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गुरुवार, सितंबर 20, 2012

हम कौन है ?


म कौन है ? वैसे तो हम मात्र एक जीव के कुछ भी नहीं है. लेकिन इस मृत्युलोक (दुनियाँ) में हर एक मनुष्य की उसके नाम और काम से एक पहचान रखी गई है. हम भी एक तुच्छ से जीव मात्र है. लेकिन फिर भी हमारी एक पहचान है. जिसके बारे में मेरे कुछ दोस्त अक्सर मेरी प्रोफाइल की इन्फो देखें बिना ऐसी बातें पूछते रहते हैं. जो मैंने पहले से फेसबुक/ ऑरकुट/ गूगल पर डाल रखी है. अगर आप थोड़ा सा ध्यान से किसी की प्रोफाइल देख लें तो आपको काफी बातें पूछनी नहीं पड़ेगी और आपका व आपके दोस्त का काफी समय बच जायेगा. इसको एक बार ध्यान से पढ़ लो. आप मेरी उपरोक्त पोस्ट को अन्थया ना लें.

        कार्य एवं शिक्षा :-
नियोक्ता:-   शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन
    पागल संपादक · 11 अक्टूबर 1997 से अब तक
    "शकुंतला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन" परिवार द्वारा प्रकाशित पत्र-पत्रिकाएँ-जीवन का लक्ष्य (पाक्षिक) शकुंतला टाइम्स (मासिक), शकुंतला सर्वधर्म संजोग (मासिक), शकुंतला के सत्यवचन (साप्ताहिक) , उत्तम बाज़ार (त्रैमासिक)
 स्वामी (Proprietor) :-  शकुंतला एडवरटाईजिंग एजेंसी
           20 सितंबर 1995 से अब तक
व्यवसाय: प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकारिता व विज्ञापन बुकिंग.
"शकुंतला एडवरटाईजिंग एजेंसी"द्वारा सभी पत्र-पत्रिकायों की विज्ञापन बुकिंग होती है.
महाविद्यालय:-कालेज जाने का सौभाग्य ही नहीं मिला था, इसलिए आप अगूंठा छाप कह सकते हैं
उच्च माध्यमिक :-केवल स्कूल तक जाने का सौभाग्य प्राप्त है.

निवास:-वर्तमान शहर नई दिल्ली, New Delhi, India (मूलस्थान) जिला-जींद, हरियाणा
परिवार:-कैमरा- तीसरी आँख Partner(सहयोगी), रमेश कुमार सिरफिरा Partner(सहयोगी),

       वार्षिक इतिहास:-
1997-शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन में काम करना शुरू किया
1976- 20 अक्टूबर 1976 को जन्म हुआ
 

 अपने बारे में :-
मुझे देशभक्त, सिरफिरा पत्रकार, हिंदीप्रेमी और पत्रकारिता के क्षेत्र में सिरफिरा प्रेसरिपोर्टर के नाम से पहचाना जाता है.अन्याय का विरोध करना और अपने अधिकारों हेतु जान की बाज़ी तक लगा देना.हास्य-व्यंग साहित्य, लघुकथा-कहानी-ग़ज़ल-कवितायों का संग्रह,कानून की जानकारी वाली और पत्रकारिता का ज्ञान देने वाली किताबों का अध्ययन, लेखन, खोजबीन और समस्याग्रस्त लोगों की मदद करना.एक सच्चा, ईमानदार,स्वाभिमानी और मेहनती इंसान के रूप में पहचान.मै अपने क्षेत्र दिल्ली से चुनाव चिन्ह "कैमरा" पर निर्दलीय प्रत्याक्षी के रूप में तीन चुनाव लड़ चुका हूँ.दिल्ली नगर निगम 2007और 2012,वार्ड न.127 व 128 के साथ ही उत्तमनगर विधानसभा 2008 के तीनों चुनाव में बगैर किसी को दारू पिलाये ही मात्र अपनी अच्छी विचारधारा से काफी अच्छे वोट हासिल किये थें.मेरी फर्म-"शकुंतला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन" परिवार द्वारा प्रकाशित पत्र-पत्रिकाएँ :- जीवन का लक्ष्य (पाक्षिक),शकुंतला टाइम्स (मासिक), शकुंतला सर्वधर्म संजोग (मासिक), शकुंतला के सत्यवचन (साप्ताहिक), उत्तम बाज़ार (त्रैमासिक) "शकुंतला एडवरटाईजिंग एजेंसी" द्वारा सभी पत्र-पत्रिकायों की विज्ञापन बुकिंग होती है.
     दोस्तो, शोषण की भट्टी में खुद को झोंककर समाचार प्राप्त करने के लिए जलता हूँ. फिर उस पर अपने लिए और दूसरों के लिए महरम लगाने के एक बकवास से कार्य को लेखनी से अंजाम देता हूँ. आपका यह नाचीज़ दोस्त समाज हित में लेखन का कार्य करता है और कभी-कभी लेख की सच्चाई के लिए रंग-रूप बदलकर अनुभव प्राप्त करना पड़ता है. तब जाकर लेख का विषय पूरा होता है. इसलिए पत्रकारों के लिए कहा जाता है कि रोज पैदा होते हैं और रोज मरते हैं. बाकी आप अंपने विचारों से हमारे मस्तिष्क में ज्ञानरूपी ज्योत का प्रकाश करें. निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ सिरफिरा. सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना हैं ज़ोर कितना बाजू-ऐ-कातिल में है.

हम भी नवभारत टाइम्स पर एक छोटा सा ब्लॉग लिखते है,  कभी फुर्सत मिले तो पढ़ें -  http://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/SIRFIRAA-AAJAD-PANCHHI/

    मेरे अन्य ब्लोग्स भी है :-
रमेश कुमार सिरफिरा http://rksirfiraa.blogspot.in
सिरफिरा-आजाद पंछी http://sirfiraa.blogspot.in
कैमरा-तीसरी आँख http://kaimra.blogspot.in
सच का सामना(आत्मकथा)
 http://sach-ka-saamana.blogspot.in
सच्चा दोस्त http://sachchadost.blogspot.in
आपकी शायरी http://aap-ki-shayari.blogspot.in
मुबारकबाद http://mubarakbad.blogspot.in
आपको मुबारक हो http://aapkomubarakho.blogspot.in
शकुन्तला प्रेस ऑफ इंडिया प्रकाशन  http://shakuntalapress.blogspot.in
तीर्थंकर महावीर स्वामी जी http://tirthnkarmahavir.blogspot.in
शकुन्तला प्रेस का पुस्तकालय http://laibreri.blogspot.in

      मूलभूत जानकारी:-
जन्मदिन-20 अक्टूबर 1976 लिंग-पुरुष, इसमें रुचि है-पुरुष व स्त्री (Men and Women)
संबंध की स्थिति:-अकेला, एकल  (Separated)  भाषाएँ- हिन्दी-Hindi, पंजाबी-Punjabi,भोजपुरी-Bhojpuri और
हरियाणवीं-Hariyanvin ईमेल: rksirfiraa@gmail.com, कार्य ईमेल: sirfiraa@gmail.com
बच्चे: नहीं  जातीयता: एशियाई  धर्म: जैन, हिंदू   हास्य: बड़बोला/नक़लची, चतुर/शातिर, मैत्रीपूर्ण, गूढ़  
फ़ैशन: वैकल्पिक, न्यूनतम धूम्रपान: नहीं  मदिरापान: नहीं   
पालतू जानवर: मुझे पालतु पशु पसंद हैं जीवनशैली: अकेला, अभिभावकों के साथ
दीवानगी: अन्याय का विरोध, स्पोर्ट: क्रिकेट  खान-पान: साधारण शिक्षा: प्राथमिक  
हाई स्कूल: कक्षा दसवीं ही पास की हुई है. वर्ष: 1991 महाविद्यालय/विश्वविद्यालय: सौभाग्य नहीं मिला.
आंखों का रंग: काला बालों का रंग: काला बनावट: दुबला दिखावट: औसत  सर्वोत्तम विशेषता: होंठ
पसंद: दृढ़ता, कैंडललाइट, बुद्धिमता, लंबे बाल, स्नेह के प्रदर्शन
रुचि:- एक अभिलाषा-भ्रष्टाचार मुक्त, सर्वक्षेष्ट व समृध्द भारत देश में प्रजातंत्र, कभी-कभार फुर्सत मिलने पर ही:-क्रिकेट देखना और खेलना, सांप-सीढ़ी और लूडो खेलना, दिमागी कसरत वाली गेम कंप्यूटर व टी.वी. पर खेलना.  
पसंदीदा मूवी्स:- ऐसे सीरियल देखना जिनमें हंसी-मजाक के साथ कोई अच्छा संदेश हो और पारवारिक होने के साथ जीवन की राह पर चलने में मदद करते हो, देशभक्ति की प्रेरणा देने वाली फ़िल्में देखना  
पसंदीदा संगीत:- दर्द भरी गज़ल, हरियाणवी-पंजाबी लोकगीत, दर्द भरे-रोमांटिक-हिंदी पुराने व नये गाने, एफ.एम रेडियो आदि सुनना पसंदीदा  
पुस्तकें:- गृहशोभा-सरिता-गृहलक्ष्मी,  सत्य के प्रयोग (आत्मकथा-मोहन दास करमचंद गांधी), क्रांतिवीर सुभाषचन्द्र बोस, भारत के लाल-लाल बहादुर शास्त्री, अपराध कानून संहिता
धार्मिक विचार- जैन-Jain, श्वेताम्बर-Shwetamber
    तेरापंथी श्वेताम्बर, जैन. जिसके बारें में कहा जाता है कि-जैन धर्म की जाने वाली तपस्या विश्व में की जाने वाली तपस्यों में सबसे कठिन है.

    भगवान् महावीर स्वामी जी के समूह में आप भी शामिल हो और दोस्तों को भी करें:- http://www.facebook.com/groups/mahavirswamiji/ और ब्लॉग www.tirthnkarmahavir.blogspot.in देखें. भगवान महावीर स्वामी जी का सच्चा संदेश पूरे विश्व में फैले और जैन समाज में कुछ फैली कुरीतियों पर रोक लगे.जिससे संपूर्ण संसार जगत में द्वेष भावना खत्म होकर प्यार-प्रेम और भाईचारा कायम हो."जैन" कोई जाति नहीं, धर्म है.जैन-धर्म के सिध्दांतों में जो दृढ विश्वास रखता है और उनके अनुसार आचरण करता है, वही सच्चा जैन कहलाता है.इसको कोई भी अपनी स्वेच्छा से अपना सकता है

राजनैतिक विचार:-"राजनीति" सेवा करने का मंच है.
    हमारे देश के स्वार्थी नेता "राज-करने की नीति से कार्य करते हैं" और मेरी विचारधारा में "राजनीति" सेवा करने का मंच है.

    दोस्तों, क्या आप सोच सकते हैं कि "अनपढ़ और गँवार" लोगों का भी कोई ग्रुप इन्टरनेट की दुनिया पर भी हो सकता है. मैं आपका परिचय एक ऐसे ही ग्रुप से करवा रहा हूँ. जो हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु हिंदी प्रेमी ने बनाया है. जो अपना "नाम" करने पर विश्वास नहीं करता हैं बल्कि अच्छे "कर्म" करने के साथ ही देश प्रेम की भावना से प्रेरित होकर अपने आपको "अनपढ़ और गँवार" की संज्ञा से शोभित कर रहा है.अगर आपको विश्वास नहीं हो रहा, तब आप इस लिंक पर जाकर देख लो. http://www.facebook.com/groups/anpadh/ क्या आप भी उसमें शामिल होना चाहेंगे? फ़िलहाल इसके सदस्य बहुत कम है, मगर बहुत जल्द ही इसमें लोग शामिल होंगे. कृपया शामिल होने से पहले नियम और शर्तों को अवश्य पढ़ लेना आपके लिए हितकारी होगा.एक बार जरुर देखें.

         संपर्क जानकारी:-
मोबाइल फ़ोन : 099 10 350461 Verify   098 68 262751 (सत्यापित-Verify)
अन्य फोन Other Phones     011 2856 3826    घर
पता: शकुंतला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन, A-34-A,शीशराम पार्क, सामने-शिव मंदिर, उत्तम नगर, राज्य: दिल्ली, पिन कोड: 110059
Screen Names- जैन गूगल बातचीत, सिरफिरा Orkut

                 वेबसाइट :-
रमेश कुमार सिरफिरा http://rksirfiraa.blogspot.in
सिरफिरा-आजाद पंछी http://sirfiraa.blogspot.in
कैमरा-तीसरी आँख http://kaimra.blogspot.in
सच का सामना(आत्मकथा) 
http://sach-ka-saamana.blogspot.in
सच्चा दोस्त http://sachchadost.blogspot.in
आपकी शायरी http://aap-ki-shayari.blogspot.in
मुबारकबाद http://mubarakbad.blogspot.in
आपको मुबारक हो http://aapkomubarakho.blogspot.in
शकुन्तला प्रेस ऑफ इंडिया प्रकाशन  http://shakuntalapress.blogspot.in
तीर्थंकर महावीर स्वामी जी http://tirthnkarmahavir.blogspot.in
शकुन्तला प्रेस का पुस्तकालय http://laibreri.blogspot.in  और
(जिनपर कार्य चल रहा है,जल्द ही में पूरा होने की संभवाना है)
शकुन्तला महिला कल्याण कोष 
 http://shakuntala-mkk.blogspot.in
मानव सेवा एकता मंच http://manawsewa.blogspot.in


  मेरे द्वारा फेसबुक पर डाली फोटोग्राफ्स :-
https://www.facebook.com/kaimara200/photos
समय की परत ने मासूमित से एक जिम्मेदार इंसान बनाने में बहुत मदद की. समय के साथ-साथ चेहरा बदला, शौक बदले, कार्यशैली बदली, रुढ़िवादी विचारों ने साथ छोड़ा, नए विचारों का आगमन हुआ. मैट्रिक कक्षा से लेकर अब तक के मेरे कुछ पुराने चित्रों का यहाँ पर  अवलोकन आप भी करें.
https://www.facebook.com/media/set/?set=a.404481089606606.94312.100001341566208&type=3&l=bb584d3c49

     पसन्दीदा उक्तियाँ :-
ईमानदारी सर्वश्रेष्‍ठ नीति है,अभ्‍यास परिपूर्ण बनाता है. प्रत्येक व्यक्ति अपना भाग्य ख़ुद बनाता है.सादगी ही सर्वश्रेष्ठ दुनियादारी है.

मेरे/अपने बारे में एक वेबसाइट को अपनी जन्मतिथि, समय और स्थान भेजने के बाद यह कहना है कि-आप अपने पिछले जन्म में एक थिएटर कलाकार थे. आप कला के लिए जुनून अपने विचारों में स्वतंत्र है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं. यह पता नहीं कितना सच है, मगर अंजाने में हुई किसी प्रकार की गलती के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ . हम बस यह कहते कि-आप आये हो, एक दिन लौटना भी होगा.फिर क्यों नहीं? तुम ऐसा करों तुम्हारे अच्छे कर्मों के कारण तुम्हें पूरी दुनियां हमेशा याद रखें.धन-दौलत कमाना कोई बड़ी बात नहीं, पुण्य/कर्म कमाना ही बड़ी बात है.

क्या पत्रकार केवल समाचार बेचने वाला है? नहीं. वह सिर भी बेचता है और संघर्ष भी करता है. उसके जिम्मे कर्त्तव्य लगाया गया है कि-वह अत्याचारी के अत्याचारों के विरुध्द आवाज उठाये. एक सच्चे और ईमानदार पत्रकार का कर्त्तव्य हैं, प्रजा के दुःख दूर करना, सरकार के अन्याय के विरुध्द आवाज उठाना, उसे सही परामर्श देना और वह न माने तो उसके विरुध्द संघर्ष करना. वह यह कर्त्तव्य नहीं निभाता है तो वह भी आम दुकानों की तरह एक दुकान है किसी ने सब्जी बेच ली और किसी ने खबर.

समय की मांग,हिंदी में काम.हिंदी के प्रयोग में संकोच कैसा,यह हमारी अपनी भाषा है.हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.हिन्दी का खूब प्रयोग करे.इससे हमारे देश की शान होती है.राष्ट्र के प्रति हर व्यक्ति का पहला धर्म है अपने राष्ट्र की राष्ट्रभाषा का सम्मान करना.नेत्रदान महादान आज ही करें.आपके द्वारा किया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है.

1 टिप्पणी:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (22-09-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    उत्तर देंहटाएं

अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. आप हमारी या हमारे ब्लोगों की आलोचनात्मक टिप्पणी करके हमारा मार्गदर्शन करें और हम आपकी आलोचनात्मक टिप्पणी का दिल की गहराईयों से स्वागत करने के साथ ही प्रकाशित करने का आपसे वादा करते हैं. आपको अपने विचारों की अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता है. लेकिन आप सभी पाठकों और दोस्तों से हमारी विनम्र अनुरोध के साथ ही इच्छा हैं कि-आप अपनी टिप्पणियों में गुप्त अंगों का नाम लेते हुए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए टिप्पणी ना करें. मैं ऐसी टिप्पणियों को प्रकाशित नहीं करूँगा. आप स्वस्थ मानसिकता का परिचय देते हुए तर्क-वितर्क करते हुए हिंदी में टिप्पणी करें.

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यह है मेरे सच्चे हितेषी (इनको मेरी आलोचना करने के लिए धन्यवाद देता हूँ और लगातार आलोचना करते रहेंगे, ऐसी उम्मीद करता हूँ)
पाठकों और दोस्तों मुझसे एक छोटी-सी गलती हुई है.जिसकी सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगता हूँ. अधिक जानकारी के लिए "भारतीय ब्लॉग समाचार" पर जाएँ और थोड़ा-सा ध्यान इसी गलती को लेकर मेरा नजरिया दो दिन तक "सिरफिरा-आजाद पंछी" पर देखें.

आदरणीय शिखा कौशिक जी, मुझे जानकारी नहीं थीं कि सुश्री शालिनी कौशिक जी, अविवाहित है. यह सब जानकारी के अभाव में और भूलवश ही हुआ.क्योकि लगभग सभी ने आधी-अधूरी जानकारी अपने ब्लोगों पर डाल रखी है. फिर गलती तो गलती होती है.भूलवश "श्रीमती" के लिखने किसी प्रकार से उनके दिल को कोई ठेस लगी हो और किसी भी प्रकार से आहत हुई हो. इसके लिए मुझे खेद है.मुआवजा नहीं देने के लिए है.अगर कहो तो एक जैन धर्म का व्रत 3 अगस्त का उनके नाम से कर दूँ. इस अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.

मेरे बड़े भाई श्री हरीश सिंह जी, आप अगर चाहते थें कि-मैं प्रचारक पद के लिए उपयुक्त हूँ और मैं यह दायित्व आप ग्रहण कर लूँ तब आपको मेरी पोस्ट नहीं निकालनी चाहिए थी और उसके नीचे ही टिप्पणी के रूप में या ईमेल और फोन करके बताते.यह व्यक्तिगत रूप से का क्या चक्कर है. आपको मेरा दायित्व सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए था.जो कहा था उस पर आज भी कायम और अटल हूँ.मैंने "थूककर चाटना नहीं सीखा है.मेरा नाम जल्दी से जल्दी "सहयोगी" की सूची में से हटा दिया जाए.जो कह दिया उसको पत्थर की लकीर बना दिया.अगर आप चाहे तो मेरी यह टिप्पणी क्या सारी हटा सकते है.ब्लॉग या अखबार के मलिक के उपर होता है.वो न्याय की बात प्रिंट करता है या अन्याय की. एक बार फिर भूलवश "श्रीमती" लिखने के लिए क्षमा चाहता हूँ.सिर्फ इसका उद्देश्य उनको सम्मान देना था.
कृपया ज्यादा जानकारी के लिए निम्न लिंक देखे. पूरी बात को समझने के लिए http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/blog-post_17.html,
गलती की सूचना मिलने पर हमारी प्रतिक्रिया: http://blogkeshari.blogspot.com/2011/07/blog-post_4919.html

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