हो जाएगा.  अब हम तो अनाड़ी और वो थें खिलाडी. एक फिर हमने उनको उनके घर जाकर अपना दुखड़ा रोना शुरू कर दिया. जनाब उनको हम पर रहम आया और हमारे घर आकर हमारा भी फेसबुक पर खाता खोल दिया.
     एक-दो बाते बता दी और चल दिए हमें हमारे कम्प्युटर के साथ तन्हा छोड़कर.  अब हम थें और हमारे तन्हाई का साथी कम्प्युटर था.  मगर आँखों में अपने बिछड़े दोस्तों और रिश्तेदारों को तलाश करने का सपना था.  मगर हमें कुछ नहीं मिला तब इस अंधे के हाथ एक दिन बटेर हाथ लग गई. यानि एक जगह हिंदी लिखा मिला उसको सलेक्ट करा और पता-पता कहाँ-कहाँ पर क्लिक किया.  फिर तो ऐसा हुआ जैसे किसी के हाथ अलादीन का चिराग हाथ लग जाता है. हम हिंदी को पढ़-पढकर बहुत से खाली बक्सों में कुछ भरने लगे.  कभी-कहीं कभी कहीं किल्क करते रहे.
     एक दिन देखा कि हमारी प्रोफाइल में हमारे द्वारा लिखी सब उलटी-सीधी बातें दिख रही है.  फिर तो मानों मुझे पंख ही लग गए.  मगर ख्याब अब भी अधूरा था.  बस उसका प्रयोग अपनी पत्रकारिता में करने लग गए.  अपनी आठ-दस दिन से मेरी बड़ी भतीजी ने मेरे पास आकर थोड़ी देर बैठती और हम अनाड़ी उसकी मदद लेकर फेसबुक की नई से नई चीजों को सिखने लग गए.  अब हमने सोचा जब रिश्तेदार नहीं मिल रहे हैं तब कुछ अनजान लोगों को ही दोस्त क्यों नहीं बना लिया जाए. लेकिन हमे यह नहीं पता था कितनों को दोस्त बनाने के लिए आवेदन करना है. एक के बाद एक हमने सौ से भी ज्यादा लोगों दोस्ती करने का निमत्रण पत्र भेज दिया. एक फेसबुक पर से सूचना भी आई.मगर ससुरी अंग्रेजी में होने के कारण सिर के ऊपर से निकल गई.
      उस सूचना ने अगले दिन अपना प्रभाव दिखा दिया.  हमारे हाथ और माउस को बौना बना दिया, क्योकि कुछ दोस्त बन गए थें लेकिन आगे किसी को दोस्ती का निमंत्रण नहीं जा रहा था. एक दो दिन पहले अपनी भतीजी के खाते से कई पुराने दोस्तों का नाम डालकर दिखवाया.  हम क्या देखते यह सब रिश्तेदार और दोस्त सब फेसबुक पर बैठे है.  कोई शादी की फोटो लगा रखा तो कोई किसी कार्टून का फोटो के पीछे छुपा बैठा है. मगर अफ़सोस हुआ जब तलाश किया तब नहीं मिले. अब मिले तो हम इनको दोस्ती का निमंत्रण नहीं भेज सकते है. इसलिए उस प्रोफाइल को केवल पत्रकारिता के लिए प्रयोग करने का सोचकर इस प्रोफाइल के बारे में सोच-विचार करने लग गए.  तब आज एक पुरानी डायरी में इस प्रोफाइल का ईमेल आई.डी और पासवर्ड लिखा मिला.  तब जुड गए क्योंकि कुछ समय में हम थोड़े से खिलाडी जो बन गए थें.  अब इस में थोड़ा-बहुत लिख दिया है. बाकी धीरे-धीरे लिखता रहूँगा.
       अच्छा दोस्तों/रिश्तेदारों मैंने अपनी दोस्ती का निमंत्रण पत्र भेजने की जिम्मेदारी निभा दी है.  अब आपकी मर्जी मेरी दोस्ती का प्रस्ताव स्वीकार करों या इंकार करो. मेरी "सपनों की रानी " को दुल्हन बनों या इसको भगा दो. यह सब आपके हाथ में....है. मेरा ख्याब तो पूरा हो गया जो आपको तलाशने का था.  भेजा है निमंत्रण दोस्ती का स्वीकार करों या इंकार करों- क्या यह (रमेश) तुम्हारे काबिल भी है  मगर यह जरुर बताओ.  अच्छा तो हम चलते हैं, फिर मिलेंगे जब तुम याद करोंगे.......
-----आपका मानो तो दोस्त/भाई/मामा/चाचा आदि नहीं तो मैं रमेश कुमार जैन तो हूँ ही.



दोस्तों, मेरा फेसबुक का एक अनुभव देख लो. जब मैंने कुछ अपने रिश्तेदारों फेसबुक पर ढूंढा और उनको दोस्ती का निमंत्रण भेजा. तब उन्होंने ठुकरा दिया. कुछ चाहते थें कि मैं नियमों की अनदेखी करके अपनी प्रेस कार्ड दे दूँ. मगर मैंने उनको जारी नहीं किए. जिन्हें "पत्रकारिता" शब्द का सही अर्थ नहीं मालूम उनको कैसे "प्रेस कार्ड" जारी कर देता. आज भी मेरी प्रोफाइल में एक-आध अपवाद छोड़ दें तो कोई मेरा रिश्तेदार नहीं है. अगर एक-आध है भी तो उसकी कभी प्रतिक्रिया नहीं मिली. एक गाना भी है कि "अपने गिरते है नशे दिल पर बिजलियाँ और गैरों ने आकर फिर भी थाम लिया" आज मेरे अनेकों दोस्त बने हुए. जिनसे मेरा कोई रिश्ता नहीं है. मगर एक "इंसानियत" का रिश्ता है. जो सब से बड़ा रिश्ता है
          दोस्तों, आप विश्वास करना हम ने किसी दोस्त से दगा नहीं की. मगर हमारे दोस्तों ने अनेकों बार दगा दी. हमारे तो दोस्त और अपने ही दुश्मन बन खड़े है. हमें गैरों ने आकर फिर भी थाम लिया है. वरना अपनों ने तो हमें कागज काले करने वाला एक निकम्मा और चोर व्यक्ति कहकर सरे-बाजार में बदनाम तक कर दिया है. फेसबुक पर आई टिप्पणी और गीतों से सजे इस नोट को पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक करें.  

शुक्रवार, जनवरी 13, 2012

भगवान महावीर स्वामी जी का संदेश:-जियो और जीने

 ब्लोग्गर परिचय-शकुन्तला प्रेस ऑफ इंडिया प्रकाशन:-
जय जिनेन्द्र दोस्तों, आज बाजारवाद की अंधी दौड़ ने समाज और जीवन के हर क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है.खासकर पत्रकारिता सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुई है। स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौरान पत्रकारिता ने जन-जागरण में अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन आज यह जनसरोकारों की बजाय पूंजी व सत्ता का उपक्रम बनकर रह गई है। मीडिया दिन-प्रतिदिन जनता से दूर हो रही है। यह चिंता का विषय है। आज पूंजीवादी मीडिया के समक्ष वैकल्पिक मीडिया की जरूरत रेखांकित हो रही है, जो दबावों और प्रभावों से मुक्‍त हो। इन्टरनेट जगत में "शकुन्तला प्रेस ऑफ इंडिया प्रकाशन" अपने ब्लोगों के माध्यम से इसी दिशा में एक सक्रिय पहल है।

जय जिनेन्द्र!!! अगर आप "तीर्थंकर महावीर स्वामी जी" ब्लॉग पर "योगदानकर्त्ता" के रूप में जुड़ना चाहते हैं. तब आप हमें उपरोक्त ईमेल rksirfiraa@gmail.com पर लिखकर भेजें. सभी जैन बंधुओं! मेरा यह ब्लॉग आप सभी भाईयों का अपना ब्लॉग है. इसमें आपका स्वागत है. इसकी गलतियों (दोषों व कमियों) को सुधारने के लिए मेहरबानी करके मुझे सुझाव दें. मैं आपका आभारी रहूँगा. पत्रकार रमेश कुमार जैन:-09910350461

भगवान महावीर स्वामी जी का सच्चा संदेश पूरे विश्व में फैले और जैन समाज व देश में कुछ फैली कुरीतियों पर रोक लगे.जिससे संपूर्ण संसार जगत में द्वेष भावना खत्म होकर प्यार-प्रेम और भाईचारा कायम हो."जैन" कोई जाति नहीं, धर्म है.जैन-धर्म के सिध्दांतों में जो दृढ विश्वास रखता है और उनके अनुसार आचरण करता है, वही सच्चा जैन कहलाता है.इसको कोई भी अपनी स्वेच्छा से अपना सकता है.भगवान महावीर स्वामी जी का सच्चा संदेश जानने हेतु मेरे ब्लॉग "तीर्थंकर महावीर स्वामी जी"  http://tirthnkarmahavir.blogspot.com को देखें. अपने विचार और बहुमूल्य सुझाव भेजें. सभी जैन मित्र अपने अन्य मित्रों के पास संदेश भेजें.

तीर्थंकर महावीर स्वामी जी ब्लॉग पर लेख और अन्य सामग्री भेजे:-प्रकाशन कार्यालय:-A-34-A,शीश राम पार्क, सामने-शिव मंदिर, उत्तम नगर, नई दिल्ली-59 या फिर सीधे rksirfiraa@gmail.com पर हमें लिख भेजें। पाठकों से निवेदन:-सुधी लेखकों से निवदेन है अपनी रचनाएं यूनिकोड (मंगल) फोंट में भेजें और साथ ही संबंधित तस्‍वीर भी हमें भेजेंगे तो उसे प्रकाशित करने में सुविधा होगी। लेखों के त्‍वरित प्रकाशन के लिए हमें आप SMS के जरिए तत्‍काल सूचना दे सकते हैं : 09868566374 या ईमेल करें (sirfiraa@gmail.com)

.... जैन!आपको एक ईमेल आई होगी या आएगी. उसको ओके करते ही आप तीर्थंकर महावीर स्वामी जी ब्लॉग http://tirthnkarmahavir.blogspot.com से जुड़ जायेंगे. उपरोक्त तीर्थंकर महावीर स्वामी जी समुदाय में आप स्वयं भी शामिल हो और दूसरों को भी शामिल होने के लिए प्रेरित करें.

आप सभी जैन मित्र "तीर्थंकर महावीर स्वामी जी" ब्लॉग से जुड़े और अपने मित्रों को भी जोड़े. फेसबुक https://www.facebook.com/groups/mahavirswamiji/ और ऑरकुट http://www.orkut.co.in/Main#Community?rl=cpp&cmm=115919805 पर बने ग्रुप में भी अपने मित्रों को शामिल करें और होने के लिए कहें.अगर आप इस ग्रुप से जुड चुके हैं. तब अपनी फेसबुक की प्रोफाइल में जितने भी जैन मित्र हो उनको 'होम' पेज पर जाकर बांये लिखे "तीर्थंकर महावीर स्वामी जी" पर क्लिक करके दांये देखें.वहाँ पर पहले सबको देख लें. फिर उसके नीचे "मित्रों को समूह में जोड़े" पर क्लिक करके सभी उन मित्रों को शामिल कर दें, जिन्हें आप उचित मानते हो.

आप इस में लेखक कहूँ या प्रेस रिपोर्टर(पत्रकार) के रूप में भी "योगदानकर्त्ता" बन सकते हैं.अब बात करते हैं ऑरकुट की यहाँ अगर आपको "तीर्थंकर महावीर स्वामी जी" ग्रुप से जुड़ने में परेशानी हो रही हो तो आप पहले मुझे "रमेशकुमारसिरफिरा" या "रमेश कुमार जैन" (यहाँ से कॉपी करें) सर्च करें. फिर मेरी प्रोफाइल में जाकर "तीर्थंकर महावीर स्वामी जी" ग्रुप को सलेक्ट करें और ज्वाइन कर लें.जय जिनेन्द्र! आप सभी जैन मित्र "तीर्थंकर महावीर स्वामी जी" ब्लॉग एक बार जरुर देखें

मेरा आप सभी देशवासियों से यहीं कहना है कि-आप आये हो, एक दिन लौटना भी होगा.फिर क्यों नहीं? तुम ऐसा कार्य(कर्म) करो, तुम्हारे अच्छे कर्मों के कारण ही तुम्हें सारी दुनियां हमेशा याद रखे और इंसानियत की आवाज सुनो, इंसानियत वाले कर्म करो, इंसानियत का जज्बा पैदा करो, इंसानियत के लिए मर जाओ, मौत कल भी आनी है फिर क्यों नहीं आज ही इंसानियत के लिए अपना मिटटी शारीर का बलिदान कर दो और अपनी आत्मा को पवित्र बना लो.

महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. राष्ट्र के प्रति हर व्यक्ति का पहला धर्म है अपने राष्ट्र की राष्ट्रभाषा का सम्मान करना. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.


गुरुवार, जनवरी 05, 2012

दोस्त के नाम पर कलंक है सिरफिरा

म दोस्त के नाम पर कलंक है. चलो कुछ तो है. हम तो खुद को किसी काबिल समझते ही नहीं थें. आज फख्र हो रहा है कि हम कलंक के काबिल तो है.
लो दोस्तों ! मैं आपको पहले ही कहता था कि मैं अनपढ़ और गंवार/ सिरफिरा इंसान किसी भी काबिल नहीं हूँ. मगर आप अपने प्यार और स्नेह से मुझे खजूर के पेड़ पर चढाते रहे. हम आप सब अनेकों बार कहते रहे कि आप तुच्छ इंसान को तुच्छ ही रहने दो. हमें खजूर के पेड़ पर मत चढाओं. हममें भी अनेकों अवगुण है. हम भी गलतियों के पुतले है. हमसे भी गलतियाँ होती है. मगर आप तो हमारी चापलूसी करते थें शायद.  फेसबुक के प्रयोगकर्त्ता हमारे इस लिंक (जरा देखें-http://www.facebook.com/note.php?note_id=271490346234943)पर टिप्पणी की है. श्री गोपाल झा जी (http://facebook.com/gopaljha73) तो यह कहते हैं कि "सिरफिरा जी आप काफी घमंडी है और इतना घंमड ठीक नहीं होता है दोस्ती के लिये आप दोस्त के नाम पर कलंक है. आप लोग को भ्रमित करते है. जिनका स्वयं (Gopal के बारे में) के बारें में कहना है कि-निगान्हे निगाहों से मिला कर तो देखो,हम से रिश्ता बना कर तो देखो. अपनी प्रशंसा मैं स्वयं कैसे करूँ ? निन्दा करना मुझे आता नहीं. अब बताए कौन सही कह रहा है और कौन झूठ कह रहा है. इसका फैसला कैसे करूँ ? कुछ मुझे रास्ता दिखाए आप सभी.
         दोस्तों, मुझे तो लगता है कि मुझे अपना बहुत बड़ा आलोचक मिल गया. आपकी क्या राय है ? अब देखिये आलोचक द्वारा कुछ देने पर समर्थकों का भटकना स्वाभाविक है. जैसे-सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ "जन लोकपाल" कानून बनाने की नीयत अच्छी ना होने के श्री अन्ना हजारे के ब्यान पर सरकार के मंत्रियों ने भटकना शुरू कर दिया. कुछ बुध्दिजीवी वर्ग के नेता तो असभ्य और सभ्य भाषा में फर्क तक भूलकर लगे आरोप लगाने अन्ना टीम पर. इसलिए दोस्तों अपनी बात कहते हुए सयम रखना. लोगों को भी पता चले कि सिरफिरा के दोस्त सभ्य भाषा में अपने विचारों की अभिव्यक्ति करना जानते है.  आप मेरे एक नौजवान(इनकी उम्र कम और थोडा जवानी का जोश भी है) मित्र ने ऑनलाइन वार्तालाप में गलती कर दी थी. इसलिए उसकी वार्तालाप भी डाल रहा हूँ.
     Ankit Goyal-GUPAL ONLINE HO GAYA H KIYA रमेश कुमार सिरफिरा-नहीं, मेरे दोस्त नहीं है वो Ankit Goyal-YE (अपशब्द) APNE AAP KO MANTA KIYA H. रमेश कुमार सिरफिरा-दोस्त किसी के लिए अपशब्दों प्रयोग उचित नहीं. सभ्य भाषा में बात करें. Ankit Goyal-SOORY.RAMESH JI..रमेश कुमार सिरफिरा-उनकी गलत फहमियां दूर की जानी चाहिए. Ankit Goyal-OK M PURI KOSIS KARONGA.रमेश कुमार सिरफिरा-उनको कहिए आप अपनी शिकायत पूरे विस्तार से रमेश की वाल पर रखें. आपको समाधान जरुर मिलेगा. Ankit Goyal-OK,WE ONLINE H KIYA रमेश कुमार सिरफिरा-नहीं.
 दोस्तों, हमने अपनी समझ से श्री गोपाल झा जी को जवाब दे दिया. अब आपको उचित लगा या नहीं. इसकी आप जानो. अगर आज तक उससे हुई फेसबुक/ऑरकुट पर ऑनलाइन बातचीत का डाटा देखना हो तो मुझे ग्यारह तारीख तक का समय दे दो, क्योंकि मुझे अपने गुरु श्री राजीव मुनि जी महाराज के चरणों में पहुंचना है और दो-तीन दिन उनकी सेवा करने का लाभ लेना है और उनके ज्ञान के अमृत का रसपान करना है. उनके अनुसार पुरुषार्थ करना मनुष्य का कर्म है. सच कहने के लिए लेखनी से किया कर्म हिंसा की परिभाषा में नहीं आता है. हो सकता है मेरे गुरु जी या मैं गलत हो. लेकिन आपका क्या नजरिया है ? अपने मुझे विचारों से अवगत करवाए. भटके हुए राही को क्या आप सही रास्ता नहीं दिखायेंगे.
Gopal Jha· Friends with Manish Jain and 42 अन्य, सिरफिरा जी आप काफी घमंडी है और इतना घंमड ठीक नहीं होता है दोस्ती के लिये आप दोस्त के नाम पर कलंक है आप लोग को भ्रमित करते है इसलिये मैं आप से दोस्ती को खत्म कर लिया हूँ सरफिरा जी
रमेश कुमार सिरफिरा-‎Gopal Jha जी, हमसे दोस्ती खत्म करने के लिए और हमारी क्रोध से भरपूर टिप्पणी करने के लिए भी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. लेकिन हमने अपना सब कुछ सार्वजनिक किया हुआ है. आप हमारी कौन-सी जानकारी से भ्रमित हुए आपने जिक्र नहीं किया. आपके शब्दों में हम दोस्त के नाम पर कलंक है. चलो कुछ तो है. हम तो खुद को किसी काबिल समझते ही नहीं थें. हमारी आलोचना और भी करों हमें अच्छा लगता है. हम आपकी टिप्पणी को हटाएंगे भी नहीं. अगर वो सभ्य भाषा में होगी. 
दोस्तों अगर आपको फेसबुक पर इस पोस्ट को गाने के साथ सुनने का मन है. तब यहाँ पर क्लिक करो और देखों कौन व्यक्ति अपने विचार रख रहा है ?

बुधवार, जनवरी 04, 2012

हिंदी अति सरल और मीठी भाषा हैं

 युधवीर सिंह लाम्बा भारतीय का कहना कि-हिंदी अति सरल और मीठी भाषा हैं। हिंदी भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। तभी तो देश के बाहर भी हिंदी ने अपना स्थान बना सकने में सफलता हासिल किया है। फ़िजी, नेपाल, मोरिशोस, गयाना, सूरीनाम यहाँ तक चाइना और रसिया में भी हिंदी अच्छी तरह बोली और पढ़ी जाती है।
*हिन्दी के प्रभाव और क्षमता को अब विश्व की बड़ी-बड़ी कंपनियां भी सलाम कर रही है। विश्व में मोबाइल की सबसे बड़ी कंपनी नोकिया ने हाल ही लन्दन में अपने तीन नए मॉडल बाजार में उतारे। आपको ये जानकर खुशी होगी कि इन तीनो मॉडल्स को कंपनी ने हिन्दी का नाम दिया है। इन्हें अमेरिका, यूरोप और एशिया यानी पूरी दुनिया में आशा-300 और आशा-200 मॉडल के फोन लांच किए जाएंगे।
*अटल बिहारी वाजपयी वे पहले भारतीय थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ (1977) में हिंदी में भाषण देकर भारत को गौरवान्वित किया था। (अटल बिहारी वाजपयी 1977 में विदेश मंत्री थे)
*जुरासिक पार्क जैसी अति प्रसिध्द हॉलीवुड फ़िल्म को भी अधिक मुनाफ़े के लिए हिंदी में डब किया जाना जरूरी हो गया । इसके हिंदी संस्करण ने भारत में इतने पैसे कमाए जितने अंग्रेजी संस्करण ने पूरे विश्व में नहीं कमाए थे ।
*अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 114 मिलियन डॉलर की एक विशेष राशि अमरीका में हिंदी, चीनी और अरबी भाषाएं सीखाने के लिए स्वीकृत की है । इससे स्पष्ट होता है कि हिंदी के महत्व को विश्व में कितनी गंभीरता से अनुभव किया जा रहा है ।
*हिंदी उन सभी गुणों से अलंकृत है जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषाओं की अगली श्रेणी में सभासीन हो सकती है। - मैथिलीशरण गुप्त।
*बह्म समाज के नेता बंगला-भाषी केशवचंद्र सेन ने भी हिन्दी का समर्थन किया था।
* गुजराती भाषा-भाषी स्वामी दयानंद सरस्वती ने जनता के बीच जाने के लिए 'जन-भाषा' हिन्दी सीखने का आग्रह किया ।
*गुजराती भाषा-भाषी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने मराठी-भाषा-भाषी चाचा कालेलकर जी को सारे भारत में घूम-घूमकर हिन्दी का प्रचार-प्रसार करने का आदेश दिया।
*सुभाषचंद्र बोस की 'आजाद हिन्द फौज' की राष्ट्रभाषा हिन्दी ही थी।
*श्री अरविंद घोष हिन्दी-प्रचार को स्वाधीनता-संग्राम का एक अंग मानते थे।
* नागरी लिपि के प्रबल समर्थक न्यायमूर्ति श्री शारदाचरण मित्र ने तो ई. सन् 1910 में यहां तक कहा था - यद्यपि मैं बंगाली हूं तथापि इस वृद्धावस्था में मेरे लिए वह गौरव का दिन होगा जिस दिन मैं सारे भारतवासियों के साथ, 'साधु हिन्दी' में वार्तालाप करूंगा।
* अहिन्दी-भाषी-मनीषियों में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय और ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने भी हिन्दी का समर्थन किया था।
*अनेक देश हिंदी कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं, जिनमें बीबीसी, यूएई क़े 'हम एफ-एम' ,जर्मनी के डॉयचे वेले, जापान के एनएचके वर्ल्ड और चीन के चाइना रेडियो इंटरनेशनल की हिंदी सेवा विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
*हॉलीवुड ने पहचानी हिन्दी की ताकत – बहुचर्चित मशहूर ओर कामयाबी का नया इतिहास रचने वाली चलचित्र ( फ़िल्म) को दिया वैश्विक हिन्दी नाम 'अवतार' ।हिंदी शब्द अवतार का अर्थ 'अवतार' शब्द 'अव' उपसर्गपूर्वक 'तृ' धातु में 'धण' प्रत्यय लगाकर बना है। अवतार शब्द का अर्थ यह है कि पृथ्वी में आना।हॉलीवुड की मशहूर फ़िल्म "अवतार" दुनिया की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली चलचित्र ( फ़िल्म) बन गई है ।
क्या हमें अँग्रेजी की गुलामी छोडकर हिन्दी को महत्व नहीं देना चाहिए ? दोस्तों-जब हम हिन्दुस्थान में रहते हुए भी हम हिंदी का प्रयोग नहीं करेंगे तो क्या अमरीका व अन्य देशों के नागरिक प्रयोग करने के लिए आयेंगे?
जय हिन्द, जय भारत ! वन्दे मातरम !

रमेश कुमार जैन उर्फ सिरफिरा : हम फेसबुक पर हिंदी में कैसे लिखें ?
दोस्तों/सदस्य ध्यान दें. मेरे पास अक्सर अनेकों ईमेल/फोन आते हैं और ऑनलाइन वार्तालाप में सबका एक ही प्रश्न होता है कि हम हिंदी में कैसे लिखें. यह जानकारी सब सदस्यों और फेसबुक आदि प्रयोगकर्त्ता के लिए उपयोगी होगी. ऐसा मेरा विश्वास है. अब अगर आप कुछ करके दिखाना चाहते है. तब थोडा पढ़ें और सीखें. http://www.facebook.com/groups/anpadh/doc/216950435051713/
युधवीर सिंह लाम्बा भारतीय का कहना कि-बहुत ही सार्थक और सुंदर लेख के लिए आपका कोटि कोटि अभिनन्दन!

मंगलवार, जनवरी 03, 2012

हम बुध्दिजीवी कब से एक धर्म के हो गए ?

क्या हम सब बुध्दिजीवी एक दूसरे के घर्म को नीचा दिखाने के लिए सोशल वेबसाइट (फेसबुक, गूगल, ब्लॉग और ऑरकुट आदि) एकत्रित हुए है ? हम बुध्दिजीवी कब से एक धर्म के हो गए ? क्या हम सब धर्म से बढ़कर "इंसानियत" को ही अपना सबसे बड़ा धर्म नहीं मानते हैं ?
मैंने अपने पिछले दो सालों की रिसर्च (शोध) कार्य में महसूस किया कि कोई(कुछ) हिंदू, मुस्लिम धर्म की बुराई कर रहा और कोई मुस्लिम भाई, हिंदू धर्म की बुराई कर रहा है. इसी प्रकार हर(कुछ) धर्म के अनुयायी सोशल वेबसाइटों को उपयोग दूसरे धर्मों की बुराई करने के कर रहा है. हम आखिर कब देश को आगे लेकर जाने के लिए विचार करना और लिखना शुरू करेंगे. 
यह मेरे विचार है कि हम बुध्दिजीवी अगर कुछ नहीं कर सकते है. तब किसी धर्म, जाति, व्यक्ति विशेष को नीचा दिखाने का कार्य भी नहीं करना चाहिए. देश में फैली बुराइयों को खत्म करने के लिए "कुछ" कहूँ या थोडा-सा कार्य करना चाहिए.

शुक्रवार, दिसंबर 23, 2011

अनमोल वचन-सात

1. जीवन में हंसी न हो तो वो बोझिल हो जाती है 2. प्यार सभी को जीत लेता है 3. कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है. 4. वह,जो कभी-कभी होता है अद्भुत होता है. 5. हठ वास्‍तविकता बन जाता है. 6. यदि आप किसी को नहीं बताना चाहते हैं, तो इसे न करें 7. प्रयास करने वाले पर ही विश्वास करें 8. वह जो नए के लिए पुराने को छोड़ता है वह जानता है कि उसने क्‍या छोड़ा है लेकिन यह नहीं जानता है कि उसे क्या मिलेगा. 9.  देश के युवा की शिक्षा प्रत्येक देश की आधारशिला होती है. 10. वादे कर्ज़ के समान होते हैं जिन्हें कभी न कभी चुकाना होता है 11. कार्य स्वयं आपको बताता है कि इसे कैसे किया जाए 12. धैर्य आशा करने की ही एक कला है 13. कई लोगों की राय लेने से काम बिगड़ जाता है. 14. यदि आप किसी को नहीं बताना चाहते हैं, तो इसे न करें 15. समझ का विकल्‍प गुस्सा नहीं है 16. जब आप विकल्पों पर विचार करते हैं तो बुढ़ापा भी इतना बुरा नहीं लगता 17. किसी को अपनी मर्जी का काम करने को कहा जा सकता है, लेकिन उसकी मर्जी के बगैर करवाया नहीं जा सकता. 18. अशिक्षित व्यक्ति को इस दुनिया में जानवर के समान समझा जाता है 19. मूर्ख और पागल हमेशा अपने बारे में सुनिश्चित होते हैं, जबकि समझदार संशयग्रस्‍त होते हैं 20. आगे का मार्ग जानने के लिए, उनसे पूछे जो लौट रहे हैं 21. अधिक उम्र में शिक्षा सबसे अच्छा प्रावधान है 22. कोई भी व्यक्ति वापस जाकर नई शुरूआत नहीं कर सकता, पंरतु हर कोई आज शुरू कर सकता है और एक नया अंत लिख सकता है 23. उम्मीद हर स्थिति में आवश्यक है 24.  प्रत्येक पीढ़ी पुराने फैशन की हंसी उड़ाती है, परंतु नए फ़ैशन का पूरी ईमानदारी से पालन करती है 25. वर्तमान क्षण ही सबसे अच्‍छा समय है. 26. खुशियां अच्छे स्वास्थ और बुरी यादों से ज्यादा कुछ नहीं है 27. आज किसी के लिए कोई अच्छा कार्य करके देखें 28. आज किसी के लिए कोई अच्छा कार्य करके देखें 29. सादगी ही सर्वश्रेष्ठ दुनियादारी है 30. हमें यह करना है कि हमेशा नए दृष्टिकोणों को परखने के लिए उत्सुक रहें और नए प्रभाव ग्रहण करते रहें 31. भविष्य का पूर्वानुमान करने का सबसे अच्छा तरीका उसे बनाना है 32. युवाओं के पास वे इच्‍छाएं होती हैं, जो कभी ख़त्‍म नहीं होतीं, बूढ़ों के पास उन चीज़ों की स्‍मृतियां होती हैं, जो कभी नहीं हुईं 33. आप सबसे बड़ी विजय किसी को विनम्रता में पीछे करके ही प्राप्त कर सकते हैं 34. सफलता का मतलब अंत नहीं होता है, विफलता भी घातक नहीं होती: हमेशा आगे बढ़ते रहने का साहस ही महत्व रखता है 35.शांत दिखने वाले लोग काफी विचारशील होते हैं 36.आपके पास बहुत कम समय है, इसे दूसरों का जीवन जीने में बर्बाद न करें 37.  कार्य करने से परिणाम मिलता है, सिर्फ बोलने से कुछ हासिल नहीं होता. 38. ज्ञान ऐसा ख़ज़ाना होता है जो अपने स्वामी के साथ हमेशा रहता है 39. अपने काम में ख़ुशी तलाशने का प्रयत्न करें अन्यथा आप कभी नहीं जान पाएंगे कि ख़ुशी क्या होती है 40. लोगों को अच्छे और बुरे में विभाजित करना निरर्थक है. लोग आकर्षक या उबाऊ होते हैं 41. पुराने कामों को पूरा करने का अच्छा समय है 42. हर पीढ़ी स्वयं की कल्पना अपने से पिछली पीढ़ी से अधिक बुद्धिमान और अपनी अगली पीढ़ी से अधिक समझदार के रूप में करती है 43. समय या अवसर संबंधों की घनिष्‍ठता नहीं दर्शाते; यह व्‍यवहार पर निर्भर करता है. 44. प्यार सभी को जीत लेता है 45.चीज़ों को शुरु में एक मिनट व्यवस्थित करने से, बाद में एक घंटा बचाया जा सकता है. 46. खुशियां अच्छे स्वास्थ और बुरी यादों से ज्यादा कुछ नहीं है. 47. ज्‍़यादा समय तक क्रोध नहीं करना चाहिए. 48. मित्र वही होता है जो आपको बेहतर तरीके से जानता है और आपसे उतना ही प्यार करता है 49. प्‍यार पाने और खो जाने से बेहतर हैं कि प्‍यार कभी ना मिले. 50. मुस्कु्राएं. बस इतना ही 51. कलम तलवार से अधिक ताकतवर होती है.52 जिंदगी एक किताब की तरह है: महत्‍व इस बात का है कि वह कितनी अच्‍छी है, इसका नहीं कि वह कितनी लंबी है 53. हार मानने वाले कभी जीतते नहीं और जीतने वाले कभी हार नहीं मानते. 54 समय या अवसर संबंधों की घनिष्‍ठता नहीं दर्शाते; यह व्‍यवहार पर निर्भर करता है 55.आज दूसरों के साथ अपनी खुशियां बांटें 56. समय सर्वाधिक मूल्यवान चीज़ है, जिसे कोई मनुष्य ख़र्च कर सकता है 57.प्रयास करने वाले पर ही विश्वास करें.
दोस्तों, मेरे "प्रकाशन" परिवार में इस श्रंखला को कम से कम बीस कड़ी तक ले जाने की योग्यता है. लेकिन अपने कुछ निजी समस्याओं के चलते समयाभाव और साधनों की व्यवस्था न होने के कारण मैं अनमोल वचनों की श्रंखला को यहीं विराम दें रहा हूँ. शेष फिर कभी......

मंगलवार, दिसंबर 13, 2011

अनमोल वचन-छह

1. ज्ञान ही एकमात्र अच्छाई है, और अज्ञानता एकमात्र बुराई 2. हंसी मज़ाक सभी बातों को सहनीय बना देता है 3. देश के युवा की शिक्षा प्रत्येक देश की आधारशिला होती है 4.शांति के बारे में केवल बात करना ही काफी नहीं. व्यक्ति को उसमें विश्वास होना चाहिए. और केवल उसमें विश्वास होना ही काफी नहीं है. व्यक्ति को उसका अवलम्बन भी करना चाहिए. 5.प्रत्येक व्यक्ति अपना भाग्य ख़ुद बनाता है 6. आपको वही कार्य करना चाहिए जो आपको अपने लिए असंभव लगता है. 7. दिन लंबे हैं, लेकिन साल छोटे हैं 8. कल किसने देखा है. आज को जियो. 9. आज दूसरों के साथ अपनी खुशियां बांटें 10. हमें ख़ुद को वैसा बनाना चाहिए जैसा परिवर्तन हम दूसरों में चाहते हैं. 11. भलाई का कोई भी काम बेकार नहीं जाता, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो 12. स्वयं को किसी प्रतिभा या अन्य तरीके से विलक्षण बनाएं 13. प्रत्येक पीढ़ी पुराने फैशन की हंसी उड़ाती है, परंतु नए फ़ैशन का पूरी ईमानदारी से पालन करती है 14. वह,जो कभी-कभी होता है अद्भुत होता है.  15. कल्पनाशक्ति ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है. 16. मौका मिले तो चूको मत.17. अब समय है कुछ नया प्रयास करने का 18. एक हाथ से ताली नहीं बजती.19. अच्छा श्रोता केवल लोकप्रिय ही नहीं होता, बल्कि वह कुछ समय बाद कुछ जानने भी लगता है 20. अच्‍छी पुस्‍तकें, अच्‍छे मित्रों के समान हैं, ये बहुत कम और चुनी हुईं होती हैं; जितना अधिक चयन, उतनी ही अधिक मज़ेदार. 21. अपने स्रोत को किस तरह छुपाएं ये जानना ही रचनात्मकता का राज़ है 22. ख़ून के बदले ख़ून की प्रवृति सारे विश्व का विनाश कर देती है 23. आप अतीत को ध्यान में रखकर अपने भविष्य की योजना नहीं बना सकते 24.कल किसने देखा है. आज को जियो 25.एक हाथ से ताली नहीं बजती 26. जो प्रश्न पूछता है, वह केवल पांच मिनटों के लिए मूर्ख साबित होता है, लेकिन जो नहीं पूछता, वह हमेशा मूर्ख ही बना रहता है 27. वादे कर्ज़ के समान होते हैं जिन्हें कभी न कभी चुकाना होता है 28. पूछने की चाह में कई चीज़ें खो जाती हैं. 29.दिन लंबे हैं, लेकिन साल छोटे हैं 30. वह,जो कभी-कभी होता है अद्भुत होता है 31. मौका मिले तो चूको मत. 32. कल्पनाशक्ति ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है 33. पुस्तक ज्ञान का भंडार होती है 34. आज का भाग्य: अब समय है कुछ नया प्रयास करने का 35. यदि आप सभी नियमों का पालन करने लगें, तो ज़िंदगी का पूरा मज़ा नहीं ले पाएंगे 36. सादगी ही सर्वश्रेष्ठ दुनियादारी है 37. एक कुंद पेंसिल किसी तीक्ष्‍ण स्मृति से बेहतर है. 38.धीरे-धीरे आगे बढ़ने में न डरें, वहीं के वहीं खड़े रहने से डरें. 39. धीरे-धीरे आगे बढ़ने में न डरें, वहीं के वहीं खड़े रहने से डरें 40. विरोध के बदले शांति अनुभव करना चुनें 41.कमज़ोर व्यक्ति कभी क्षमा नहीं करता. क्षमा करना महान व्यक्ति की विशेषता होती है 42 अपने काम में ख़ुशी तलाशने का प्रयत्न करें अन्यथा आप कभी नहीं जान पाएंगे कि ख़ुशी क्या होती है 43. महसूस करने वालों के लिए ये दुनिया एक त्रासदी है, लेकिन सोचने वालों के लिए एक आनंद 44. आज किसी मित्र को प्रशंसापत्र लिखें. 45. अध्‍ययन ऐसा करो जैसे कि आपको हमेशा जीना है.ऐसे जियो जैसे जीवन का अंतिम समय निकट हो. 46. कल्पना के बेहतर दिशा में कार्य करने से ही अच्छे कार्यों का जन्म होता है. 47. भविष्य उन लोगों का होता है जो अपने सपनों की खूबसूरती में विश्वास करते हैं. 48. स्वार्थ का मतलब स्वयं की इच्छा के अनुसार जीना नहीं होता, इसका मतलब होता है दूसरों से भी आपकी इच्छा के अनुसार जीने को कहना 49. नए मित्र बनाने के लिए सही समय है 50. कमज़ोर व्यक्ति कभी क्षमा नहीं करता. क्षमा करना महान व्यक्ति की विशेषता होती है 51.कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है. 52. अपने आप को जोखिम में न डालें. वह सब कुछ, जो आपके पास है, वह आप स्वयं हैं. 53. आज किसी व्यक्ति की तारीफ़ करके देखें 54. मुस्कु्राएं. बस इतना ही 55. जीत के लिए प्रतिभा आवश्यक है, और उसे दोहराने के लिए चरित्र. 56. महान कार्य करने के लिए हमें सपने देखने के साथ-साथ कार्य भी करना होता है 57.बिना हंसी का दिन व्यर्थ होता है 58. धैर्य आशा करने की ही एक कला है.

रविवार, दिसंबर 11, 2011

मेरा हर शब्द देश और समाजहित के लिए.....

दोस्तों, अच्छी चीज या बात/संस्कारों की नकल करना बहुत अच्छी बात है. मगर आप नक़ल के साथ अकल(बुद्धि) का प्रयोग जरुर करों. हर बात हर व्यक्ति द्वारा अपने अनुभवों से प्राप्त सीख़ कहूँ या सबक को ध्यान में रखकर कहता है. कहीं ऐसा न हो दोस्तों नक़ल के चक्कर में आपके साथ भी चूहे और हाथी वाली कहानी बन जाए. जिसमें चूहे ने अपने आगे बैठे हाथी की नक़ल करते हुए अपने परीक्षा के पेपर में यह लिखा था कि-दोस्त इस बार जब तुम हमारे यहाँ पर गर्मी की छुटियों में आयोंगे,तब हम अपनी सूंड में पानी भर-भर कर एक दुसरे के ऊपर डालेंगे. 
तब चूहे के टीजर ने परीक्षा का पेपर देखकर तुरंत भांप लिया था कि चूहे ने हाथी की नक़ल की है. परीक्षा में विषय था कि अपने मित्र के साथ गर्मी की छुटियों क्या करोंगे ? कृपया किसी भी संदेश को कॉपी करके कहीं पर पेस्ट करने से पहले संदेश में सुधार जरुर कर लें. एक छोटा-सा उदहारण देखें :- 

@संगीता (बदला हुआ नाम)-रमेश जी, आपके संदेश की नक़ल कर रही हूँ. आपको भी पता होगा कि फेसबुक पर लड़कियों की बातों पर लोग ज्यादा ध्यान देते हैं. मुझे क्षमा करें.

रमेश कुमार सिरफिरा- ‎@ संगीता जी, कोई बात नहीं, लेकिन नकल के साथ अक्ल का भी प्रयोग करना और क्षमा मांगने की कोई जरूरत नहीं है.हम पहले ही लिख चुके हैं कि मेरी कलम से लिखा मेरा हर शब्द देश और समाजहित के लिए है. इसको जहाँ चाहो साझा करो. मेरा कोई भी कॉपी राइट नहीं है. मैंने इस भारत माता की कोख में जन्म लिया. यहीं पर एक-एक अक्षर जोड़कर "शब्द" लिखना सिखा है. खाली हाथ आया हूँ और खाली हाथ ही लौट भी जाऊँगा. लेकिन आप लड़की होकर ऐसी बात ना करें. अपने आप को उपयोग की वस्तु ना बनाये. चाकू खरबूजे पर गिरे या खरबूजा चाकू पर नुकसान खरबूजे का ही होता है. यह तो फेस बुक पर किसी भी लड़की की प्रोफाइल देख पता चल जाता है कि उनको दोस्ती के कितने निवेदन आते हैं ? सब उसको अपना दोस्त बनाना चाहते हैं. मेरी प्रोफाइल की "वाल" पर अनेकों संदेश है. उनका भी प्रयोग कर सकती है. मगर सम्भल करें. कहीं किसी कथन को लेकर आप "विवाद" में ना फंस जाए. इसके लिए पहले थोड़ी हमसे जानकारी लेना उचित समझे तो आपका स्वागत है.

नोट:-लेख में प्रयोग नाम काल्पनिक है. समानता मात्र संयोग है. यह एक मात्र अनुभव है.

सूचना-विशेष खोजबीन में हमने पाया कि फेसबुक पर अगर एक लड़की मात्र एक लम्बा-सा hiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii या hellooooooo अपनी प्रोफाइल की "वाल" कर दें.तब उस पर टिप्पणी के ढेर लग जाते हैं और अगर उसने अगर कोई गंभीर बात या कोई ग़ज़ल डाल दी. तब क्या होगा ? जरा सोचो और विचार करों. 

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रविवार, दिसंबर 04, 2011

अनमोल वचन-पांच

1.स्‍वयं को किसी प्रतिभा या अन्‍य तरीके से विलक्षण बनाएं 2.ज्‍़यादा समय तक क्रोध नहीं करना चाहिए. 3.उत्साह खोए बिना एक विफलता से दूसरी की ओर जाने की क्षमता ही सफलता है 4.चीज़ों को शुरु में एक मिनट व्यवस्थित करने से, बाद में एक घंटा बचाया जा सकता है 5.अशिक्षित व्यक्ति को इस दुनिया में जानवर के समान समझा जाता है 6.सफलता अंत नहीं होती, विफलता घातक नहीं होती: हमेशा आगे बढ़ते रहने का साहस ही महत्व रखता है 7.आलस्‍य एक दिलचस्प किंतु कष्टप्रद स्थिति है; हमें ख़ुश होने के लिए कुछ करना ही होगा 8.आज दूसरों के साथ अपनी खुशियां बांटें 9.महान कार्य करने के लिए हमें सपने देखने के साथ-साथ कार्य भी करना होता है 10.मजाक में भी कई सच्‍ची बातें निकल आती है. 11.ज्ञान ऐसा ख़ज़ाना होता है जो अपने स्वामी के साथ हमेशा रहता है 12.सुरक्षा सुझाव अपने खाते को सुरक्षित रखें : निजी संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक जगहों पर प्रकाशित न करें। 13.समझदारी दो तरफा मार्ग है 14.कभी भी किसी ऐसे व्‍यक्ति को हतोत्‍साहित न करें जो लगातार प्रगति कर रहा हो, भले ही उसकी गति कितनी ही धीमी क्यों न हो 15.आपको वही कार्य करना चाहिए जो आपको अपने लिए असंभव लगता है.16.देश के युवा की शिक्षा प्रत्येक देश की आधारशिला होती है 17.पूर्वाग्रह विश्लेषण के बिना जन्मा एक विचार मात्र होता है 18.जीत के लिए प्रतिभा आवश्यक है, और उसे दोहराने के लिए चरित्र 19.अपने स्रोत को किस तरह छुपाएं ये जानना ही रचनात्मकता का राज़ है 20.अपने काम में ख़ुशी तलाशने का प्रयत्न करें अन्यथा आप कभी नहीं जान पाएंगे कि ख़ुशी क्या होती 21.अपने आप को जोखिम में न डालें. वह सब कुछ, जो आपके पास है, वह आप स्वयं हैं. 22.हमें यह करना है कि हमेशा नए दृष्टिकोणों को परखने के लिए उत्सुक रहें और नए प्रभाव ग्रहण करते रहें 23.हमें यह करना है कि हमेशा नए दृष्टिकोणों को परखने के लिए उत्सुक रहें और नए प्रभाव ग्रहण करते रहें 24.मूर्ख और पागल हमेशा अपने बारे में सुनिश्चित होते हैं, जबकि समझदार संशयग्रस्‍त होते हैं 25.कार्य करने से परिणाम मिलता है, सिर्फ बोलने से कुछ हासिल नहीं होता. 26.विरोध के बदले शांति अनुभव करना चुनें 27.भविष्य का पूर्वानुमान करने का सबसे अच्छा तरीका उसे बनाना है 28.समय की पाबंदी ऊबाउ व्यक्ति की विशेषता है (परंतु यदि आप इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं, तो समय पर पहुंचे) 29.मुझे तूफानों से डर नहीं लगता क्‍योंकि मैं अपना जहाज़ चलाना सीख रहा हूं. 30.यदि भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है, तो भी लड़कर जीतने का प्रयास करें 31.उम्मीद हर स्थिति में आवश्यक है 32. कार्य के आनंद का रहस्य एक शब्द में छुपा है–उत्कृष्टता. किसी कार्य को अच्‍छी तरह से करने का तरीक़ा जानना ही उसका आनंद लेना है 33.समझ का विकल्प गुस्सा नहीं है 34.महान कार्य करने के लिए आत्म-विश्वास सबसे पहली आवश्यकता है 35.सफलता अक्सर उन लोगों के पास आती है जिनके पास उसका इंतज़ार करने का समय नहीं होता 36.उत्साह खोए बिना एक विफलता से दूसरी की ओर जाने की क्षमता ही सफलता है 37.परिवर्तन जीवन का नियम है 38.कुछ लोगों में अपने वरिष्‍ठों के प्रति इतना सम्‍मान होता है कि उनके पास स्‍वयं के लिए कोई आत्‍मसम्‍मान नहीं बचा रह जाता 39.कमज़ोर व्यक्ति कभी क्षमा नहीं करता. क्षमा करना महान व्यक्ति की विशेषता होती है 40.कभी भी बहाने न बनाएं.आपके मित्रों को उनकी आवश्‍यकता नहीं है और आपके शत्रु उन पर विश्वास नहीं करेंगे 41.जब लोहा गरम हो, तो चोट करो. 42. नृत्य आत्मा की छुपी हुई भाषा है 43.प्‍यार पाने और खो जाने से बेहतर हैं कि प्‍यार कभी ना मिले. 44.उत्साह खोए बिना एक विफलता से दूसरी की ओर जाने की क्षमता ही सफलता है 45. आधी छोड़ पूरी को धावे, आधी मिले न पूरी पावे. 46.मजाक में भी कई सच्‍ची बातें निकल आती है 47.समय सर्वाधिक मूल्‍यवान चीज़ है, जिसे कोई ही मनुष्‍य ख़र्च कर सकता है 48.वर्तमान क्षण ही सबसे अच्‍छा समय है. 49.प्रत्येक व्यक्ति अपना भाग्य ख़ुद बनाता है 50.किसी को अपनी मर्जी का काम करने को कहा जा सकता है, लेकिन उसकी मर्जी के बगैर करवाया नहीं जा सकता. 51.बिना हंसी का दिन व्यर्थ होता है 52.स्वार्थ का मतलब स्वयं की इच्छा के अनुसार जीना नहीं होता, इसका मतलब होता है दूसरों से भी आपकी इच्छा के अनुसार जीने को कहना 53. पूर्वाग्रह विश्लेषण के बिना जन्मा एक विचार मात्र होता है 54. यदि बाकी सब कुछ विफल हो जाता है, तो स्वाभाविक को आजमाएं. लड़ाई के लिए भी दो लोगों का होना जरूरी है 55. कार्य के आनंद का रहस्य एक शब्द में छुपा है – उत्कृष्टता. किसी कार्य को अच्‍छी तरह से करने का तरीक़ा जानना ही उसका आनंद लेना है 56.हठ वास्‍तविकता बन जाता है 57.कल्पनाशक्ति ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है 58. सफलता अक्सर उन लोगों के पास आती है जिनके पास उसका इंतज़ार करने का समय नहीं होता 59.प्यार सभी को जीत लेता है 60.गुणवत्ता से समझौता न करें. 61. महसूस करने वालों के लिए ये दुनिया एक त्रासदी है, लेकिन सोचने वालों के लिए एक आनंद 62.यदि आप कभी भी डरते नहीं, या असहज नहीं होते, या चोट नहीं खाते, तो इसका अर्थ है कि आप कभी भी प्रयास ही नहीं करते 63.जीत के लिए प्रतिभा आवश्यक है,और उसे दोहराने के लिए चरित्र 64.कार्य करने से परिणाम मिलता है, सिर्फ बोलने से कुछ हासिल नहीं होता.65. समझ का विकल्प गुस्सा नहीं है. जब लोहा गरम हो, तो चोट करो.

मंगलवार, नवंबर 29, 2011

मद का प्याला-अहंकार

दि नरक को पास से देखना हो तो अहंकार के विचार अपना लीजिये, आपको पूरी दुनिया स्वार्थी नजर आने लगेगी. मद का दुसरा नाम शराब भी है जिसके पान के बाद बुद्धि सुप्त हो जाती है.अहंकार से सभी लौकिक और परलौकिक कर्म हमें अन्धकार के गर्त में ले जाते हैं.
अहंकार क्या है ?
-जब हम में "मैं" पन जाग जाता है. मैं और मेरे विचार, मेरी सोच ही हर जगह सही है, बाकी सब गौण या मूल्यहीन.
अहंकार होने के कारण-
धन-धनवान होने की भावना हमारे पर शासन करने लग जाये. हमारी सोच हमारे धन तक आकर ठहर जाये. हमारी द्रष्टि अन्य सद्गुणों की जगह सिर्फ धन को देखने लग जाये.
विद्या-वैसे तो विद्या हमें विनय तक ले जाने वाली होती है मगर हम खुद को विद्धवान समझने की भूल कर देते हैं तब हमें हमारे ज्ञान के अलावा सब फीका लगने लग जाता है.
जवानी-जवानी के जोश में हम अपने को करता-धरता मान बैठते हैं. हमें वृद्ध और पूजनीय लोगो की सलाह नागवार गुजरती है. यदि जवानी के साथ परमात्मा रूप -रंग भी प्रदान कर देता है तो हम अंधे तो जाते हैं.
कुल-यदि हम उच्चे कुल में जन्म ले लेते हैं तो बाकी के कुल को हम हेय मान बैठते हैं. हम अपने कुल पुरुषो की थाती के विपरीत कर्म करने लग जाते हैं.
धर्म-हम जब कोई भी परोपकार के, मानवता के भले के लिए कर्म करते है तो हम यह शीघ्र भूल जाते है की हमारे द्वारा किये जा रहे कर्म हमारे कर्तव्य हैं.हम अपने किये जाने वाले या कर चुके शुभ कर्मो का जोरशोर से ढिंढोरा पीटने लग जाते हैं.बड़ी-बड़ी नाम पट्टिकाए अपने नाम की लगाकर खुश होते हैं.
कीर्ति-यदि किसी शुभ कर्म के कारण हम लोकप्रिय हो जाते हैं तब हम अपनी कीर्ति का सुख लेने में लग जाते हैं. हमें लगाता है की नियंता भी हमारे सम्मुख कुछ भी सत्ता नहीं रखता है. हम अपनी यश गाथा को अपने मुंह से सुनाते हैं और दुनिया से सुनना पसंद करते हैं.
विजय-हमें अपनी छोटी मोटी हर सफलता पर घमंड हो जाता है, हम यह भूल जाते हैं की सफलता सिर्फ हमारे अकेले के सुप्रयासो का फल नहीं होती है वरन समय, प्रकृति नियति, परिवार और मित्र वर्ग के पूर्ण सहयोग से मिलती है.
संतान-यदि हमें सुयोग्य संतान मिल जाती है तो हम उसे अपने कर्म से जोड़ लेते हैं और अपने ही मुख से संतानों की प्रशंसा सारे जग में करते रहते हैं.
अहंकार के दुष्परिणाम-
1. अहंकार हमें कर्तव्य पथ से दूर ले जाता है.
2. अहंकार हमें मित्रो से विहीन कर देता है.
3. अहंकार हमारी योग्यता को कुंठित कर देता है.
4. अहंकार हमारे इर्दगिर्द भ्रम का निर्माण कर देता है.
5. अहंकार हमारे शुभ कर्मो का क्षरण कर लेता है.
6. अहंकार हमें नित नयी विपत्तियों में डाल देता है.
7. अहंकार हमें असफलता के नजदीक ले जाता है.
8. अहंकार हमारे विवेक का हरण कर लेता है.
9. अहंकार हमें इष्टमित्रो से दूर कर देता है.
10. अहंकार हमें आलोचना से परिचय करवाता है.
11. अहंकार हमें उद्दंड बना देता है .
12. अहंकार हमें नकारात्मक बना देता है.
13. अहंकार से अनचाहे संघर्ष उत्पन्न होते हैं.
14. अहंकार से असहयोग को जन्म देता है.
15. अहंकार से दुनिया हमसे नफरत करने लग जाती है.
16. अहंकार के कारण अनुकूल भी प्रतिकूल में बदल जाता है
अहंकार का त्याग कैसे करे-
1. हमें जो कुछ मिला है वह सामूहिक प्रयत्नों का फल है इसलिए सफलता में कृतज्ञ बने.
2. कर्म के परिणाम अगर अच्छे हैं तो सब में बराबर बाँट दे और बुरे हैं तो स्वयं पर ले ले.
3. हमें अपने कर्तव्यो का ज्ञान रहे परिणामो पर समय व्यतीत नहीं करे ,उत्सव नहीं मनाये.
4. स्वयं को निमित्त मात्र माने, यह काम तो होने ही वाला था मगर नियति ने मुझे गोरवान्वित कर दिया इसलिए नियति की कृतज्ञता प्रगट करे.
5. विनयी बने, विवेकशील बने .
6. समस्त कर्मो का फल नियति को समर्पित कर दे.

सोमवार, नवंबर 28, 2011

अनमोल वचन-चार

1. अपने नीति-बोध को भलाई के आड़े न आने दें 2. यदि आप किसी को नहीं बताना चाहते हैं, तो इसे न करें 3. बचाया गया हर पैसा, कमाए गए पैसे के बराबर है. 4. दिन लंबे हैं, लेकिन साल छोटे हैं 5. शायद मैं वहां नहीं गया, जहां मैं जाना चाहता था, लेकिन मुझे लगता है कि मैने वहां समाप्त किया है जहां मुझे करना चाहिए था. (डगलस ऐडम्‍स) 6. कार्य स्वयं आपको बताता है कि इसे कैसे किया जाए 7. वादे कर्ज़ के समान होते हैं जिन्हें कभी न कभी चुकाना होता है 8. कल्पना के बेहतर दिशा में कार्य करने से ही अच्छे कार्यों का जन्म होता है 9. अशिक्षित व्यक्ति को इस दुनिया में जानवर के समान समझा जाता है 10. जल्‍दी सोना, जल्‍दी जागना, व्‍यक्‍ति को स्‍वस्‍थ, धनवान और बुद्धिमान बनाता है. 11. जब आप विकल्पों पर विचार करते हैं तो बुढ़ापा भी इतना बुरा नहीं लगता 12. पुस्तक ज्ञान का भंडार होती है 13. महान आत्‍माओं को हमेशा ही मध्यम स्तर की सोच वालों से हिंसक विरोध का सामना करना पड़ा है. (अल्‍बर्ट आइंस्‍टीन) 14. ज्ञान ऐसा ख़ज़ाना होता है जो अपने स्वामी के साथ हमेशा रहता है 15. आशा और प्रत्‍याशा अक्‍सर वास्‍तविकता से बेहतर होते हैं. 16. धीरे-धीरे आगे बढ़ने में न डरें, वहीं के वहीं खड़े रहने से डरें 17. वर्तमान क्षण ही सबसे अच्‍छा समय है. 18. खुशियां अच्छे स्वास्थ और बुरी यादों से ज्यादा कुछ नहीं है 19. वह,जो कभी-कभी होता है अद्भुत होता है.20. यदि भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है, तो भी लड़कर जीतने का प्रयास करें 21. जीवन में एक अवसर, अक्‍सर आता है, इसलिए तैयार रहें. 22.  युवाओं के पास वे इच्‍छाएं होती हैं, जो कभी ख़त्‍म नहीं होतीं, बूढ़ों के पास उन चीज़ों की स्‍मृतियां होती हैं, जो कभी नहीं हुईं  23. भविष्य उन लोगों का होता है जो अपने सपनों की खूबसूरती में विश्वास करते हैं. 24. यदि आप चाहते हैं कि दूसरे आपका राज़ छुपाए रखें, तो पहले आपको खुद उसे छुपाए रखना होगा 25. जीवन का उद्देश्य जीने में निहित है, और जिज्ञासा को जीवित रखा जाना चाहिए. व्‍यक्ति को कभी भी, किसी भी कारण से, जीवन से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए. 26. अपने काम में ख़ुशी तलाशने का प्रयत्न करें अन्यथा आप कभी नहीं जान पाएंगे कि ख़ुशी क्या होती है 27. यदि आप किसी को नहीं बताना चाहते हैं, तो इसे न करें 28. लोगों को अच्छे और बुरे में विभाजित करना निरर्थक है. लोग आकर्षक या उबाऊ होते हैं 29. कुछ चीज़ों में कर्मठता और कुशलता असंभव है. महान कार्य शक्ति से नहीं, दृढ़ता से संपन्‍न किए जाते हैं 30. आपके पास बहुत कम समय है, इसे दूसरों का जीवन जीने में बर्बाद न करें 31.  भविष्य का पूर्वानुमान करने का सबसे अच्छा तरीका उसे बनाना है 32. कल किसने देखा है. आज को जियो 33. आगे का मार्ग जानने के लिए, उनसे पूछे जो लौट रहे हैं 34. सफलता अक्सर उन लोगों के पास आती है जिनके पास उसका इंतज़ार करने का समय नहीं होता 35. सादगी ही सर्वश्रेष्ठ दुनियादारी है 36. कार्य स्वयं आपको बताता है कि इसे कैसे किया जाए 37. ऐसा काम ना करें, जो किसी को बता ना सकें 38. महसूस करने वालों के लिए ये दुनिया एक त्रासदी है, लेकिन सोचने वालों के लिए एक आनंद

गुरुवार, नवंबर 17, 2011

अनमोल वचन-तीन

1. मुझे तूफानों से डर नहीं लगता क्‍योंकि मैं अपना जहाज़ चलाना सीख रहा हूं.  2. आज किसी व्यक्ति की तारीफ़ करके देखें 3. धैर्य आशा करने की ही एक कला है 4. आप सबसे बड़ी विजय किसी को विनम्रता में पीछे करके ही प्राप्‍त कर सकते हैं 5. जो पक्षी पहले आता है वह कीट को पकड़ लेता है. लेकिन दूसरे चूहे को ही मक्खन मिलता है. 6. यदि आप चाहते हैं कि दूसरे ख़ुश रहें, तो करुणा का भाव रखें. यदि आप चाहते हैं कि स्‍वयं ख़ुश रहें, तो करुणा का भाव रखें. 7. शांति, दान की ही तरह, घर से शुरु होती है. 8. ईश्वर करे हमारा ह्रदय रूपी बगीचा खिले हुए सैकड़ों सजीव फूलों से भर जाए. (हीच नात हान) 9. हमें यह करना है कि हमेशा नए दृष्टिकोणों को परखने के लिए उत्सुक रहें और नए प्रभाव ग्रहण करते रहें 10.हमें ख़ुद को वैसा बनाना चाहिए जैसा परिवर्तन हम दूसरों में चाहते हैं 11.कुछ चीज़ों में कर्मठता और कुशलता असंभव है. महान कार्य शक्ति से नहीं, दृढ़ता से संपन्‍न किए जाते हैं. 12. एक समझदार मौन किसी वक्तव्य से अधिक अर्थपूर्ण होता है 13. समय की पाबंदी ऊबाउ व्यक्ति की विशेषता है (परंतु यदि आप इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं, तो समय पर पहुंचे) 14. सफलता अंत नहीं होती, विफलता घातक नहीं होती: हमेशा आगे बढ़ते रहने का साहस ही महत्व रखता है 15. कार्य के आनंद का रहस्य एक शब्द में छुपा है – उत्कृष्टता. किसी कार्य को अच्‍छी तरह से करने का तरीक़ा जानना ही उसका आनंद लेना है 16. अंहकार ही पतन का कारण है. 17. जिस दिन, जिस क्षण किसी के अंदर बुरा विचार आये अथवा कोई दुष्कर्म करने की प्रवृत्ति उपजे, मानना चाहिए कि वह दिन-वह क्षण मनुष्य के लिए अशुभ है।18. सहानुभूति मनुष्य के हृदय में निवास करने वाली वह कोमलता है, जिसका निर्माण संवेदना, दया, प्रेम तथा करुणा के सम्मिश्रण से होता है। 19. आलिंगन सर्वोत्तम उपहार है: सभी इसे पसंद करते हैं और वापस करने पर कोई इसका बुरा भी नहीं मानता 20. परिवर्तन जीवन का नियम है. 21. सादगी ही सर्वश्रेष्ठ दुनियादारी है 22. अब समय है कुछ नया प्रयास करने का 23. अवसर प्रतीक्षारत है, आप को केवल दरवाज़ा खोलने की जरूरत है. 24. समय सर्वाधिक मूल्‍यवान चीज़ है, जिसे कोई मनुष्‍य ख़र्च कर सकता है 24. कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति को हतोत्साहित न करें जो लगातार प्रगति कर रहा हो, भले ही उसकी गति कितनी ही धीमी क्यों न हो 25. कल्पना के बेहतर दिशा में कार्य करने से ही अच्छे कार्यों का जन्म होता है 26. कार्य के आनंद का रहस्य एक शब्द में छुपा है – उत्कृष्टता. किसी कार्य को अच्‍छी तरह से करने का तरीक़ा जानना ही उसका आनंद लेना है 27. दूसरो की गलतियों को उसी रूप में देखें जैसे आप अपनी गलतियों को देखते हैं 28. धीरे-धीरे आगे बढ़ने में न डरें, वहीं के वहीं खड़े रहने से डरें 29. जैसी करनी वैसी भरनी. 30.कल्पना के बेहतर दिशा में कार्य करने से ही अच्छे कार्यों का जन्म होता है 31.  प्रत्येक व्यक्ति अपना भाग्य ख़ुद बनाता है 32. कल्पनाशक्ति ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है 33. कार्य उद्यम से सिद्ध होते है, मनोरथ से नहीं. 34. नृत्य आत्मा की छुपी हुई भाषा है 35. यदि भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है, तो भी लड़कर जीतने का प्रयास करें 36.बिना विचारे जो करे, सो पाछे पछताय 37.यदि आप चाहते हैं कि दूसरे आपका राज़ छुपाए रखें, तो पहले आपको खुद उसे छुपाए रखना होगा 38.विरोध के बदले शांति अनुभव करना चुनें 39.यदि आप प्यार पाना चाहते है, तो प्यार करने योग्य बनें 40. सुरक्षा सुझाव अपने खाते को सुरक्षित रखें : यदि आप सहभाजित कंप्यूटर पर हों तो प्रत्येक सत्र के बाद लॉग आउट करना ना भूलें। 

बुधवार, नवंबर 02, 2011

अनमोल वचन-दो

1. स्वयं को किसी की ज़रूरत बनाएं  2. समय सर्वाधिक मूल्‍यवान चीज़ है, जिसे कोई महान मनुष्‍य ही ख़र्च कर सकता है  3. पुस्तक ज्ञान का भंडार होती है 4. आज कुछ नया सीखने का प्रयत्न करें 5. जैसा अन्न, वैसा मन 6. स्वयं को किसी की ज़रूरत बनाएं 7. ईमानदारी सर्वश्रेष्‍ठ नीति है.8. कल्पनाशक्ति ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है 9. जहां मन रम जाए वहीं घर. 10. अपने नीति-बोध को भलाई के आड़े न आने दें 11. आज ख़ुशी बांटने का एक बेहतरीन दिन है 12.  कल्पना के बेहतर दिशा में कार्य करने से ही अच्छे कार्यों का जन्म होता है13. जैसी करनी वैसी भरनी.14. देश के युवा की शिक्षा प्रत्येक देश की आधारशिला होती है 15.  हम जैसा सोचते हैं, हम वैसे हो जाते हैं (पर कृपया खुद को सुपरहीरो न समझें और उड़ने का प्रयास न करें) 16. पूर्वाग्रह विश्लेषण के बिना जन्मा एक विचार मात्र होता है 17. आधी छोड़ पूरी को धावे, आधी मिले न पूरी पावे.18. अपने नीति-बोध को भलाई के आड़े न आने दें 19. देखें आप क्या कहते हैं – जो कुछ भी नहीं कहते, उनमें से कुछ ख़ामोश हैं 20.जैसी करनी वैसी भरनी.21. जीवन में सबसे बड़ी ग़लती जो आप कर सकते हैं, वो है ग़लती कर जाने के लगातार बने रहने वाले डर से डरना 22. धीरे-धीरे आगे बढ़ने में न डरें, वहीं के वहीं खड़े रहने से डरें  23. यदि आप कभी भी डरते नहीं, या असहज नहीं होते, या चोट नहीं खाते, तो इसका अर्थ है कि आप कभी भी प्रयास ही नहीं करते 24. कार्य उद्यम से सिद्ध होते है, मनोरथ से नहीं.25.हर पीढ़ी स्वयं की कल्पना अपने से पिछली पीढ़ी से अधिक बुद्धिमान और अपनी अगली पीढ़ी से अधिक समझदार के रूप में करती है 26. प्रयास करें और विफल हों, परंतु प्रयास करने में कभी विफल न हों 27. आज पुराने मित्र को संदेश भेजें 28. आज दूसरों के साथ अपनी खुशियां बांटें 29. प्रत्येक व्यक्ति अपना भाग्य ख़ुद बनाता है 30.युवाओं के पास वे इच्छाएं होती हैं, जो कभी ख़त्म नहीं होतीं, बूढ़ों के पास उन चीज़ों की स्मृतियां होती हैं, जो कभी नहीं हुईं 31.अभ्‍यास परिपूर्ण बनाता है.32. उम्मीद हर स्थिति में आवश्यक है 33. जिंदगी एक किताब की तरह है: महत्व इस बात का है कि वह कितनी अच्छी है, इसका नहीं कि वह कितनी लंबी है 34. अध्‍ययन ऐसा करो जैसे कि आपको हमेशा जीना है.ऐसे जियो जैसे जीवन का अंतिम समय निकट हो 35. मुफ्त में कुछ नहीं मिलता. 36. जैसी करनी वैसी भरनी.37. आप भला तो जग भला.38. निराशावादी व्यक्ति प्रत्येक अवसर में समस्या देखता है;आशावादी व्यक्ति प्रत्येक समस्या में अवसरों को देखता है. 39.नृत्य आत्मा की छुपी हुई भाषा है 40. प्रत्येक व्यक्ति अपना भाग्य ख़ुद बनाता है 41. पूर्वाग्रह विश्लेषण के बिना जन्मा एक विचार मात्र होता है 42. हर बात के दो मतलब होते हैं 43. यदि आप चाहते हैं कि दूसरे आपका राज़ छुपाए रखें, तो पहले आपको खुद उसे छुपाए रखना होगा 44. जब लोग बातें करते हैं तो उन्हें ध्यान से सुनें. अधिकांश लोग सुनते नहीं 45. यदि भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है, तो भी लड़कर जीतने का प्रयास करें 46. हर बात के दो मतलब होते हैं. 47.आगे का मार्ग जानने के लिए, उनसे पूछे जो लौट रहे हैं 48. दूसरो की गलतियों को उसी रूप में देखें जैसे आप अपनी गलतियों को देखते हैं.49 स्वयं को किसी प्रतिभा या अन्य तरीके से विलक्षण बनाएं 50.अच्छा श्रोता केवल लोकप्रिय ही नहीं होता, बल्कि वह कुछ समय बाद कुछ जानने भी लगता है 51. आज आप ऐसी भाग्य कुकी देखेंगे जिसे आपने पहले कभी नहीं देखा होगा 52. जब लोहा गरम हो, तो चोट करो.53.ज्‍़यादा समय तक क्रोध नहीं करना चाहिए. 54. परिवर्तन जीवन का नियम है 55. आज व्यायाम करें 56. मित्र वही होता है जो आपको बेहतर तरीके से जानता है और आपसे उतना ही प्यार करता है 57. लोगों को अच्छे और बुरे में विभाजित करना निरर्थक है. लोग आकर्षक या उबाऊ होते हैं 58. धीरे-धीरे आगे बढ़ने में न डरें, वहीं के वहीं खड़े रहने से डरें 59. मजाक में भी कई सच्‍ची बातें निकल आती है. 60 मौका मिले तो चूको मत. 61. थोड़ी सी चूक से बड़ी हानि होती है  62. अपने आप को जोखिम में न डालें. वह सब कुछ, जो आपके पास है, वह आप स्वयं हैं. (जैनिस जॉपलिन) 63. मुफ्त में कुछ नहीं मिलता. 64. सफलता के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा विफलता का डर होता है. 65. आलस्‍य एक दिलचस्प किंतु कष्टप्रद स्थिति है; हमें ख़ुश होने के लिए कुछ करना ही होगा

मंगलवार, नवंबर 01, 2011

अनमोल वचन-एक

1. शांति, दान की ही तरह, घर से शुरु होती है. 2. ज्‍़यादा समय तक क्रोध नहीं करना चाहिए. 3. ईमानदारी सर्वश्रेष्‍ठ नीति है.4. लोगों को अच्छे और बुरे में विभाजित करना निरर्थक है. लोग आकर्षक या उबाऊ होते हैं 5. देखें आप क्या कहते हैं – जो कुछ भी नहीं कहते, उनमें से कुछ ख़ामोश हैं 6. अभ्‍यास परिपूर्ण बनाता है.7. प्रत्येक व्यक्ति अपना भाग्य ख़ुद बनाता है 8.  स्वार्थ का मतलब स्वयं की इच्छा के अनुसार जीना नहीं होता, इसका मतलब होता है दूसरों से भी आपकी इच्छा के अनुसार जीने को कहना 9. कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है. 10. यदि आप प्यार पाना चाहते है, तो प्यार करने योग्य बनें 11.  कमज़ोर व्यक्ति कभी क्षमा नहीं करता. क्षमा करना महान व्यक्ति की विशेषता होती है 12. आज व्यायाम करें 13.  सफलता अंत नहीं होती, विफलता घातक नहीं होती: हमेशा आगे बढ़ते रहने का साहस ही महत्व रखता है 14. ज्‍़यादा समय तक क्रोध नहीं करना चाहिए 15.  अचानक आया तुफ़ान, जल्द ही थम जाता है. 16. जो आपके करीब है उन्हें खुश रखें, और जो आपसे दूर हैं वो एक दिन ज़रूर आपके क़रीब आएंगे 17. कई लोगों की राय लेने से काम बिगड़ जाता है. 18. कार्य उद्यम से सिद्ध होते है, मनोरथ से नहीं. 19.  आज का भाग्य: पढ़ें ऐसे जैसे आप हमेशा जीवित रहना चाहते हैं. जिएं ऐसे जैसे आप कल ही मरने वाले है. 20.  वर्तमान क्षण ही सबसे अच्‍छा समय है. 21.  अपने नीति-बोध को भलाई के आड़े न आने दें 22.  हर पीढ़ी स्‍वयं की कल्‍पना अपने से पिछली पीढ़ी से अधिक बुद्धिमान और अपनी अगली पीढ़ी से अधिक समझदार के रूप में करती है 23. आलस्य एक दिलचस्प किंतु कष्टप्रद स्थिति है; हमें ख़ुश होने के लिए कुछ करना ही होगा 24. निराशावाद से कभी कोई युद्ध नहीं जीत सकता 25.  आप सबसे बड़ी विजय किसी को विनम्रता में पीछे करके ही प्राप्त कर सकते हैं 26.  कुछ कार्य क्रम से करने पर ही सफल होते हैं. 27. देखें आप क्या कहते हैं – जो कुछ भी नहीं कहते, उनमें से कुछ ख़ामोश हैं 28.  बिना हंसी का दिन व्यर्थ होता है 29.  कार्य स्वयं आपको बताता है कि इसे कैसे किया जाए 30.  कुछ लोगों में अपने वरिष्ठों के प्रति इतना सम्मान होता है कि उनके पास स्वयं के लिए कोई आत्मसम्मान नहीं बचा रह जाता 31. ज्ञान ऐसा ख़ज़ाना होता है जो अपने स्वामी के साथ हमेशा रहता है 32. यदि आप सभी नियमों का पालन करने लगें, तो ज़िंदगी का पूरा मज़ा नहीं ले पाएंगे. 33.  हमारी कमज़ोरियां ही हमारी क्षमता बढ़ाती है. 34.  दोस्‍ती निश्‍चित ही प्‍यार में मिले जख्‍़मों के लिए सबसे बेहतर मरहम है. (जेन आस्‍टिन)35.  नए मित्र बनाने के लिए सही समय है 36.  महसूस करने वालों के लिए ये दुनिया एक त्रासदी है, लेकिन सोचने वालों के लिए एक आनंद 37.  उम्मीद हर स्थिति में आवश्यक है 38.  साधारण होना ही महान होना है 39.  बिना गुण की सुंदरता बिना सुगंध के गुलाब की तरह है 40.  कुछ लोगों में अपने वरिष्ठों के प्रति इतना सम्मान होता है कि उनके पास स्वयं के लिए कोई आत्मसम्मान नहीं बचा रह जाता 41. यदि आप कभी भी डरते नहीं, या असहज नहीं होते, या चोट नहीं खाते, तो इसका अर्थ है कि आप कभी भी प्रयास ही नहीं करते 42.  व्यक्ति को जीवित रहने के लिए साफ छवि की आवश्यकता होती है 43.  जब लोग बातें करते हैं तो उन्हें ध्यान से सुनें. अधिकांश लोग सुनते नहीं 44.  नए मित्र बनाने के लिए सही समय है 45.  आज आप किसी ऐसे व्यक्ति को स्क्रैप क्यों नहीं करते, जिससे आपने वर्षों से बात नहीं की है? 46.  समझ का विकल्प गुस्सा नहीं है 47.  कार्य उद्यम से सिद्ध होते है, मनोरथ से नहीं. 48.  कुछ लोगों में अपने वरिष्ठों के प्रति इतना सम्मान होता है कि उनके पास स्वयं के लिए कोई आत्मसम्मान नहीं बचा रह जाता 49.  शांति, दान की ही तरह, घर से शुरु होती है 50.  अशिक्षित व्यक्ति को इस दुनिया में जानवर के समान समझा जाता है 51.  आवश्‍यकता आविष्‍कार की जननी है 52.  अपने दुश्‍मनों को माफ़ कर दें, लेकिन उनके नाम कभी न भूलें 53. यदि आप प्यार पाना चाहते है, तो प्यार करने योग्य बनें 54.  आज आप ऐसी भाग्य कुकी देखेंगे जिसे आपने पहले कभी नहीं देखा होगा 55. वादे कर्ज़ के समान होते हैं जिन्हें कभी न कभी चुकाना होता है 56. भलाई का कोई भी काम बेकार नहीं जाता, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो 57. यदि आप सभी नियमों का पालन करने लगें, तो ज़िंदगी का पूरा मज़ा नहीं ले पाएंगे 58. कुछ कार्य क्रम से करने पर ही सफल होते हैं 59. प्रत्येक व्यक्ति अपना भाग्य ख़ुद बनाता है 60. आलस्‍य एक दिलचस्प किंतु कष्टप्रद स्थिति है; हमें ख़ुश होने के लिए कुछ करना ही होगा 61. आलिंगन सर्वोत्तम उपहार है: सभी इसे पसंद करते हैं और वापस करने पर कोई इसका बुरा भी नहीं मानता 62.  कभी भी किसी ऐसे व्‍यक्ति को हतोत्‍साहित न करें जो लगातार प्रगति कर रहा हो, भले ही उसकी गति कितनी ही धीमी क्यों न हो 63.  आप सबसे बड़ी विजय किसी को विनम्रता में पीछे करके ही प्राप्‍त कर सकते हैं 64. आज दूसरों के साथ अपनी खुशियां बांटें 65. एक समझदार मौन किसी वक्‍तव्‍य से अधिक अर्थपूर्ण होता है 66. यदि आप चाहते हैं कि दूसरे आपका राज़ छुपाए रखें, तो पहले आपको खुद उसे छुपाए रखना होगा 67. समय या अवसर संबंधों की घनिष्‍ठता नहीं दर्शाते; यह व्‍यवहार पर निर्भर करता है. (जेन ऑस्‍टिन) 68. हमें यह करना है कि हमेशा नए दृष्टिकोणों को परखने के लिए उत्सुक रहें और नए प्रभाव ग्रहण करते रहें 69. समय की पाबंदी ऊबाउ व्यक्ति की विशेषता है (परंतु यदि आप इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं, तो समय पर पहुंचे) 70. आपके पास बहुत कम समय है, इसे दूसरों का जीवन जीने में बर्बाद न करें 71. चीज़ों को शुरु में एक मिनट व्यवस्थित करने से, बाद में एक घंटा बचाया जा सकता है. 72. आलिंगन सर्वोत्तम उपहार है: सभी इसे पसंद करते हैं और वापस करने पर कोई इसका बुरा भी नहीं मानता 73. रोज़ एक सेब खाना सेहत के लिए फायदेमंद है 74. सफलता के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा विफलता का डर होता है 75. कार्य के आनंद का रहस्य एक शब्द में छुपा है – उत्कृष्टता. किसी कार्य को अच्‍छी तरह से करने का तरीक़ा जानना ही उसका आनंद लेना है 75. पुराने कामों को पूरा करने का अच्छा समय है. 76. आशा और प्रत्‍याशा अक्‍सर वास्‍तविकता से बेहतर होते हैं. 77.आज किसी के लिए कुछ अच्छा करें 78. कल्पनाशक्ति, ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण होती है  79. मुफ्त में कुछ नहीं मिलता. 80.समय की पाबंदी ऊबाउ व्यक्ति की विशेषता है (परंतु यदि आप इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं, तो समय पर पहुंचे) 81.दिन लंबे हैं, लेकिन साल छोटे हैं 82. रूठे हुए को मनाना जिंदगी है दूसरों को हंसाना जिंदगी है कोई जीतकर खूश हुआ तो क्या हुआ सब कुछ हारकर मुस्कराना भी जिंदगी है। 83.कुछ लोगों में अपने वरिष्‍ठों के प्रति इतना सम्‍मान होता है कि उनके पास स्‍वयं के लिए कोई आत्‍मसम्‍मान नहीं बचा रह जाता.

शनिवार, अक्टूबर 29, 2011

नाम के लिए कुर्सी का कोई फायदा नहीं

रमेश कुमार जैन ने "सिर-फिरा" दिया नाम से गूगल के ब्लॉग "ब्लॉग की खबरें" पर प्रकाशित एक विवादित पोस्ट को पूरा पढ़ने और समझने के लिए यहाँ पर और पोस्ट के नाम पर क्लिक करें. यह विवाद 03 जुलाई 2011 से लेकर 23 जुलाई 2011 लेकर चला था. जिसमें सिध्दांतों और कार्यशैली को लेकर लेखन व विचारों के माध्यम से युध्द हुआ.फिर मैंने "सच लिखने का ब्लॉग जगत में सबसे बड़ा ढोंग-सबसे बड़ी और सबसे खतनाक पोस्ट" नामक पोस्ट लिखने की श्रखंला शुरू की. जिससे यहाँ पर किल्क करके पढ़ा जा सकता हैं.
मेरे बड़े भाई हरीश सिंह जी, आपने इस नाचीज़ "सिरफिरा" को "प्रसार व्यवस्थापक" के पद के योग्य पाया है. उसके लिए आपका दिल की गहराइयों से शुक्रगुजार हूँ. जब आपने मुझे "सहयोगी" के रूप में शामिल किया था.तब मैंने लिखा था कि-आपने मुझे इसमें शामिल करके जो मान-सम्मान दिया है. उसका शुक्रगुजार हूँ. मगर फ़िलहाल कुछ निजी समस्याओं के कारण मैं ज्यादा योगदान देने में असमर्थ रहूँगा.
      मुझे आपसे एक शिकायत है कि आपने एक बार मुझे फोन करके या ईमेल भेजकर नहीं पूछा. मेरा विचार आपको "प्रसार व्यवस्थापक" बनाने का है. आप क्यों एक तरफा फैसले लेते हैं? मुझे ऐसी कुर्सी नहीं चाहिए. जिसके लिए मैं मानसिक रूप से तैयार न होऊं.मुझे "नाम" नहीं "काम" चाहिए. जब मैं काम करने में असमर्थ हूँ. तब नाम के लिए कुर्सी का कोई फायदा नहीं है. हमारे देश में कुर्सी के लिए स्वार्थी लोगों/नेताओं क्या कोई कमी है? आप मेरे संदर्भ में कोई भी फैसला लेने से पहले मुझसे बातचीत जरुर करें. उपरोक्त "प्रसार व्यवस्थापक" पद के नियमों-शर्तों और जिम्मेदारियों से अवगत करवाए बिना मुझे पद नहीं देना चाहिए था. अगर आप चाहते हैं कि-पद पर बना रहूँ तब आप मुझे नियमों-शर्तों और जिम्मेदारियों से अवगत करवाए. अगर ऐसा करने में असमर्थ हैं.तब आप मेरा इस्तीफा स्वीकार करें. मुझे उपरोक्त पद के बारें में जानकारी प्रदान करें कैसे "प्रचार" की व्यवस्था बनाकर रखनी होगी? कितने व्यक्ति है जो मेरे अंतर्गत कार्य करेंगे और कितने लोग ने इस पद के लिए मेरे नाम का समर्थन किया था? क्या यहाँ(ब्लॉग जगत) में कोई भी कुर्सी कोई भी ले सकता है. मैं पद की "गरिमा" का सम्मान करते हुए कह रहा हूँ. कल को मेरे कार्य के संतोषजनक न होने पर आप हटा दें, उससे पहले मैं स्वयं एक तरफा लिए फैसले के कारण पद से त्याग पत्र देता हूँ. मेरे पास एक प्रकाशन परिवार के साथ पहले ही अनेक जिम्मेदारियां है. इसलिए बिना नियमों-शर्तों और जिम्मेदारियों से अवगत हुए पद ग्रहण नहीं कर सकता हूँ और अवगत कराने पर पद स्वीकार करने को तैयार भी हूँ. लेकिन मेरी निजी समस्याओं को देखते हुए मेरे कार्य की समीक्षा करने को पूरा ब्लॉग जगत और प्रबंध मंडल निर्णय लेने में काबिल हो तो और मेरे निजी कारणों में कुछ सहायता करने की हामी भरें. वैसे ब्लोग्स जगत में एक "दिखावा" की दुनियां कायम हो रही हैं. जिसको मैं पसंद नहीं करता हूँ.
        मैंने अपना एक नया  शकुन्तला प्रेस का पुस्तकालय ब्लॉग बनाया है.जिसमें मुझे बहुत से शोध कार्य करने हैं. मैंने भी अपने गुरुवर श्री दिनेश राय द्विवेदी जी को उसमें शामिल करने का मेरा मन है.मगर मैंने पहले उनकी अनुमति प्राप्त करना उचित समझा. इसका उदाहरण आप यहाँ देख सकते हैं.
नोट: यह पोस्ट पहले "भारतीय ब्लॉग समाचार" ब्लॉग पर प्रकाशित हो चुकी है.
         अगर आप मेरे अन्य ब्लॉग को पढ़ने के इच्छुक है. तब आप सभी पाठकों और दोस्तों से हमारी विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-अगर आपको समय मिले तो कृपया करके मेरे "सिरफिरा-आजाद पंछी", "रमेश कुमार सिरफिरा", सच्चा दोस्त, आपकी शायरी, मुबारकबाद, आपको मुबारक हो, शकुन्तला प्रेस ऑफ इंडिया प्रकाशन, सच का सामना(आत्मकथा), तीर्थंकर महावीर स्वामी जी, शकुन्तला प्रेस का पुस्तकालय और शकुन्तला महिला कल्याण कोष, मानव सेवा एकता मंच एवं  चुनाव चिन्ह पर आधरित कैमरा-तीसरी आँख (जिनपर कार्य चल रहा है) ब्लोगों का भी अवलोकन करें और अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. आप हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे. हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं.

हत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा, यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें. हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है. आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें  क्या आप किन्ही दो व्यक्तियों को रोशनी देना चाहेंगे?  नेत्रदान आप करें और दूसरों को भी प्रेरित करें

शुक्रवार, अक्टूबर 14, 2011

दोस्ती को बदनाम करती लड़कियों से सावधान रहे.

यह दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे...
प्रिय पाठकों, आज दोस्ती के मायने बदल चुके हैं. आप दोस्ती जैसे पवित्र नाम को बदनाम करती लड़कियों से सावधान रहे. आज मेरी फेसबुक पर एक लड़की से हुए वार्तालाप में मेरा अनुभव नीचे देखें और सच्ची दोस्ती की परिभाषा को व्यक्त करता मेरा ब्लॉग देखें (दोस्ती की बड़ी नाजुक होती है डोर http://sachchadost.blogspot.com/2010/11/blog-post.html)
लड़की :-namaskar sirfire j (नमस्कार सिरफिरे जी )
सिरफिरा:-आपको भी नमस्कार जी,
लड़की :-aap kin kin baton ka jawab dene me samarth hain­ ­ (आप किन-किन बातों का जवाब देने में समर्थ हैं)
सिरफिरा:- जैसे-जैसे मौत की घड़ियाँ नजदीक आती गई ! वैसे-वैसे अर्थी उठाने वालों की संख्या बढती गई !!
लड़की :- bekaar hai­ ­ ye wala­ ­(बेकार है ये वाला)
सिरफिरा:-इसको कहते है हिम्मत वाली लड़की, सच बोलने वाली
लड़की :-ji han­ ­,mujhe jo pasand nh aata saaf bol deti hun­ ­(जी हाँ, मुझे जो पसंद नहीं आता साफ़ बोल देती हूँ)
सिरफिरा:-इसी का नाम ईमानदारी और स्पष्टवादिता कहते हैं.
लड़की :-acha btao ab ki kin kin baton ka jawab de te ho aap­ ­(अच्छा बताओ अब कि किन-किन बातों का जवाब देते हो आप)
सिरफिरा:-जिसका जवाब मालूम नहीं होता उसका ईमानदारी और स्पष्टवादिता से मना कर देंगे.
लड़की :- thk hai­ ­ (ठीक है)
सिरफिरा:-किसी को बीच में नहीं लटकाते है.
लड़की :- mera cell recharge kra do ge plz­ ­ (मेरा सेल रिचार्ज करा दोगे प्लीज़)
सिरफिरा:-बिल्कुल नहीं ? यह कार्य कोई हुश्न के दीवाने करते हैं.
 लगभग आधे घंटे के बाद तक जवाब नहीं आने पर 
सिरफिरा:-आप एक सिरफिरे और पत्रकार को मूर्ख बनाने चली थीं. दोस्ती को पैसों के लिये बदनाम करना उचित नहीं.अगर तुम्हारी दोस्ती में पवित्रता होती तो जवाब मिलने के बाद भी वार्तालाप जारी रखती.Chat Conversation End
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यह है मेरे सच्चे हितेषी (इनको मेरी आलोचना करने के लिए धन्यवाद देता हूँ और लगातार आलोचना करते रहेंगे, ऐसी उम्मीद करता हूँ)
पाठकों और दोस्तों मुझसे एक छोटी-सी गलती हुई है.जिसकी सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगता हूँ. अधिक जानकारी के लिए "भारतीय ब्लॉग समाचार" पर जाएँ और थोड़ा-सा ध्यान इसी गलती को लेकर मेरा नजरिया दो दिन तक "सिरफिरा-आजाद पंछी" पर देखें.

आदरणीय शिखा कौशिक जी, मुझे जानकारी नहीं थीं कि सुश्री शालिनी कौशिक जी, अविवाहित है. यह सब जानकारी के अभाव में और भूलवश ही हुआ.क्योकि लगभग सभी ने आधी-अधूरी जानकारी अपने ब्लोगों पर डाल रखी है. फिर गलती तो गलती होती है.भूलवश "श्रीमती" के लिखने किसी प्रकार से उनके दिल को कोई ठेस लगी हो और किसी भी प्रकार से आहत हुई हो. इसके लिए मुझे खेद है.मुआवजा नहीं देने के लिए है.अगर कहो तो एक जैन धर्म का व्रत 3 अगस्त का उनके नाम से कर दूँ. इस अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.

मेरे बड़े भाई श्री हरीश सिंह जी, आप अगर चाहते थें कि-मैं प्रचारक पद के लिए उपयुक्त हूँ और मैं यह दायित्व आप ग्रहण कर लूँ तब आपको मेरी पोस्ट नहीं निकालनी चाहिए थी और उसके नीचे ही टिप्पणी के रूप में या ईमेल और फोन करके बताते.यह व्यक्तिगत रूप से का क्या चक्कर है. आपको मेरा दायित्व सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए था.जो कहा था उस पर आज भी कायम और अटल हूँ.मैंने "थूककर चाटना नहीं सीखा है.मेरा नाम जल्दी से जल्दी "सहयोगी" की सूची में से हटा दिया जाए.जो कह दिया उसको पत्थर की लकीर बना दिया.अगर आप चाहे तो मेरी यह टिप्पणी क्या सारी हटा सकते है.ब्लॉग या अखबार के मलिक के उपर होता है.वो न्याय की बात प्रिंट करता है या अन्याय की. एक बार फिर भूलवश "श्रीमती" लिखने के लिए क्षमा चाहता हूँ.सिर्फ इसका उद्देश्य उनको सम्मान देना था.
कृपया ज्यादा जानकारी के लिए निम्न लिंक देखे. पूरी बात को समझने के लिए http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html,
गलती की सूचना मिलने पर हमारी प्रतिक्रिया: http://blogkeshari.blogspot.com/2011/07/blog-post_4919.html

यह हमारी नवीनतम पोस्ट है: