दिल्ली की सड़कों पर खाना हजम करें
नई दिल्ली :दिल्ली की सड़के तौबा-तौबा! हमारी दिल्ली को कहा जाता है कि-भारत की राजधानी है मगर राजधानी होने के कारण जैसी शान होनी चाहिए वैसी है नहीं. समाचार के साथ लगी यह फोटो कर्मपुरा से जखीरा की ओर जाने वाली सड़क की हैं. इसकी हालत इतनी जर्जर हैं कि-आप अपनी गाडी या वाहन के साथ यहाँ से गुजर जाने के बाद आपके पेट की रोटी हजम हो जाती है. जैसे फुटबाल के खेल में फुटबाल पर कभी किक एक बार इधर से लगती है और कभी उधर से लगती है. ठीक उसी प्रकार से यहाँ पर एक बार वाहन का पहिया इस गड्डे में गिरता है और कभी उस गड्डे में गिरता है. वाहन का पहिया गड्डे में गिरने से इतना जोर का झटका लगता है. इसे पेट की सारी आतिड़ियों की कसरत हो जाती है और आपका खाना हजम हो जाता है. उपरोक्त संवाददाता को राहगीर रिटार्ड कर्नल सरदार हरनारिंदर सिंह ने बताया कि यह सडक पिछले दस सालों से नहीं बनी है और जहाँ पर मंत्री रहते हैं वहां की सड़के ठीक से बनी हुई है मगर जिन सड़कों से आम आदमी गुजरते हैं उनकी हालत खस्ता है. एक अन्य राहगीर नितिन अरोड़ा का कहना है कि-काश दिल्ली सरकार ने कोमनवेल्थ के नाम पर इतना पैसा बर्बाद न करके उसका 1% पूरी ईमानदारी से दिल्ली की सड़कों पर लगाया होता तो वो ज्यादा कहीं अच्छा होता. कर्मपुरा से उत्तम नगर की ओर जाने वाली रोड की मरम्मत करवाता दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए बताया कि- अगर पूरी दिल्ली के लिए (एक मशीन की ओर इशारा करते हुए) इसी चार-पाँच मशीनें आ जाए तो दिल्ली की एक भी सडक टूटी हुई नहीं रह सकती है मगर मशीने मंगवाने वाली फाइल विभागों में अटकी पड़ी रहती है.