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शुक्रवार, नवंबर 29, 2013

एक अपील उत्तम नगर के मतदाताओं के नाम

सम्मानीय मतदाताओं, इस बार अपना अखबार "जीवन का लक्ष्य" आर्थिक कारणों से आप सब तक पहुंचाने में असमर्थ हूं लेकिन आप इस लिंक  www.sirfiraa.blogspot.in/2013/11/2013.html पर जाकर मेरा अखबार, मेरे विचार और घोषणा पत्र आदि पढ़ सकते हैं और इस लिंक www.ceodelhi.gov.in/WriteReadData/Affidavits/U05/SE/32/32Candidate.htm पर जाकर मेरी शिक्षा, आयु, व्यवसाय और संपत्ति आदि का ब्यौरा देख या डाऊनलोड कर सकते हैं। 
मेरा पूरा अखबार 'जीवन का लक्ष्य पढ़कर यदि आपकी आत्मा से मेरे लिए आवाज आये, तब ही मुझे वोट देना लेकिन अपना वोट जरूर डालें। आप चुनाव से संबंधित मेरे अन्य लेख और अन्य विषयों पर मेरी विचारधारा को मेरी फेसबुक आई डी www.facebook.com/sirfiraa & www.facebook.com/kaimara200 और ब्लोग्स www.rksirfiraa.blogspot.in, www.sirfiraa.blogspot.in, www.kaimra.blogspot.in आदि पर पढ़ सकते हैं और उत्तमनगर विधानसभा के नाम से पेज www.facebook.com/uttamnagarassembly पर अपनी समस्या रख सकते हैं व उस पेज पर मुझे बात करके अपनी समस्या के समाधान की सलाह ले सकते है। मेरा प्रयास रहेगा कि-वोटों और जाति-धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर आपकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो जायें। 
कोई भी पार्टी किसी गरीब को 'टिकट नहीं देती हैं, बल्कि धनवानों को टिकट देती हैं। ऐसी ही हकीकत देखने, जानने के लिए आप इस लिंक www.sirfiraa.blogspot.in/2013/05/blog-post.html को पढे़। जो पत्र(आवेदन) मैंने 'आम आदमी पार्टी को लिखें थें। स्वार्थी और धनवान व्यकित के साथ लोगों की भीड़ होती है। निस्वार्थी व्यक्ति  के पास त्याग भावना, अच्छा चरित्र, अच्छे संस्कार, उसकी ईमानदारी व योजनाएं, देश पर मर-मिटने का जज्बा, निडरता और उसकी हिम्मत साथ होती है। किसी ने सच ही कहा है कि ''आप जीते जी मरना सीख लो तो मृत्यु के भय से छूट जायेंगे।
  पूरी दुनियाँ पत्रकारों से बहुत उम्मीद करती हैं, क्या आप उत्तमनगर विधानसभा को 'उत्तम' बनाने और विकास करने के साथ ही उन्नति की ओर लेकर जाने में धर्म, जाति और दलों (पाटियों) से ऊपर उठकर मुझे अपनी वोट देना चाहेंगे? फिल्म 'नायक की कहानी को उत्तमनगर विधानसभा (जरूरत अनुसार) में हकीकत में बदलूंगा और उत्तमनगर विधानसभा को 'उत्तम' बनाऊंगा। अपना जीवन सार्वजनिक (24 घंटे सी.सी.टी.वी की नजरों में रहने को तैयार हूं।) जीऊंगा। जीतने पर न शादी करूंगा और न बच्चे पैदा करूंगा, सभी बच्चों को अपना बच्चा समझकर उनके हितों की रक्षा करूंगा। मुझे दौलत नहीं, दुआएं और पुण्य कर्म कमाने है। 
         क्या एक ईमानदार पत्रकार किसी जाति, धर्म का होता है? नहीं। वो जहाँ अन्याय हो रहा हो, वहाँ खड़ा होता है। क्या पत्रकार केवल समाचार बेचने वाला है? नहीं। वह सिर भी बेचता है और संघर्ष भी करता है। उसके जिम्मे कर्त्तव्य लगाया गया है कि वह अत्याचारी के अत्याचारों के विरूद्ध आवाज उठाए। एक सच्चे और ईमानदार पत्रकार का कर्त्तव्य हैं, प्रजा के दुख दूर करना, सरकार के अन्याय के विरूद्ध आवाज उठाना, उसे सही परामर्श देना और वह न माने तो उसके विरूद्ध संघर्ष करना। वह यह कर्त्तव्य नहीं निभाता है तो वह भी आम दुकानो की तरह एक दुकान है, किसी ने सब्जी बेच ली और किसी ने खबर।


-पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक,

निवेदक: शकुंतला प्रेस ऑफ इंडिया प्रकाशन द्वारा प्रकाशित जीवन का लक्ष्य (पाक्षिक समाचार पत्र)



उस मलिक ने हमें इंसान बनाया था, हमने धर्म बना दिये।

न मैं हिन्दू हूं, न मुस्लिम,
न मैं सिक्ख हूं, न ईसाई
सब धर्मों से बढ़कर है इंसानियत, 
सेवा करना ही बस मेरा धर्म 

अगर आपको बिजली, पानी, रसोई गैस, राशन (गेहूँ व चावल) और क्षेत्र का विकास चाहिए तो नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, श्री लालबहादुर शास्त्री व महात्मा गांधी जैसे सिद्धांतों वाले निष्पक्ष, निडर, आजाद विचार, अपराध विरोधी, आपकी सेवा में हमेशा तत्पर कवि, लेखक एवं उत्तमनगर विधानसभा के निर्दलीय उम्मीदवार पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ 'निर्भीक का चुनाव चिन्ह 'कैमरा' के सामने वाला बटन दबाकर विजयी बनायें।

चुनाव चिन्ह ''कैमरा के पूर्व प्रत्याशी (दिल्ली नगर निगम 2007 & 2012 में उत्तमनगर वार्ड नं. 127 व बिन्दापुर वार्ड नं. 128 और उत्तमनगर विधानसभा 2008) का देश, समाज व प्रशासन को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए नारा "आप मुझे वोट दो, मैं तुम्हारे अधिकारों के लिए अपना खून बहा दूंगा।" "भ्रष्टाचार मिटाओ, भारत बचाओ। तुम मेरा साथ दो, मैं तुम्हें समृद्ध भारत दूंगा।"

आशियाना :A-34-A, शीशराम पार्क,सामने-शिव मंदिर,उत्तम नगर,नई दिल्ली-59 फोन : 9910350461, 9868262751, 011-28563826 
E-mail: kaimara200@gmail.com, sirfiraa@gmail.com, rksirfiraa@gmail.com ,

गगन बेच देंगे, पवन बेच देंगे, चमन बेच देंगे, सुमन बेच देंगे। कलम के सच्चे सिपाही अगर सो गये, वतन के मसीहा वतन बेच देंगे।।

बुराई पर अच्छाई की विजय के लिए अपनी वोट जरूर डालें।

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यह है मेरे सच्चे हितेषी (इनको मेरी आलोचना करने के लिए धन्यवाद देता हूँ और लगातार आलोचना करते रहेंगे, ऐसी उम्मीद करता हूँ)
पाठकों और दोस्तों मुझसे एक छोटी-सी गलती हुई है.जिसकी सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगता हूँ. अधिक जानकारी के लिए "भारतीय ब्लॉग समाचार" पर जाएँ और थोड़ा-सा ध्यान इसी गलती को लेकर मेरा नजरिया दो दिन तक "सिरफिरा-आजाद पंछी" पर देखें.

आदरणीय शिखा कौशिक जी, मुझे जानकारी नहीं थीं कि सुश्री शालिनी कौशिक जी, अविवाहित है. यह सब जानकारी के अभाव में और भूलवश ही हुआ.क्योकि लगभग सभी ने आधी-अधूरी जानकारी अपने ब्लोगों पर डाल रखी है. फिर गलती तो गलती होती है.भूलवश "श्रीमती" के लिखने किसी प्रकार से उनके दिल को कोई ठेस लगी हो और किसी भी प्रकार से आहत हुई हो. इसके लिए मुझे खेद है.मुआवजा नहीं देने के लिए है.अगर कहो तो एक जैन धर्म का व्रत 3 अगस्त का उनके नाम से कर दूँ. इस अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.

मेरे बड़े भाई श्री हरीश सिंह जी, आप अगर चाहते थें कि-मैं प्रचारक पद के लिए उपयुक्त हूँ और मैं यह दायित्व आप ग्रहण कर लूँ तब आपको मेरी पोस्ट नहीं निकालनी चाहिए थी और उसके नीचे ही टिप्पणी के रूप में या ईमेल और फोन करके बताते.यह व्यक्तिगत रूप से का क्या चक्कर है. आपको मेरा दायित्व सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए था.जो कहा था उस पर आज भी कायम और अटल हूँ.मैंने "थूककर चाटना नहीं सीखा है.मेरा नाम जल्दी से जल्दी "सहयोगी" की सूची में से हटा दिया जाए.जो कह दिया उसको पत्थर की लकीर बना दिया.अगर आप चाहे तो मेरी यह टिप्पणी क्या सारी हटा सकते है.ब्लॉग या अखबार के मलिक के उपर होता है.वो न्याय की बात प्रिंट करता है या अन्याय की. एक बार फिर भूलवश "श्रीमती" लिखने के लिए क्षमा चाहता हूँ.सिर्फ इसका उद्देश्य उनको सम्मान देना था.
कृपया ज्यादा जानकारी के लिए निम्न लिंक देखे. पूरी बात को समझने के लिए http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html,
गलती की सूचना मिलने पर हमारी प्रतिक्रिया: http://blogkeshari.blogspot.com/2011/07/blog-post_4919.html

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