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सोमवार, अप्रैल 11, 2011

दोस्तों ने खूब धूम मचाई

अभिनेता दर्पण श्रीवास्तव के साथ फोटो खिचवाते पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ़ सिरफिरा 
बी-1/1,संजय एन्कलेव, बिंदापुर-मटियाला रोड, उत्तम नगर पर कौशिक प्रोपर्टीज वाले श्री देवेश कौशिक ने याद किया था. दोस्तों का साथ था और भारत बनाम श्रीलंका का मैच था.हमने भी दोस्तों की टोली में शामिल होकर भारत के खिलाड़ियों द्वारा लगाये चौके-छक्के और श्रीलंका की गिरी हर विकेट पर ताली बजाई.श्रीलंका के खिलाड़ियों द्वारा रोके हर चौके-छक्के  व हर लिये कैच पर अफ़सोस किया और भारत के खिलाड़ियों द्वारा रोके हर चौके-छक्के व हर लिये कैच पर ख़ुशी मनाई.आखिर में भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप जीता. उत्तम नगर के क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़ी स्क्रीन व एल.सी.डी लगाये जाने के समाचार प्राप्त हुए. इस अवसर पर मैच का लुप्त लेने थाना-बिंदापुर के थानाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार यादव भी पहुंचे.खासतौर पर मैच देखने के लिए आये अभिनेता दर्पण श्रीवास्तव (कलर चैनल पर प्रसारित "लागी तुझसे लगन" सीरियल के महादेव और "भाग्य-विधाता" में अभिनीत 'नागेश्वर चाचा' का पात्र) के छोटे-बड़े बच्चों ने आटोग्राफ लेने के साथ ही फोटो खिचवायें. कुछ व्यक्तियों ने सार्वजनिक क्षेत्र में ध्रूमपान किया और कुछ व्यक्ति शराब का सेवन करने के बाद इंसान और जानवर में फर्क करना भूल गए थें.
         किसी घटिया मानसिकता वाले व्यक्ति ने "शकुन्तला प्रेस" का फ्लेक्स का बैनर चोरी कर लिया.इससे कह सकते हैं कि-गरीबी में आटा गिला होना.भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप की जीत पर लोगों ने नाच-गाकर और पटाखे छुटाकर जश्न मनाया और इस मौके पर अभिनेता दर्पण श्रीवास्तव ने जल्द ही उत्तम नगर में एक्टिंग स्कूल खोलने की इच्छा व्यक्त की और अपने फ़िल्मी दुनियां से जुड़े अनुभवों को बंटा. अपने भविष्य में प्रसारित होने वाले और पहले के सीरियलों के डायलाग और एक ग़ज़ल सुनाकर अपने पुराने-नए दोस्तों का मनोरंजन किया.हमने कुछ रोमांचकारी क्षणों को कैमरे में कैद भी किया था.जो फोटो के माध्यम से आपके लिए भी प्रस्तुत है.
बच्चों ने दर्पण श्रीवास्तव के साथ फोटो खिचवायें

चेहरों पर तिरंगा बनवाया 




























































बच्चों का उत्साह देखने योग्य था
कुछ लोगों ने सार्वजनिक ध्रूमपान किया 
 
बिंदापुर थानाध्यक्ष भी मैच देखने पहुंचे
पुराने दोस्तों के साथ दर्पण श्रीवास्तव 
मैच का लुप्त लेते अलग अंदाज में कुछ व्यक्ति

यही बैनर चोरी हो गया और गरीबी में आटा गिला हुआ. दर्पण श्रीवास्तव के साथ एक प्रंशसक फोटो खिचवाते हुए.

शीशराम पार्क की कालोनी  के बच्चों  का उत्साह
शीशराम पार्क की कालोनी  के बच्चों और बड़ों का उत्साह

शुक्रवार, अप्रैल 01, 2011

आमन्त्रण-किक्रेट का फाइनल मैच साथ देखने का


 कुछ पुराने दोस्तों ने याद किया है.आने का आग्रह है.दोस्तों की प्यार-मोहब्बत में ताकत ज्यादा है.इसलिए जरुर जाना है.समाचार पत्र में नहीं तो कोई बात नहीं.मगर उपरोक्त समाचार को अपने ब्लॉग में ही स्थान देने का विनम्र अनुरोध है.दोस्तों का साथ होगा और भारत बनाम श्रीलंका का मैच होगा. हम भी दोस्तों की टोली में शामिल होकर भारत के खिलाड़ियों द्वारा लगाये चौके-छक्के और श्रीलंका की गिरी हर विकेट पर ताली बजायेंगे.श्रीलंका के खिलाड़ियों द्वारा रोके हर चौके-छक्के  व हर लिये कैच पर अफ़सोस करेंगे और भारत के खिलाड़ियों द्वारा रोके हर चौके-छक्के व हर लिये कैच पर ख़ुशी मनायेंगे. उत्तम नगर के क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़ी स्क्रीन व एल.सी.डी लगाये जाने के समाचार प्राप्त हुए है. मगर बी-१/१, संजय एन्कलेव, बिंदापुर-मटियाला रोड, उत्तम नगर पर कौशिक प्रोपर्टीज वाले श्री देवेश कौशिक ने खासतौर पर अभिनेता दर्पण श्रीवास्तव(कलर चैनल पर प्रसारित "लागी तुझसे लगन" सीरियल के महादेव और "भाग्य-विधाता" में अभिनीत 'नागेश्वर चाचा' का पात्र) के साथ ही अनेक हास्य-सीरियल कलाकारों को आमंत्रित किया है.आप सभी का मज़ा दुगना करने के लिए चाय के साथ समोसों का विशेष प्रबंध है.

बुधवार, मार्च 30, 2011

भारत में दिवाली मनाई गई

पाकिस्तान पर जीत के बाद
 भारत में दिवाली मनाई गई
 वर्ल्ड कप के बेहद रोमांचक दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 29 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली है. भारतीय टीम की पाकिस्तान पर जीत के बाद भारत में दिवाली  मनाई गई. जहाँ एक ओर दोपहर ढाई बजे के बाद गलियां और सडकें सुनसान पड़ी थी. गलियां और सडकों पर इक्का-दुक्का लोग नजर आ रहे थें. वहीँ दूसरी ओर जैसे ही पाकिस्तान की आखिरी विकेट गिरी. तभी लोगों ने अपने घरों से बाहर निकल कर ढोल-नगाड़े बजाने के साथ ही बम-पटाखे छुटाकर दिवाली मनाई गई. भारत-पाकिस्तान के किक्रेट मैच का उत्साह बड़ों में ही नहीं बल्कि छोटे-छोटे बच्चों में देखने को मिला. पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर विधानसभा के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थाना बिंदापुर क्षेत्र की शीशराम पार्क के निवासी  श्री राजेश वर्मा उर्फ़ सन्नी ने कालोनी के बच्चों के चेहरे व हाथों पर तिरंगा बनाया और उनके लिए गली में टेलीविजन लगाकर मैच दिखाने के साथ ही चाऊमीन खिलाकर मैच देखने का मजा दुगना कर दिया. इस अवसर पर बच्चों ने मुझे भी याद किया और हम भी पहुँच गए.अपना कैमरा आदि लेकर बच्चों का उत्साह कैमरे में कैद  करने के लिए. पाकिस्तान पर भारत की जीत के लिए सभी खिलाडियों  और आप सब को बहुत-बहुत बधाई. भारत के फाइनल में श्रीलंका पर विजयी होने की कामनाओं के साथ. 
बच्चों का उत्साह कैमरे में कैद चित्रों के माध्यम से आप भी देखे.
 
  
 

गुरुवार, मार्च 24, 2011

माँ का बुलावा आया है

 पाठकों/दोस्तों हेतु महत्वपूर्ण सूचना: -
माँ वैष्णों  देवी के आप भी दर्शन करें.
माँ का बुलावा आया है. माँ( वैष्णों देवी की यात्रा) के दर्शनों को जा रहा हूँ, इसलिए 25 मार्च से 31मार्च तक मेरे दोनों फ़ोन बंद रहेंगे और ईमेल का जवाब देने में असमर्थ रहूँगा.
              एक बार आप भी बोलो जय माता दी. आप दोस्तों की दुआएं और माँ शेरा वाली का आर्शीवाद रहा तो बहुत जल्द ही फिर से पहले समाचार पत्र "जीवन  का लक्ष्य" प्रकाशित होने लग जायेगा. उसके बाद अगले दो सालों में दुबारा से अपने सभी समाचार पत्र -पत्रिका शुरू कर दूंगा. 

होली मंगल मिलन समारोह संपन्न हुआ

 नई दिल्ली : पश्चिमी दिल्ली के थाना-बिंदापुर के अंतर्गत बिंदापुर-मटियाला रोड, उत्तम नगर, दिल्ली में अग्रवाल समाज(उत्तम नगर) रजि. द्वारा होली मंगल मिलन समारोह का होली के सुअवसर पर विगत दिन 19 मार्च 2011 को संपन्न हुआ. इस अवसर पर "साहित्य कला परिषद" के अमित कश्यप, नैना अरोड़ा, आरती गंगानी और भारत आदि कलाकारों द्वारा रंगारंग,संगीतमयी और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये. जहाँ एक ओर सोनीपत, हरियाणा की गायिका गीता शर्मा ने पूरा मौहाल भक्तिमय बना दिया था. वहीँ दूसरी ओर भगवती विहार, उत्तम नगर निवासी की गायिका गीता शर्मा ने अपनी बेटी अनमिका के साथ हिंदी, पंजाबी, हरियाणवीं और भोजपुरी में एक से एक मधुर गीतों को गाकर पूरे पंडाल में उपस्थित हर व्यक्ति को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया. संस्था के महामंत्री नरेश अग्रवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. कार्यक्रम में क्षेत्र के सभी वैश्य बन्धु व गणमान्य व्यक्तियों के साथ ही पश्चिमी दिल्ली के सासंद श्री महाबल मिश्रा, उत्तम नगर विधानसभा विधायक मुकेश शर्मा, भाजपा के उत्तम नगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याक्षी पवन शर्मा, विकासपुरी वार्ड की पार्षद श्रीमती सरिता जिंदल, बिंदापुर वार्ड के पार्षद अंचल शर्मा, प्रधान पवन गर्ग, रामअवतार अग्रवाल उपस्थिति उल्लेखनीय रही.सभी ने भाईचारे का संदेश दिया और होली की शुभकामना देने के साथ ही गुलाब के फूलों व गुलाल से जमकर होली खेली गई. संस्था ने कार्यक्रम के समापन होने के बाद प्रीतिभोज की व्यवस्था की हुई थीं. कार्यक्रम में सबसे प्रमुख बात यह रही कि-संस्था ने अपना कार्यक्रम बहुत ही व्यवस्थित तरीके से किया हुआ था. जिससे आम आदमी को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो.


 

मूर्ख सम्मेलन संपन्न हुआ

नई दिल्ली : पश्चिमी दिल्ली की साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था "आस्वाद" द्वारा होली के सुअवसर पर "मूर्ख सम्मेलन"  विगत दिन 18 मार्च को आर-7, वाणी विहार, उत्तम नगर, दिल्ली के ऊपरी प्रांगण में संपन्न हुआ. जिसमें श्री विनोद बब्बर ने पिछले वर्ष की मूर्खता (मूर्ख-शिरोमणि) का चार्ज राधेश्याम तिवारी को सौंपा.इसमें मुख्य अतिथि-डॉ रामदरश मिश्र, डी.के. श्रीवास्तव, डॉ रमाकांत शुक्ल, डॉ रामसुरेश पाण्डेय थें. 
           हिंदी अकादमी, दिल्ली के सहयोग से "फनकार" ग्रुप के कलाकारों ने अपने संचालक एहतराम सद्दीकी के निर्देशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम-नृत्य-गीत प्रस्तुत किये. होली मिलन के आयोजन में श्री डी.के.शर्मा, बी.के.गुप्ता और हरजीत लाल भाटिया का सहयोग उल्लेखनीय रहा. पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन और संयोजन साहित्यिक व सांस्कृतिक संस्था "आस्वाद" के प्रमुख डॉ. रमाशंकर श्रीवास्तव ने किया. समारोह में उपस्थित  साहित्य प्रेमियों और अतिथियों को विभिन्न हास्य उपाधियाँ दी गई. जिसमें पुरुषों को जहाँ "पेटीकोट इंचार्ज-हरजीत लाल भाटिया, लंठराज नं. वन-रमाशंकर श्रीवास्तव, बगुला भगत-बी.के.गुप्ता, डुप्लीकेट हसबैंड-डॉ. राहुल, बुध्दिशत्रु विशारद-डी. के.श्रीवास्तव, पंचर मैकेनिक-रामप्रसाद मीणा" पदवियां दी गई, वहीँ महिलायों को " मेट्रो खचाखच-सुषमा भंडारी, सुनामी भूकम्प-सुजाता प्रसाद, चंचल चितवन-सुनीता कक्कड़, रसगुल्ला-सविता सिंह, फागुन की परी-वीणा श्रीवास्तव, भौजी मनमौजी-आशा पंडित" जैसी उपाधियों से नवाजा गया. होली के गीतों, हंसी के ठहाकों और कविता पाठ के साथ ही अनेक कवियों ने काव्यात्मक अंदाज में होली की बधाई दी. एक कवि  ने कार्यक्रम समापन होने पर मिलने वाले प्रसादरूपी "मालपुरे और कटहल की सब्जी" पर भी कविता सुनकर शोरताओं का खूब मनोरंजन किया.
 
 
  
 
 

बुधवार, मार्च 16, 2011

आमन्त्रण-मूर्ख सम्मेलन और होली मिलन का

 कुछ पुराने दोस्तों ने याद किया है. आने का आग्रह है. दोस्तों की प्यार-मोहब्बत में ताकत ज्यादा है. इसलिए जरुर जाना है . समाचार पत्र में नहीं तो कोई बात नहीं. मगर उपरोक्त समाचार को अपने ब्लॉग में ही स्थान देने का विनम्र अनुरोध है. हम भी मूर्खों की टोली में शामिल होकर हंसी-ठिठोली करेंगे और होली मंगल मिलन में रंगों की बहार देखेगे. सब नाचेंगे, कूदेंगे और हम फोटो खिचेंगे.होली मंगल मिलन में शामिल होकर भी फोटो से गायब होंगे.  
किया है आमंत्रित-मूर्ख सम्मेलन और होली मिलन में 


रविवार, फ़रवरी 20, 2011

आलोचना करें, ईनाम पायें !

आलोचना करें, ईनाम पायें !

 आप मेरे ब्लॉग की आलोचना कीजिए और 200 रूपये का नकद ईनाम (पांच व्यक्ति) मनीआर्डर से घर बैठे ही पायें!मेरे ब्लॉग पर और क्या-क्या होना चाहिए, मेरे पास अनेकों जनहित से जुड़ी कुछ रिकोर्टिग है उन्हें कैसे ब्लॉग पर डाला जा सकता है? इसकी सुन्दरता ओर कैसे सुंदर हो सकती हैं, आलोचना करते समय अपशब्दों प्रयोग न करके बल्कि यह बताये कि-इस कमी को ऐसे ठीक किया जा सकता है. किसी भी प्रकार की जानकारी या सुझाव हिंदी में होने के साथ-साथ आम बोलचाल की भाषा में होना चाहिए. जानकारी देते समय यह याद रखना है कि-किसी भी प्रकार की जानकारी के साथ उदाहरण भी देना है. जैसे-मैंने इन्टरनेट या अन्य सोफ्टवेयर में हिंदी की टाइपिंग कैसे करें और हिंदी में ईमेल कैसे भेजें में दिया है और कहाँ पर क्या-क्या सावधानी बरतनी होगी. आप चाहे एक ही सुझाव दें मगर उसका बताने का तरीका बिलकुल आसान होना चाहिए. जानकारी आप ईमेल से भी दे सकते हैं मगर अपना पूरा नाम, पिनकोड सहित पूरा पता और फ़ोन नं. के साथ ही अपना ईमेल आई डी भी लिखना न भूलें.

इसके अतिरिक्त आप निडर है और मेरे प्रकाशन के साथ "संवाददाता", लेखक या अन्य किसी प्रकार के रूप (पद) में जुड़ना चाहते हैं तो अपनी उपरोक्त इच्छा व्यक्त करें.

सोमवार, फ़रवरी 07, 2011

वेबसाइट पर पहली ऍफ़आईआर

दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर 
अपलोड हुई पहली ऍफ़.आई.आर
आप सभी दोस्तों/ पाठकों, 
                                       मुझे यह बताते हुए काफी ख़ुशी हो रही कि मैंने अपनी दिनांक 6 सितम्बर 2010 की एक पोस्ट " क़ानूनी समाचारों पर बेबाक टिप्पणियाँ (1)" में और 30दिसम्बर 2010 की पोस्ट में भी जिक्र किया था. अपने एक बुरे अनुभव के आधार पर माननीय उच्चतम न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय सुझाव भेजा था. उस पर एक संतोषजनक यह बात हुई है कि-अब आरोपित को ऍफ़ आई आर की प्रति दिल्ली पुलिस को 24 घंटे में देनी होगी. काश यह कानून पूरे भारत देश में भी लागू हो जाये तो कुछ हद तक भ्रष्टाचार कम हो जायेगा.
                  दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार अब एक फरवरी 2011 से रजिस्ट्रेशन के 24घंटे के भीतर ऍफ़.आई.आर को वेबसाइट  पर अपलोड किया जाना जरूरी होगा.  
                             दोस्तों, जब एक सच्चे व ईमानदार  पत्रकार अपने किसी बुरे अनुभव के दौर से निकलता है तब उसकी एक ही दिली इच्छा होती है कि-कोई वेकसुर और गरीब दुबारा मेरी तरह इसी प्रकार की समस्या के कारण शोषित न हो. अगर आपके विचार मेरे विचारों से भिन्न हो तो अवगत जरुर करवाएं.

शुक्रवार, जनवरी 28, 2011

जब पड़ जाये दिल का दौरा!

जब आप हो घर में अकेले, पड़ जाये दिल का दौरा!
जब आप हो घर में अकेले, पड़ जाये दिल का दौरा तब क्या करें. सबसे पहले दिल के दौरे के लक्षणों को देखें कि-क्या अचानक आपकी छाती में दर्द हुआ है? और जोकि उलटी बाजु से जबड़े तक जा रहा है तो यह दिल का दौरा हो सकता है.
अगर आपकी सहायता के लिए कोई व्यक्ति नहीं है और अस्पताल दूर है तो आप किसी का इंतजार मत करें. अपनी सहायता स्वंय करें. सबसे पहले आप जितनी भी जोर-जोर से खांस सकते हैं लगातार खांसते रहिये. हर बार खांसने से पहले लम्बी सांस लें. लम्बी सांस लेने से आपको ऑक्सीजन मिल जाएगी और खांसी करने से रक्त संचार होता रहेगा.
किन कारणों से पड़ता है दिल का दौरा:- ह्रदय की मांसपेशियों को कम रक्त पहुँचने या बिलकुल भी रक्त न पहुँचने की वजह से दिल का दौरा पड़ता है | आमतौर पर दिल के दर्द में , छाती में बेचैनी,पसीने का होना | बिना दर्द के भी दिल का दौरा पड़ सकता है | या फिर व्यक्ति को हलकी सी थकावट,छाती में जलन एवं पेट में बेचैनी महसूस हो सकती है | दिल का दर्द कभी एक स्थान पर सीमित नहीं होता |  यदि कोई दर्द को सिर्फ छाती पर दर्शाए ,तो उसे दिल का दर्द नहीं हो सकता | दर्द आता और जाता रहे,तो भी ये दिल का दर्द नहीं हो सकता है  ह्रदय के दौरे के वजह से होने वाला दर्द आमतौर पर 20 मिनट से भी ज्यादा समय तक रहता है | ऐसा अक्सर सुबह-सुबह ही देखा जाता है | ह्रदय का दौरा एवं अचानक मौत दोनों ही जल्द सुबह 2 घंटे एवं ठंडे मौसम में ज्यादा होती है | इसलिए छाती का दर्द जो सुबह-सुबह हो,उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए | सुबह के 2 घंटे में रक्तचाप भी बढ़ा हुआ रहता है | इसमें सिर्फ ह्रदय के दौरे का ही नहीं,बल्कि लकवे एवं दिमाग की नस फटने (ब्रेन हम्रेज ) का ख़तरा भी काफी अधिक रहता है | अक्सर ह्रदय के धड़कन रुकने के पीछे कोई कारण जरूर होता है | कुछ लोग थकावट वाला शारीरिक श्रम जैसे की ज्यादा खाने के बाद डांस करना कार को धक्का लगाना,बलपूर्वक दरवाजा बंद करना इत्यादि हो सकते है | कई बार भावनात्मक कारण भी हार्ट अटैक का कारण होता है | सिगरेट पीने वाले ब्यक्ति भी दिल का दौरा पड़ने पर अचानक मौत का शिकार हो जाते है ऐसा अक्सर जवान ब्यक्तियों में ज्यादा देखने को मिलता है |  ह्रदय का दौरे को रोकने का तरिका है ------------बचाव एवं नियमित जांच ( मधुमेह, कोलेस्ट्रोल इत्यादि )
सौजन्य : सिंडीकेट बैंक की उत्तमनगर शाखा में कार्यरत श्रीमती  इंदु मुंजाल,

शनिवार, जनवरी 01, 2011

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आप सभी पाठकों / दोस्तों को "शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन" परिवार की ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं! आप व आपके परिवार के लिए नववर्ष 2011 मंगलमय हो! इन्हीं शब्दों के साथ ही .....
सुनहरे सपनों की झंकार, लाया है नववर्ष
खुशियों के अनमोल उपहार लाया है नववर्ष
आपकी राहों में फूलों को बिखराकर लाया है नववर्ष
महकी हुई बहारों की ख़ुशबू लाया है नववर्ष
अपने साथ नयेपन का तूफान लाया है नववर्ष
स्नेह और आत्मीयता से आया है नववर्ष
सबके दिलों पर छाया है नववर्ष
आपको मुबारक हो दिल की गराईयों से नववर्ष!
नए साल की नई सुबह, लाये नई खुशियों की सौगात, 
सुख-समृध्दी का हो साम्राज्य, सपनों को मिले एक नया आयाम!
यह नववर्ष शुभ हो, नई खुशियों को लाये! 
यह साल मनमोहक फूलों की तरह से हो आपका जीवन!!

गुरुवार, दिसंबर 30, 2010

अब आरोपित को ऍफ़ आई आर की प्रति मिलेगी

  आरोपित को ऍफ़आईआर की प्रति 
दिल्ली पुलिस को 24 घंटे में देनी होगी
आप सभी दोस्तों/ पाठकों मुझे यह बताते हुए काफी ख़ुशी हो रही कि मैंने अपनी दिनांक 6 सितम्बर 2010 की एक पोस्ट " क़ानूनी समाचारों पर बेबाक टिप्पणियाँ (1)" में अपने एक बुरे अनुभव के आधार पर माननीय उच्चतम न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय सुझाव भेजा था. उस पर एक संतोषजनक यह बात हुई है कि-अब आरोपित को ऍफ़ आई आर की प्रति दिल्ली पुलिस को 24 घंटे में देनी होगी. काश यह कानून पूरे भारत देश में भी लागू हो जाये तो कुछ हद तक भ्रष्टाचार कम हो जायेगा.
मेरा निम्नलिखित सुझाव था
मेरा  अपने अनुभव के आधार पर माननीय उच्चतम न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय को विन्रम अनुरोध के साथ उपरोक्त बहुमूल्य सुझाव है कि-एक आरोपी को अपने खिलाफ दर्ज हुई ऍफ़.आई.आर की एक प्रति निकलवाने के लिए वकीलों को या अदालतों में एक-एक हजार रूपये देने पड़ते है. जिससे न्यायालयों में भ्रष्टाचार चरम-सीमा पर पहुँच चुका है. अगर कुछ ऐसी व्यवस्था कर दी जाये कि-माना "अ" ने "ब" के खिलाफ "स" थाने में FIR दर्ज करवाई है और जोकि "द" नामक अदालत के क्षेत्राधिकार में आता है. तब "ब" आरोपी "द" नामक अदालत की वेबसाइट पर FIR के कालम पर क्लिक करके अपना और "अ" का नाम के साथ ही "स" थाने का नाम डालकर उपरोक्त आंकडें जमा करा दें. तब उसकी FIR की संख्या दिखें. उस संख्या पर क्लिक करके "ब" आरोपी अपनी FIR का इन्टरनेट से प्रिंट आउट निकाल सकेंगा. इससे न्यायालयों और थानों में भ्रष्टाचार रुकने के साथ ही एक बेकसूर आरोपी वकीलों और चारों ओर से लुटने से बच जायेगा. अपने बचाव के लिए उचित कदम उठा सकेंगा. इससे एक बेकसूर आरोपी थानों के अधिकारीयों व वकीलों द्वारा मानसिक व आर्थिक शोषण होने से बच जायेगा और एक आम-आदमी का न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास कायम होगा. धन्यबाद!
उपरोक्त सुझाव पर दिल्ली उच्च न्यायालय का यह था निर्णय

 # निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन: 09868262751, 09910350461 email: sirfiraa@gmail.com, महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है

शुक्रवार, नवंबर 05, 2010

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

शुभ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
हर आंगन, हर चौखट पर, हर धड़कन, हर उम्मीद पर, हर शब्द और हर पन्ने पर जले प्यार की बाती "शकुन्तला प्रेस" परिवार की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शुभ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
          
आपके घर में रौशनी की जगमग हो. स्वादिस्ट पकवान बनें और मिठाइयों का आदान-प्रदान हो. पूजा के दौरान श्री लक्ष्मी माता का आगमन हो. आपके चारों खुशियों का वातावरण हो. दु:खों-ग़मों और मुसीबतों का बेसरा बस मेरे घर तक ही सीमित हो. आपका व आपके परिवार का इनसे दूर-दूर तक कोई वास्ता भी न हो. इन्हीं मंगल कामनाओं के साथ....
एक फिर से "शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन" परिवार और "शकुन्तला एडवरटाईजिंग एजेंसी" की ओर से आप व आप सभी के परिवारों को दीपावली, गोबर्धन पूजा और भैया दूज की हार्दिक शुभकामनायें
#आपका अपना शुभाकांक्षी-निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन:9868262751, 9910350461 email: sirfiraa@gmail.com, महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.

मंगलवार, नवंबर 02, 2010

सड़कों पर खाना हजम करें

 दिल्ली की सड़कों पर खाना हजम करें

नई दिल्ली :दिल्ली की सड़के तौबा-तौबा! हमारी दिल्ली को कहा जाता है कि-भारत की राजधानी है मगर राजधानी होने के कारण जैसी शान होनी चाहिए वैसी है नहीं. समाचार के साथ लगी यह फोटो कर्मपुरा से जखीरा की ओर जाने वाली सड़क की हैं. इसकी हालत इतनी जर्जर हैं कि-आप अपनी गाडी या वाहन के साथ यहाँ से गुजर जाने के बाद आपके पेट की रोटी हजम हो जाती है. जैसे फुटबाल के खेल में फुटबाल पर कभी किक एक बार इधर से लगती है और कभी उधर से लगती है. ठीक उसी प्रकार से यहाँ पर एक बार वाहन का पहिया इस गड्डे में गिरता है और कभी उस गड्डे में गिरता है. वाहन का पहिया गड्डे में गिरने से इतना जोर का झटका लगता है. इसे पेट की सारी आतिड़ियों की कसरत हो जाती है और आपका खाना हजम हो जाता है. उपरोक्त संवाददाता को राहगीर रिटार्ड कर्नल सरदार हरनारिंदर  सिंह  ने  बताया  कि यह सडक  पिछले  दस  सालों  से नहीं बनी है और जहाँ पर मंत्री रहते हैं वहां की सड़के ठीक से बनी हुई है मगर जिन सड़कों से आम आदमी गुजरते हैं उनकी हालत खस्ता है. एक अन्य राहगीर नितिन अरोड़ा का कहना है कि-काश दिल्ली सरकार ने कोमनवेल्थ के नाम  पर इतना पैसा बर्बाद न करके उसका 1% पूरी ईमानदारी से दिल्ली की सड़कों पर लगाया होता तो वो ज्यादा कहीं अच्छा होता. कर्मपुरा से उत्तम नगर की ओर जाने वाली रोड की मरम्मत  करवाता  दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी  ने  नाम  न  छापने का अनुरोध  करते हुए बताया  कि- अगर पूरी दिल्ली के लिए (एक मशीन की ओर इशारा करते हुए) इसी चार-पाँच मशीनें आ जाए तो दिल्ली की एक भी सडक टूटी हुई नहीं रह सकती है मगर मशीने मंगवाने वाली फाइल विभागों में अटकी पड़ी रहती है.

शनिवार, अक्टूबर 09, 2010

पुलिस को पता नहीं कैसे होती है छानबीन

कैसे होती है छानबीन, पुलिस को पता नहीं !


नई दिल्ली : रेप केस में पुलिस की छानबीन के तरीके पर हाई कोर्ट ने सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि एफआईआर का मजमून पढ़ने से साफ है कि यह फर्जी है। जस्टिस शिवनारायण ढींगड़ा ने शकरपुर थाने में दर्ज रेप का केस रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि पूरे मामले को देखने से लगता है कि पुलिस को पता नहीं है कि इस मामले में क्या छानबीन करनी है और छानबीन होती कैसे है? मौजूदा मामले में रमेश और रेखा (बदले हुए नाम) अदालत में पेश हुए और कहा कि दोनों शादी कर चुके हैं और उन्हें बच्चा भी है। ऐसे में एफआईआर रद्द की जाए। लड़की ने बयान दिया कि अपने पैरंट्स के दबाव में उसने लड़के के खिलाफ केस दर्ज करा दिया था। सरकारी वकील पवन शर्मा के मुताबिक पुलिस ने 2009 में लड़की के बयान पर एफआईआर दर्ज की थी। लड़की का बयान था कि पहले आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाया और फिर रेप किया, लेकिन बाद में कहा कि वह उससे शादी कर लेगा इसलिए उसने पहले शिकायत नहीं की। इस दौरान शादी का झांसा देकर रमेश लगातार रेप करता रहा। वह गर्भवती हो गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू की। इस बीच रमेश और सीमा दोनों जस्टिस ढींगड़ा की कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट को बताया गया कि जब एफआईआर दर्ज कराई गई उससे काफी पहले से उनके बीच अफेयर चल रहा था। लड़की ने कोर्ट को बताया कि उसने अपने पैरंट्स के दबाव में झूठी एफआईआर दर्ज कराई थी क्योंकि वह गर्भवती थी और उसे डर था कि कहीं वह अपने होने वाले बच्चे को खो न दे। हालांकि इसी बीच दोनों ने शादी कर ली और अब उनकी एक बच्ची भी है। पिछले एक साल से वे एकसाथ खुशी-खुशी रह रहे हैं। ऐसे में एफआईआर रद्द की जाए। जस्टिस ढींगड़ा ने कहा कि पीडि़ता के बयान पर दर्ज की गई एफआईआर देखने से साफ है कि वह झूठी है। छानबीन के बाद पुलिस को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करनी चाहिए थी। धारा-376 की शिकायत का यह मतलब नहीं है कि पीडि़ता का सिर्फ बयान दर्ज किया जाए और कोई छानबीन न की जाए। ऐसा देखने में आ रहा है कि पुलिस रेप के केस में अक्सर ऐसा ही करती है। देखा जाए तो यह मामला बिना दोनों पार्टियों के समझौते के ही रद्द होना चाहिए क्योंकि मौजूदा एफआईआर ही झूठी है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की अर्जी स्वीकार कर ली और रेप का केस रद्द कर दिया।

शुक्रवार, अक्टूबर 08, 2010

बच्चा नहीं लौटा

बच्चा नहीं लौटा घर ट्यूशन गया था

नई दिल्ली :पश्चिमी दिल्ली के रनहोला थाना इलाके में ट्यूशन पढ़ने गया 13 साल का बच्चा लापता हो गया है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली है। नजफगढ़ के जय विहार इलाके में रहने वाले वीरेंद्र सिंह नेगी का बेटा दुर्गेश मंगलवार दोपहर बाद चार बजे घर से ट्यूशन पढ़ने निकला था। यह ट्यूशन सेंटर उसके घर की गली में ही है। वह घर नहीं लौटा। उसके परिवार ने उसे खोजने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिला। उन्होंने नजफगढ़ थाने में कंप्लेंट दी। वहां से जानकारी मिली कि दुर्गेश के घर का इलाका रनहोला थाने के तहत है। रनहोला पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली है। अभी तक बच्चे का सुराग नहीं मिल सका है।
विंडो ग्रिल तोड़कर डेढ़ लाख की चोरी
नई दिल्ली :पश्चिमी दिल्ली के एक बंद फ्लैट की विंडो ग्रिल तोड़कर डेढ़ लाख रुपये का सामान चोरी किया गया है। पीडि़त के बयान के बावजूद हरिनगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। यह वारदात बुधवार को हुई। जेल रोड पर वीरेंद्र नगर में रहने वाले भूपेंद्र सिंह की बेटी विदेश में गई हुइ है। भूपेंद्र सिंह और उनकी पत्नी अपने घर को बंद कर उससे कुछ दूरी पर अपनी बेटी के घर में रह रहे हैं। उनका फ्लैट ग्राउंड फ्लोर पर है। बुधवार सुबह वह अपने घर आए थे। दोपहर 12 बजे उनके पड़ोसी ने भी घर ठीकठाक देखा था। इसके बाद 12 से दो बजे के दरम्यान उनके घर की विंडो ग्रिल तोड़कर वारदात की गई। घर के मेन गेट का ताला सही सलामत था। अंदर लॉकर टूटे हुए थे। घर में रखे 20 हजार रुपये और सात तोले गोल्ड जूलरी चुराई गई। भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को खबर दी। काफी देर बाद हरिनगर पुलिस मौके पर पहुंची। भूपेंद्र ने बताया कि पुलिस उनके बयान लेकर चली गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। 

बिंदापुर थानाध्यक्ष निलंबित

बिंदापुर थानाध्यक्ष निलंबित, युवक की पिटाई महंगी पड़ी
नई दिल्ली : पश्चिमी दिल्ली के थाना बिंदापुर के थानाध्यक्ष को विगत दिन 7 अक्तूबर 2010 को निलंबित कर दिया. जब नाविक ही नाव को डुबोयेंगा, तब सवारियों का क्या होगा? एसएचओ पर कुछ महीने पहले एक युवक के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था. विजिलेंस विभाग इस मामले की जांच कर रहा था. उसकी रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.एस.कृष्णैया ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया. अब थाने का कार्यभार अतिरिक्त थानाध्यक्ष प्यारेलाल सम्भल रहे है. सूत्रों के अनुसार इसी साल की 4 फरवरी को थाना बिंदापुर इलाके के एक युवक को थानाध्यक्ष ऋषि देव ने खूब पीटा था. युवक पर पड़ोसी महिला के साथ नाजायज संबंध रखने का आरोप था. इस बात पर महिला के पति ने तीन फरवरी को युवक की पिटाई कर दी थी. इसके बाद चार फरवरी को थानाध्यक्ष ने भी उसे पीटा. पाँच फरवरी को इसकी शिकायत करने युवक और उसके पिता, पड़ोसी व स्वयंसेवी संस्था के सदस्यों के साथ थाने गया. वहां फिर थानाध्यक्ष ने उसकी पिटाई की. विरोध करने पर उसके पिता को भी पीटा. इस मामले की युवक ने कई उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही उपरोक्त घटना की पुलिस आयुक्त वाई.एस.डडवाल को जानकारी दी. इस पर आयुक्त ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए. कई महीने की छानबीन में विजिलेंस ने थानाध्यक्ष ऋषि देव को दोषी पाया.

सूत्रों के अनुसार इस दौरान थानाध्यक्ष ऋषिदेव ने मामला रफा-दफा करने के लिए युवक पर दबाब भी बनाया था. विजिलेंस टीम ने अपनी रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को सौंपी. इसके बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर दक्षिणी-पश्चिमी जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.एस.कृष्णैया ने बिंदापुर थानाध्यक्ष ऋषिदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.

गौरतलब है उपरोक्त संवाददाता रमेश कुमार जैन का ऍफ़ आई आर दर्ज करने के भी दो प्रार्थना पत्र थानाध्यक्ष ऋषिदेव के पास पेडिंग पड़ें थें. प्रार्थना पत्र की शिकायत के अनुसार उसमें सारे सबूत सलंग्न थें. मगर फिर भी तरह-तरह के बहाने बनाये जा रहे थें कि-थाने में सीडी सुनने की सुविधा नहीं है आदि. जिसका सन्दर्भ ब्लॉग (बायीं तरफ) पर "मार्मिक अपील-मदद सिर्फ एक फ़ोन की !" के नाम से दर्ज है. जब एक पत्रकार के आवेदन पर कार्यवाही नहीं हो रही है तब आम जनता का क्या हाल करते होंगे भ्रष्ट पुलिस वाले? भ्रष्ट पुलिस वालों की कार्यशैली और कार्यप्रणाली पर यह एक प्रश्न चिन्ह है, यह समाचार एक जीता-जागता उदाहरण है.
# निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन: 09868262751, 09910350461 email: sirfiraa@gmail.com, महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है.

बुधवार, अक्टूबर 06, 2010

देश का कैसा कानून है?

यह हमारे देश का कैसा कानून है?

जो वेकसुर लोगों पर ही लागू होता है. जिसकी मार हमेशा गरीब पर पड़ती है. इन अमीरों व राजनीतिकों को कोई सजा देने वाला हमारे देश में जज नहीं है, क्योंकि इन राजनीतिकों के पास पैसा व वकीलों की फ़ौज है. इनकी दिल्ली में व केंद्र में सरकार है. दिल्ली नगर निगम व दिल्ली पुलिस में इतनी हिम्मत नहीं है कि-इन पर कार्यवाही कर सकें. बेचारों को अपनी नौकरी की चिंता जो है. कानून तो आम-आदमी के लिए बनाये जाते हैं. एक ईमानदार व जागरूक इंसान की तो थाने में ऍफ़ आई आर भी दर्ज नहीं होती हैं. उसे तो थाने, कोर्ट-कचहरी, बड़े अधिकारीयों के चक्कर काटने पड़ते है या सूचना का अधिकार के तहत आवेदन करना पड़ता है. एक बेचारा गरीब कहाँ लाये अपनी FIR दर्ज करवाने के लिए धारा 156 (3) के तहत कोर्ट में केस डालने के लिए वकीलों (जो फ़ीस की रसीद भी नहीं देते हैं) की मोटी-मोटी फ़ीस और फिर इसकी क्या गारंटी है कि-ऍफ़ आई आर दर्ज करवाने वाला केस ही कितने दिनों में खत्म (मेरी जानकारी में ऐसा ही एक केस एक साल से चल रहा है) होगा. जब तक ऍफ़ आई आर दर्ज होगी तब तक इंसान वैसे ही टूट जाएगा. उसके द्वारा उठाई अन्याय की आवाज बंद हो जाएगी तब यह कैसा न्याय ?
सैंया भये कोतवाल फिर डर काहे का संदेश देते होडिग्स. हैं किसी के माई के लाल में दम जो इनको सजा दें सकें या जुर्माना कर सकें.
# निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन: 09868262751, 09910350461 email: sirfiraa@gmail.com, महत्वपूर्ण संदेश-समय की मांग, हिंदी में काम. हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है. हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे. इससे हमारे देश की शान होती है. नेत्रदान महादान आज ही करें. आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.

सोमवार, अक्टूबर 04, 2010

महाराजा अग्रसेन जयन्ती

महाराजा अग्रसेन जयन्ती समारोह सम्पन्न हुआ
नई दिल्ली : पश्च्मि दिल्ली के उत्तम नगर थाना के अंतगर्त श्री गांधी-शास्त्री जी की जयंती के सुअवसर पर ही विगत दिन 2 अक्तूबर को अग्रवाल धर्मशाला, मेन नजफगढ़ रोड उत्तम नगर में श्री अग्रवाल सभा ट्रस्ट (पंजीकृत) उत्तम नगर के तत्वाधान में महाराजा अग्रसेन जयन्ती समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया गया. जिसमें वैश्य समाज के अनेकों गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही.समारोह का शुभारम्भ हवन होने के बाद श्री सुरेश गर्ग(पूर्व चेयरमैन,अग्रवाल सभा-जनकपुरी) के द्वारा ध्वजारोहण करने के साथ हुआ. फिर श्री रमेश बंसल की अध्यक्षता में श्री बजरंगलाल सिंघल ने ज्योति प्रचंड की और रोशनलाल अग्रवाल द्वारा अग्रदूत पत्रिका विमोचन किया गया. अनेक स्कूलों के विद्धार्थियों द्वारा अतिथियों का स्वागत करने के साथ ही मुख्य अतिथि श्री प्रदीप मित्तल (पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन), श्री विजेंद्र गुप्ता(अध्यक्ष, दिल्ली प्रदेश भाजपा) और अति विशिष्ट अतिथि श्री रामकृष्ण गुप्ता(चेयरमैन, लवकुश रामलीला), सरिता जिंदल, सुनील जिंदल आदि का स्वागत फूलमाला पहनाकर किया. इस अवसर पर अनेकों स्कूलों ने अनेकों सांस्कृतिक कार्यक्रम किये.इस अवसर पर श्री रामभज अग्रवाल,ब्रहमप्रकाश गुप्ता, ईश्वरचंद गोयल, रोशनलाल बंसल, सिंघल स्टोर वाले पवन सिंघल,सामाजिक कार्यकर्त्ता नरेश कुमारअग्रवाल,मदनलाल बंसल, रामस्वरूप अग्रवाल और देवीशरण अग्रवाल आदि व्यक्तियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही.समारोह का समापन दसवीं व बारहवीं में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्रों को परितोषिक वितरण होने के बाद प्रसाद ग्रहण के साथ हुआ.
                         समारोह की सुरक्षा तैनात थाना उत्तम नगर के पुलिस अधिकारी.
इन्टरनेट या अन्य सोफ्टवेयर में हिंदी की टाइपिंग कैसे करें और हिंदी में ईमेल कैसे भेजें जाने हेतु और आम आदमियों की परेशानियों को लेकर क़ानूनी समाचारों पर बेबाक टिप्पणियाँ पढ़ें. उच्चतम व दिल्ली उच्च न्यायालय को भेजें बहुमूल्य सुझाव पर अपने विचार प्रकट करने हेतु मेरे ब्लॉग http://rksirfiraa.blogspot.com & http://sirfiraa.blogspot.com देखें. अच्छी या बुरी टिप्पणियाँ आप करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें.

रविवार, अक्टूबर 03, 2010

संस्था के वार्षिक चुनाव

संस्था के वार्षिक चुनाव सम्पन्न हुए
नई दिल्ली : पश्च्मि दिल्ली के थाना-बिंदापुर के अंतगर्त आने वाली शीशराम पार्क कालोनी की वेलफेयर एसोसिएश्न "शीश राम पार्क सुधार सभा" (पंजीकृत) के वार्षिक चुनाव श्री गिरवर सिंह वशिष्ठ की अध्यक्षता में विगत दिन 2 अक्तूबर को संपन्न हुआ. जिसमें सर्वसम्मति से श्री गिरवर सिंह वशिष्ठ (सरंक्षक), श्रीराम शर्मा (प्रधान), अनिल बंसल (उपप्रधान), डॉ. बृजपाल शर्मा (महासचिव), चन्द्रशेखर(सहसचिव), राजकुमार अग्रवाल (कोषाध्यक्ष) और के. के. सक्सेना (लेखानिरीक्षक) आदि पदाधिकारियों की नियुक्ति की.

बांये से दांये-शीश राम पार्क सुधार सभा के पदाधिकारी श्री राजकुमार अग्रवाल, श्रीराम शर्मा, श्रीमती संतरा देवी, श्रीमती राजरानी, डॉ. बृजपाल शर्मा, अनिल बंसल, और चन्द्रशेखर.

इसके साथ ही हर वर्ष की भांति "शिव मंदिर धमार्थ सभा" (पंजीकृत) के भी चुनाव संपन्न हुए. जिसमें सर्वसम्मति से सरदार करनैल सिंह (सरंक्षक), लक्ष्मीचंद अग्रवाल (प्रधान), मास्टर प्रताप सिंह मुदगल (उपप्रधान), रामगोपाल त्यागी (महासचिव), बजरंग लाल गुप्ता (सहसचिव), जय भगवन अग्रवाल (कोषाध्यक्ष) और के. के. सिंह (लेखानिरीक्षक) आदि पदाधिकारियों की नियुक्ति की.

बांये से दांये-शिव मंदिर धमार्थ सभा के पदाधिकारी रामगोपाल त्यागी, के. के. सिंह, सरदार करनैल सिंह, लक्ष्मीचंद अग्रवाल, जय भगवन अग्रवाल, राणा राम गोयल और बजरंग लाल गुप्ता.

इसके बाद दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों ने आपसी सम्मति से क्षेत्रीय समाचार पत्र "जीवन का लक्ष्य" के संपादक श्री रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" को दोनों संस्थाओं के लिए  "मीडिया प्रभारी" के रूप में नियुक्त किया. जिससे समय-समय पर संस्था द्वारा किये जा रहे कार्यों की सूचनाओं से सभी अवगत हो सके.
बांये से दांये-शीश राम पार्क सुधार सभा व शिव मंदिर धमार्थ सभा के सरंक्षक श्री गिरवर सिंह वशिष्ठ और सरदार करनैल सिंह.

घरेलू क्लेश-फाँसी लगाई

घरेलू क्लेश से दुखी व्यक्ति ने लगाई फाँसी

नई दिल्ली : पश्च्मि दिल्ली के थाना बिंदापुर के अंतगर्त आने वाली शीशराम पार्क कालोनी में विगत दिन 30सितबर की सुबह अश्वनी कुमार (46 ) ने पंखे से लटककर ख़ुदकुशी कर ली. माँ कैलाश देवी ने सुबह मंदिर से आने के बाद कई आवाज लगाकर अश्वनी को ढूंढा. तब पहली मंजिल पर बने कमरे में पंखे से लटका देखा. फिर पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को दीनदयाल उपाध्यय अस्पताल भिजवाया. अश्वनी कुमार उत्तम नगर में स्थित मानस कुञ्ज रोड पर परचून की दुकान करते थें और इनके दो बेटे है. जिनकी आयु क्रमश: लगभग 19 साल और 12 साल है. सूत्रों की माने तो यह कहा जा रहा है कि-अश्वनी कुमार ने घरेलू क्लेश से दुखी होकर ही आत्महत्या की. पिछले तीन महीने से पत्नी ने मारपीट कर घर से बाहर निकाल रखा था. मानसिक तनाव के चलते डेढ़ महीने इधर-उधर भटकने के बाद ही पिछले डेढ़ महीने से अपनी माँ के पास रह रहा था. सभी परिजन मानसिक तनाव से उबरने के समझा-बुझा रहे थें. पति की सुरक्षा हेतु कोई कारगर कानून न होने की वजह से अक्सर पत्नी से उत्पीडत पति आत्महत्या कर लेते है. पुलिस को कोई सुसाईट नोट बरामद नहीं हुआ. पुलिस की जांच जारी है.
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यह है मेरे सच्चे हितेषी (इनको मेरी आलोचना करने के लिए धन्यवाद देता हूँ और लगातार आलोचना करते रहेंगे, ऐसी उम्मीद करता हूँ)
पाठकों और दोस्तों मुझसे एक छोटी-सी गलती हुई है.जिसकी सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगता हूँ. अधिक जानकारी के लिए "भारतीय ब्लॉग समाचार" पर जाएँ और थोड़ा-सा ध्यान इसी गलती को लेकर मेरा नजरिया दो दिन तक "सिरफिरा-आजाद पंछी" पर देखें.

आदरणीय शिखा कौशिक जी, मुझे जानकारी नहीं थीं कि सुश्री शालिनी कौशिक जी, अविवाहित है. यह सब जानकारी के अभाव में और भूलवश ही हुआ.क्योकि लगभग सभी ने आधी-अधूरी जानकारी अपने ब्लोगों पर डाल रखी है. फिर गलती तो गलती होती है.भूलवश "श्रीमती" के लिखने किसी प्रकार से उनके दिल को कोई ठेस लगी हो और किसी भी प्रकार से आहत हुई हो. इसके लिए मुझे खेद है.मुआवजा नहीं देने के लिए है.अगर कहो तो एक जैन धर्म का व्रत 3 अगस्त का उनके नाम से कर दूँ. इस अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.

मेरे बड़े भाई श्री हरीश सिंह जी, आप अगर चाहते थें कि-मैं प्रचारक पद के लिए उपयुक्त हूँ और मैं यह दायित्व आप ग्रहण कर लूँ तब आपको मेरी पोस्ट नहीं निकालनी चाहिए थी और उसके नीचे ही टिप्पणी के रूप में या ईमेल और फोन करके बताते.यह व्यक्तिगत रूप से का क्या चक्कर है. आपको मेरा दायित्व सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए था.जो कहा था उस पर आज भी कायम और अटल हूँ.मैंने "थूककर चाटना नहीं सीखा है.मेरा नाम जल्दी से जल्दी "सहयोगी" की सूची में से हटा दिया जाए.जो कह दिया उसको पत्थर की लकीर बना दिया.अगर आप चाहे तो मेरी यह टिप्पणी क्या सारी हटा सकते है.ब्लॉग या अखबार के मलिक के उपर होता है.वो न्याय की बात प्रिंट करता है या अन्याय की. एक बार फिर भूलवश "श्रीमती" लिखने के लिए क्षमा चाहता हूँ.सिर्फ इसका उद्देश्य उनको सम्मान देना था.
कृपया ज्यादा जानकारी के लिए निम्न लिंक देखे. पूरी बात को समझने के लिए http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html,
गलती की सूचना मिलने पर हमारी प्रतिक्रिया: http://blogkeshari.blogspot.com/2011/07/blog-post_4919.html

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