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शुक्रवार, अक्तूबर 08, 2010

बच्चा नहीं लौटा

बच्चा नहीं लौटा घर ट्यूशन गया था

नई दिल्ली :पश्चिमी दिल्ली के रनहोला थाना इलाके में ट्यूशन पढ़ने गया 13 साल का बच्चा लापता हो गया है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली है। नजफगढ़ के जय विहार इलाके में रहने वाले वीरेंद्र सिंह नेगी का बेटा दुर्गेश मंगलवार दोपहर बाद चार बजे घर से ट्यूशन पढ़ने निकला था। यह ट्यूशन सेंटर उसके घर की गली में ही है। वह घर नहीं लौटा। उसके परिवार ने उसे खोजने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिला। उन्होंने नजफगढ़ थाने में कंप्लेंट दी। वहां से जानकारी मिली कि दुर्गेश के घर का इलाका रनहोला थाने के तहत है। रनहोला पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली है। अभी तक बच्चे का सुराग नहीं मिल सका है।
विंडो ग्रिल तोड़कर डेढ़ लाख की चोरी
नई दिल्ली :पश्चिमी दिल्ली के एक बंद फ्लैट की विंडो ग्रिल तोड़कर डेढ़ लाख रुपये का सामान चोरी किया गया है। पीडि़त के बयान के बावजूद हरिनगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। यह वारदात बुधवार को हुई। जेल रोड पर वीरेंद्र नगर में रहने वाले भूपेंद्र सिंह की बेटी विदेश में गई हुइ है। भूपेंद्र सिंह और उनकी पत्नी अपने घर को बंद कर उससे कुछ दूरी पर अपनी बेटी के घर में रह रहे हैं। उनका फ्लैट ग्राउंड फ्लोर पर है। बुधवार सुबह वह अपने घर आए थे। दोपहर 12 बजे उनके पड़ोसी ने भी घर ठीकठाक देखा था। इसके बाद 12 से दो बजे के दरम्यान उनके घर की विंडो ग्रिल तोड़कर वारदात की गई। घर के मेन गेट का ताला सही सलामत था। अंदर लॉकर टूटे हुए थे। घर में रखे 20 हजार रुपये और सात तोले गोल्ड जूलरी चुराई गई। भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को खबर दी। काफी देर बाद हरिनगर पुलिस मौके पर पहुंची। भूपेंद्र ने बताया कि पुलिस उनके बयान लेकर चली गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। 

1 टिप्पणी:

  1. बच्चा घर नहीं पहुंचा ये बहुत चिंता की बात . चोरी हुवि दुखद ...छोटी छोटी पोस्ट समाचार .. बहुत सुन्दर ... धन्यवाद ..आपको और एक गलती सुधारने के लिए कहा था आपने .. आपका धन्यवाद पुनः . . मुझे कलम से लिखना आता है किन्तु हिंदी टाइपिंग नहीं आती है .. और रोमन हिंदी में टाइप करते समय निगाह कीबोर्ड में होती है तो ऐसी गलतियाँ हो जाती है.. यहाँ तक कि कई बार मनमुताबिक नहीं लिख पाते और जब पोस्ट करने से पहले अचानक बिना एडिट किये जाना पड़ता है | तो फिर क्या कहने ... धन्यवाद ध्यान दिलाने के लिए ..

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यह है मेरे सच्चे हितेषी (इनको मेरी आलोचना करने के लिए धन्यवाद देता हूँ और लगातार आलोचना करते रहेंगे, ऐसी उम्मीद करता हूँ)
पाठकों और दोस्तों मुझसे एक छोटी-सी गलती हुई है.जिसकी सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगता हूँ. अधिक जानकारी के लिए "भारतीय ब्लॉग समाचार" पर जाएँ और थोड़ा-सा ध्यान इसी गलती को लेकर मेरा नजरिया दो दिन तक "सिरफिरा-आजाद पंछी" पर देखें.

आदरणीय शिखा कौशिक जी, मुझे जानकारी नहीं थीं कि सुश्री शालिनी कौशिक जी, अविवाहित है. यह सब जानकारी के अभाव में और भूलवश ही हुआ.क्योकि लगभग सभी ने आधी-अधूरी जानकारी अपने ब्लोगों पर डाल रखी है. फिर गलती तो गलती होती है.भूलवश "श्रीमती" के लिखने किसी प्रकार से उनके दिल को कोई ठेस लगी हो और किसी भी प्रकार से आहत हुई हो. इसके लिए मुझे खेद है.मुआवजा नहीं देने के लिए है.अगर कहो तो एक जैन धर्म का व्रत 3 अगस्त का उनके नाम से कर दूँ. इस अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.

मेरे बड़े भाई श्री हरीश सिंह जी, आप अगर चाहते थें कि-मैं प्रचारक पद के लिए उपयुक्त हूँ और मैं यह दायित्व आप ग्रहण कर लूँ तब आपको मेरी पोस्ट नहीं निकालनी चाहिए थी और उसके नीचे ही टिप्पणी के रूप में या ईमेल और फोन करके बताते.यह व्यक्तिगत रूप से का क्या चक्कर है. आपको मेरा दायित्व सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए था.जो कहा था उस पर आज भी कायम और अटल हूँ.मैंने "थूककर चाटना नहीं सीखा है.मेरा नाम जल्दी से जल्दी "सहयोगी" की सूची में से हटा दिया जाए.जो कह दिया उसको पत्थर की लकीर बना दिया.अगर आप चाहे तो मेरी यह टिप्पणी क्या सारी हटा सकते है.ब्लॉग या अखबार के मलिक के उपर होता है.वो न्याय की बात प्रिंट करता है या अन्याय की. एक बार फिर भूलवश "श्रीमती" लिखने के लिए क्षमा चाहता हूँ.सिर्फ इसका उद्देश्य उनको सम्मान देना था.
कृपया ज्यादा जानकारी के लिए निम्न लिंक देखे. पूरी बात को समझने के लिए http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html,
गलती की सूचना मिलने पर हमारी प्रतिक्रिया: http://blogkeshari.blogspot.com/2011/07/blog-post_4919.html

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